West Asia Crisis Live: तेल डिपो के बाद गैस संयंत्रों पर अमेरिका ने किया हमला, ईरानी महिला फुटबॉल टीम लौटी देश
Israel Iran War News in Hindi Live: पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है। अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष 19वें दिन में और खतरनाक हो गया है। मिसाइल और ड्रोन हमले तेज हो चुके हैं, वहीं होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज भी निशाने पर हैं। इस बीच, इस्राइल ने अली लारीजानी और बसीज कमांडर गुलामरेजा सुलेमानी को मारने का दावा किया, ईरान ने भी दो शीर्ष अधिकारियों की हत्या की पुष्टि की है। अमर उजाला के इस लाइव ब्लॉग में पढ़ें पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से जुड़े तमाम पल-पल अपडेट्स...
लाइव अपडेट
तेल कीमतों के दबाव में ट्रंप का फैसला, जोंस एक्ट में 60 दिन की ढील
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बढ़ती तेल कीमतों के बीच बड़ा फैसला लिया है। व्हाइट हाउस के अनुसार, ट्रंप ने जोंस एक्ट के नियमों में 60 दिनों की छूट देने का ऐलान किया है। इससे अमेरिकी बंदरगाहों के बीच सामान ढोने के लिए सिर्फ अमेरिकी जहाजों की बाध्यता अस्थायी रूप से हटेगी। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब अमेरिका और इस्राइल का ईरान के साथ संघर्ष जारी है और तेल की कीमतों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।
महिला फुटबॉल टीम की वापसी, शरण मांगने वाली खिलाड़ी चर्चा में
ईरान की महिला फुटबॉल टीम ऑस्ट्रेलिया दौरे से वापस देश लौट आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दौरे के दौरान टीम की कुछ खिलाड़ियों ने ऑस्ट्रेलिया में शरण मांगी थी। हालांकि इस मामले पर अभी ज्यादा आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। खिलाड़ियों के इस कदम को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। टीम की वापसी के बाद आगे की स्थिति पर सबकी नजर बनी हुई है।साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमला, ईरान में बढ़ी चिंता
ईरान के सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि देश के प्रमुख ऑफशोर साउथ पार्स गैस फील्ड से जुड़े प्राकृतिक गैस संयंत्रों पर हमला हुआ है। हालांकि हमले के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है। यह फील्ड ईरान की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है। इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। फिलहाल नुकसान और हमले की जिम्मेदारी को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।भारत से मिली मदद पर ईरान ने जताया आभार, मेडिकल सहायता की पहली खेप पहुंची
भारत की ओर से भेजी गई मेडिकल सहायता की पहली खेप ईरान पहुंच गई है। भारत में ईरान के दूतावास ने इसकी पुष्टि करते हुए भारतीय जनता का धन्यवाद किया है। इस कदम को दोनों देशों के बीच मानवीय सहयोग और रिश्तों की मजबूती के रूप में देखा जा रहा है। ईरान के दूतावास ने कहा कि भारत के लोगों की ओर से भेजी गई यह सहायता ईरानी रेड क्रिसेंट सोसायटी तक पहुंच चुकी है। दूतावास ने बयान में कहा कि हम भारत के लोगों का दिल से धन्यवाद करते हैं।Embassy of the Islamic Republic of Iran in India says, "The first shipment of medical aid from the esteemed people of India has been delivered to the Iranian Red Crescent Society. We sincerely thank the kind people of India."
