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West Asia LIVE: ईरान का नया शांति प्रस्ताव, ट्रंप पर 1 मई के बाद युद्ध जारी रखने को लेकर बढ़ा सियासी संकट

Wed, 29 Apr 2026 11:56 AM IST
अमन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: अमन तिवारी Updated Wed, 29 Apr 2026 11:56 AM IST
खास बातें

पश्चिम एशिया में 28 फरवरी से शुरू हुई जंग फिलहाल युद्धविराम की छांव में है। पर्दे के पीछे से अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत के प्रयास किए जा रहे हैं। इस बीच अमेरिका ने ईरान के शैडो बैंकिंग नेटवर्क से जुड़े कई संस्थानों और लोगों पर प्रतिबंध लगा दिया हैं।पश्चिम एशिया संघर्ष से जुड़े सभी अपडेट्स यहां पढ़िए...

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पश्चिम एशिया संकट - फोटो : अमर उजाला

लाइव अपडेट

09:32 PM, 29-Apr-2026

ईरान के साथ युद्ध में अब तक अनुमानित 25 अरब डॉलर खर्च: पेंटागन

अमेरिका के रक्षा मंत्रालय के शीर्ष वित्तीय अधिकारी ने कानून निर्माताओं (सांसदों) को बताया कि ईरान के साथ युद्ध की अब तक की लागत अनुमानित 25 अरब डॉलर तक पहुंच गई है। हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमेटी की सुनवाई के दौरान कार्यवाहक प्रवर सचिव (वित्त) जूल्स हर्स्ट तृतीय ने बुधवार को कहा कि इस रकम का बड़ा हिस्सा हथियारों और गोला-बारूद पर खर्च किया गया है। उन्होंने बताया कि सेना ने सैन्य अभियानों को चलाने और उपकरणों की भरपाई करने पर भी काफी पैसा खर्च किया है।
09:11 PM, 29-Apr-2026

विदेश मंत्री जयशंकर ने ईरानी समकक्ष से की फोन पर बात

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची से फोन पर बात की है। दोनों नेताओं ने क्षेत्र के हालात पर चर्चा की है। जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, आज शाम ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का फोन आया। हमने मौजूदा हालात के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। हम एक-दूसरे के साथ नजदीक से संपर्क में रहने पर सहमत हुए।
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11:55 AM, 29-Apr-2026

होर्मुज जलडमरूमध्य को सौदेबाजी का हथियार न बनाया जाए- कतर की अपील

अमेरिका और ईरान के बीच जारी कूटनीतिक गतिरोध के बीच कतर ने खाड़ी क्षेत्र में समुद्री स्थिरता बनाए रखने की जोरदार अपील की है। कतर ने साफ कहा है कि रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य को किसी भी स्थिति में सौदेबाजी का साधन नहीं बनाया जाना चाहिए।

अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि जब तक शांति वार्ता ठप है, तब तक महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों को भू-राजनीतिक दबाव से दूर रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम इस जलमार्ग की सुरक्षा किसी भी तरह की राजनीतिक खींचतान से प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
11:07 AM, 29-Apr-2026

ईरान का सख्त रुख, कहा- हालात अभी भी युद्ध जैसे, हर गतिविधि पर नजर

ईरान ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा स्थिति को वह सामान्य नहीं मानता और उसके लिए हालात अब भी युद्ध जैसे ही बने हुए हैं। प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी सेना के प्रवक्ता ने कहा कि संघर्ष पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। प्रवक्ता ने बताया कि देश की सेना और सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी और सर्विलांस में जुटी हैं, ताकि हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सके और किसी भी संभावित खतरे का तुरंत जवाब दिया जा सके। ईरान ने अपने विरोधियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर कोई नई कार्रवाई की जाती है, तो उसका जवाब नए हथियारों, नई रणनीतियों और अलग-अलग मोर्चों पर दिया जाएगा।
10:05 AM, 29-Apr-2026

क्या 1 मई के बाद भी ईरान पर जारी रह सकता है सैन्य अभियान?

अमेरिका में 'वॉर पावर्स रेजोल्यूशन 1973' नाम का एक कानून लागू है, जिसके अनुसार अगर राष्ट्रपति बिना कांग्रेस की मंजूरी के सैन्य कार्रवाई करते हैं, तो उन्हें 60 दिनों के भीतर संसद से अनुमति लेना अनिवार्य होता है। रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका ने 28 फरवरी को ईरान पर सैन्य कार्रवाई की थी, लेकिन इसकी आधिकारिक जानकारी संसद को 2 मार्च को दी गई। इस स्थिति में ट्रंप प्रशासन के पास 1 मई तक कांग्रेस की मंजूरी लेने का समय है। यदि ऐसा नहीं होता, तो कानून के अनुसार सैन्य कार्रवाई रोकनी पड़ सकती है।