— ANI (@ANI) March 18, 2026
(Video source: Embassy of the Islamic Republic of… pic.twitter.com/6LobbWCdmY
यूएन में ईरान बोला- इस्राइल और अमेरिका को जवाबदेह ठहराया जाए
ईरान के संयुक्त राष्ट्र में स्थायी प्रतिनिधि अमीर सईद ईरावानी ने यूएन महासभा को लिखे पत्र में इस्राइल और अमेरिका पर ईरान के खिलाफ लगातार आक्रमण का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस्राइल की कार्रवाई ने नागरिकों की जान ली और बुनियादी ढांचे को नष्ट किया। ईरावानी ने यूएन सुरक्षा परिषद से आग्रह किया कि वे अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन कर आक्रामकों को जवाबदेह ठहराएं। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अपनी संप्रभुता, राष्ट्रीय अखंडता और नागरिकों की रक्षा करने का कानूनी अधिकार रखता है।
पत्र में दावा किया गया कि 28 फरवरी से इस्राइल और अमेरिका के हमलों में कम से कम 1,348 नागरिक, जिनमें 233 महिलाएं और 202 बच्चे शामिल हैं, मारे गए और लगभग 19,734 नागरिक संरचनाएं नष्ट हुई हैं। ईरान ने अपने मिसाइल और ड्रोन हमलों को वैध आत्मरक्षा बताया। ईरान ने कहा कि पड़ोसी देशों की जिम्मेदारी है कि उनके क्षेत्र का उपयोग ईरान के खिलाफ आक्रमण के लिए न हो।
शीर्ष नेताओं की हत्या के बावजूद ईरान मजबूत स्थिति में: अराघची
ईरान के विदेश मंत्री अब्दुल्ला अराघची ने कहा है कि हाल ही में शीर्ष अधिकारियों अली लारीजानी और बासिज कमांडर गोलामरेजा सोलैमानी की हत्या के बावजूद ईरान का राजनीतिक और प्रशासनिक सिस्टम मजबूती से खड़ा है। अराघची ने जोर देकर कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक को झटकों से नष्ट नहीं किया जा सकता और कोई भी व्यक्ति, चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, पूरे देश के सिस्टम को अस्थिर नहीं कर सकता। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान का ढांचा इस तरह बनाया गया है कि किसी एक नेता की गैरमौजूदगी से व्यवस्था प्रभावित नहीं होती।
विदेश मंत्री का यह बयान उन हालात के बीच आया है, जब देश के कुछ उच्च अधिकारी लक्षित हमलों में मारे गए थे। अराघची ने जनता को भरोसा दिलाया कि ईरान की सरकार और संस्थाएं अपने कामकाज में पूरी तरह सक्षम हैं और देश के सुरक्षा और स्थिरता को बनाए रखा जाएगा।
लेबनान के बेरूत में इस्राइल हवाई हमले के बाद इमारत ढही
लेबनान की राजधानी बेरूत में इस्राइल के हवाई हमले के बाद एक इमारत ढह गई। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, हादसे में कई लोग फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों ने बचाव और राहत कार्य तुरंत शुरू कर दिया है। बता दें कि यह हमला बेरूत के केंद्र में हुआ, जहां नागरिक और आवासीय क्षेत्र भी शामिल हैं। स्थानीय मीडिया के अनुसार, इलाके में भारी तोड़फोड़ और नुकसान हुआ है। बचाव दल अब मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटे हैं।
इस्राइल ने लेबनान के बेका वैली में नए हवाई हमले किए
इस्राइल की सेना ने लेबनान के सोहमोर शहर पर दो नए हवाई हमले किए हैं, जैसी जानकारी राज्य मीडिया NNA ने दी। पहले हुए हमले में चार लोगों की मौत हो गई थी, जब सोहमोर में चार घरों को निशाना बनाया गया था। अधिकारियों ने कहा है कि क्षेत्र में सुरक्षा हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं।
सऊदी अरब ने ड्रोन और मिसाइल हमलों की नई लहर रोकी गई
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि हाल ही में देश के पूर्वी हिस्से में दो चरणों में ड्रोन हमलों को रोक दिया गया। इसके कुछ घंटे पहले ही मंत्रालय ने अल-खारज गवर्नरेट में एक बैलिस्टिक मिसाइल को भी नष्ट किया था। मिसाइल के मलबे प्रिंस सुल्तान एयर बेस के पास गिरा, लेकिन किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ। मंत्रालय ने कहा कि हवाई सुरक्षा बल लगातार सतर्क हैं और किसी भी खतरे को रोकने के लिए तैयार हैं।
बेरूत में इस्राइली सेना का हमला, जोरदार धमाका और हाहाकार
बेरूत के बाकौरा इलाके में इस्राइली सेना ने एक इमारत पर हमला किया, जिससे जोरदार धमाका हुआ। इस हमले के तुरंत बाद इस्राइली सेना ने इलाके में रहने वालों को तुरंत खाली करने का आदेश भी जारी किया। इसके पहले, केंद्रीय बेरूत के जुकाक अल-ब्लात और अल-बस्ता इलाकों में तीन अपार्टमेंट बिल्डिंग पर इस्राइली हमले में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई और 24 लोग घायल हुए। स्थानीय मीडिया और एजेंसियों ने बताया कि हमले के बाद इलाके में भय का माहौल है और सुरक्षा बल घटनास्थल पर मौजूद हैं।