कांग्रेस की मंजूरी के लिए हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट दोनों में साधारण बहुमत की जरूरत होती है, लेकिन अभी तक यह समर्थन नहीं मिल सका है। बताया जा रहा है कि कम से कम 10 रिपब्लिकन सांसद भी इस कार्रवाई के विरोध में हैं। हालांकि नियम यह कहता है कि मंजूरी न मिलने पर सैन्य कार्रवाई समाप्त होनी चाहिए, लेकिन व्यवहार में ऐसा हमेशा नहीं होता। अतीत में कई अमेरिकी राष्ट्रपति इस कानून की व्याख्या अपने तरीके से करते रहे हैं और इसे लेकर कानूनी बहस भी होती रही है।

08:04 AM, 29-Apr-2026

ईरान की नई शांति पहल

ईरान आने वाले कुछ दिनों में पाकिस्तान में मौजूद मध्यस्थों के जरिए युद्ध समाप्त करने के लिए एक नया प्रस्ताव पेश करने की तैयारी कर रहा है। सीएनएन की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है क्योंकि पूर्व में दिया गया प्रस्ताव डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकार नहीं किया था।

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04:56 AM, 29-Apr-2026

अमेरिकी सेना ने समुद्र में संदिग्ध जहाज को रोका

अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी के दौरान एक और व्यापारिक जहाज ब्लू स्टार III की तलाशी ली। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि मरीन सैनिकों ने हेलीकॉप्टर से रस्सी के सहारे जहाज पर उतरकर जांच की। जब यह पुष्टि हो गई कि जहाज ईरान के किसी भी बंदरगाह पर नहीं जा रहा है, तो उसे आगे बढ़ने की अनुमति दे दी गई।

ट्रंप प्रशासन ने दो हफ्ते पहले ईरान की समुद्री नाकेबंदी शुरू की थी। तब से अब तक अमेरिकी सेना ने कम से कम चार व्यापारिक जहाजों की तलाशी ली है। यह पहला मौका है जब किसी जहाज को हिरासत में लेने के बजाय छोड़ दिया गया। अमेरिका ने यह नाकेबंदी ईरान पर दबाव बनाने के लिए की है। 
04:37 AM, 29-Apr-2026

ईरानी अधिकारी ने ईरान के खिलाफ ट्रंप की धमकियों की निंदा की

भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के उप प्रतिनिधि डॉ मोहम्मद हुसैन जियाईनिया ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों का कड़ा विरोध किया है। ट्रंप ने शांति समझौता न होने पर ईरान के बुनियादी ढांचे को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। जियाईनिया ने कहा कि ट्रंप खुलेआम अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन कर रहे हैं, लेकिन संयुक्त राष्ट्र और अन्य संगठन इस पर चुप हैं।
04:09 AM, 29-Apr-2026

दक्षिणी लेबनान पर इस्राइली हवाई हमले में दो की मौत, 13 घायल

दक्षिण लेबनान के जेबचित शहर पर इस्राइल ने हवाई हमला किया है। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, इस हमले में दो लोगों की मौत हो गई। आधिकारिक नेशनल न्यूज एजेंसी ने जानकारी दी कि नबातियेह जिले में हुए इस हमले में 13 अन्य लोग घायल हुए हैं। मंगलवार को लेबनान में हुए अलग-अलग इस्राइली हमलों में कुल मिलाकर कम से कम 11 लोग मारे गए और 30 घायल हुए। इन पीड़ितों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
02:21 AM, 29-Apr-2026

इस्राइल का अगला निशाना लेबनान के ड्रोन

इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार को घोषणा की कि लेबनान में अब ड्रोन उनका अगला निशाना हैं। उन्होंने कहा कि दक्षिण लेबनान में हिजबुल्लाह की सुरंगें नष्ट करने के बाद भी अभियान जारी रहेगा। नेतन्याहू ने ड्रोन के खतरे को खत्म करने के लिए कुछ हफ्ते पहले ही एक विशेष प्रोजेक्ट के निर्देश दिए थे। इस्राइली सेना ने कंतारा में एक शक्तिशाली धमाका किया, जिसे भूकंप के रूप में दर्ज किया गया। सेना ने हिजबुल्लाह की दो बड़ी सुरंगें तबाह की हैं। इनमें से एक 800 मीटर और दूसरी 1.2 किलोमीटर लंबी थी। इन सुरंगों में रहने की व्यवस्था और इस्राइल की ओर निशाना साधने वाले लॉन्चर थे। ये सुरंगें मस्जिद, स्कूल और खेल के मैदान के पास बनी थीं। इस्राइली रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने हिजबुल्लाह के ठिकानों को गाजा की तरह नष्ट करने का आदेश दिया है। इस बीच, एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इस्राइल की आलोचना की है। संस्था ने देबेल गांव में सोलर पैनल और वाटर स्टेशन तोड़ने पर आपत्ति जताई है। 
 
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