West Asia LIVE: ईरान का नया शांति प्रस्ताव, ट्रंप पर 1 मई के बाद युद्ध जारी रखने को लेकर बढ़ा सियासी संकट
पश्चिम एशिया में 28 फरवरी से शुरू हुई जंग फिलहाल युद्धविराम की छांव में है। पर्दे के पीछे से अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत के प्रयास किए जा रहे हैं। इस बीच अमेरिका ने ईरान के शैडो बैंकिंग नेटवर्क से जुड़े कई संस्थानों और लोगों पर प्रतिबंध लगा दिया हैं।पश्चिम एशिया संघर्ष से जुड़े सभी अपडेट्स यहां पढ़िए...
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ईरान के साथ युद्ध में अब तक अनुमानित 25 अरब डॉलर खर्च: पेंटागन
अमेरिका के रक्षा मंत्रालय के शीर्ष वित्तीय अधिकारी ने कानून निर्माताओं (सांसदों) को बताया कि ईरान के साथ युद्ध की अब तक की लागत अनुमानित 25 अरब डॉलर तक पहुंच गई है। हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमेटी की सुनवाई के दौरान कार्यवाहक प्रवर सचिव (वित्त) जूल्स हर्स्ट तृतीय ने बुधवार को कहा कि इस रकम का बड़ा हिस्सा हथियारों और गोला-बारूद पर खर्च किया गया है। उन्होंने बताया कि सेना ने सैन्य अभियानों को चलाने और उपकरणों की भरपाई करने पर भी काफी पैसा खर्च किया है।विदेश मंत्री जयशंकर ने ईरानी समकक्ष से की फोन पर बात
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची से फोन पर बात की है। दोनों नेताओं ने क्षेत्र के हालात पर चर्चा की है। जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, आज शाम ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का फोन आया। हमने मौजूदा हालात के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। हम एक-दूसरे के साथ नजदीक से संपर्क में रहने पर सहमत हुए।होर्मुज जलडमरूमध्य को सौदेबाजी का हथियार न बनाया जाए- कतर की अपील
अमेरिका और ईरान के बीच जारी कूटनीतिक गतिरोध के बीच कतर ने खाड़ी क्षेत्र में समुद्री स्थिरता बनाए रखने की जोरदार अपील की है। कतर ने साफ कहा है कि रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य को किसी भी स्थिति में सौदेबाजी का साधन नहीं बनाया जाना चाहिए।अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि जब तक शांति वार्ता ठप है, तब तक महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों को भू-राजनीतिक दबाव से दूर रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम इस जलमार्ग की सुरक्षा किसी भी तरह की राजनीतिक खींचतान से प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
ईरान का सख्त रुख, कहा- हालात अभी भी युद्ध जैसे, हर गतिविधि पर नजर
ईरान ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा स्थिति को वह सामान्य नहीं मानता और उसके लिए हालात अब भी युद्ध जैसे ही बने हुए हैं। प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी सेना के प्रवक्ता ने कहा कि संघर्ष पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। प्रवक्ता ने बताया कि देश की सेना और सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी और सर्विलांस में जुटी हैं, ताकि हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सके और किसी भी संभावित खतरे का तुरंत जवाब दिया जा सके। ईरान ने अपने विरोधियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर कोई नई कार्रवाई की जाती है, तो उसका जवाब नए हथियारों, नई रणनीतियों और अलग-अलग मोर्चों पर दिया जाएगा।क्या 1 मई के बाद भी ईरान पर जारी रह सकता है सैन्य अभियान?
अमेरिका में 'वॉर पावर्स रेजोल्यूशन 1973' नाम का एक कानून लागू है, जिसके अनुसार अगर राष्ट्रपति बिना कांग्रेस की मंजूरी के सैन्य कार्रवाई करते हैं, तो उन्हें 60 दिनों के भीतर संसद से अनुमति लेना अनिवार्य होता है। रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका ने 28 फरवरी को ईरान पर सैन्य कार्रवाई की थी, लेकिन इसकी आधिकारिक जानकारी संसद को 2 मार्च को दी गई। इस स्थिति में ट्रंप प्रशासन के पास 1 मई तक कांग्रेस की मंजूरी लेने का समय है। यदि ऐसा नहीं होता, तो कानून के अनुसार सैन्य कार्रवाई रोकनी पड़ सकती है।
कांग्रेस की मंजूरी के लिए हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट दोनों में साधारण बहुमत की जरूरत होती है, लेकिन अभी तक यह समर्थन नहीं मिल सका है। बताया जा रहा है कि कम से कम 10 रिपब्लिकन सांसद भी इस कार्रवाई के विरोध में हैं। हालांकि नियम यह कहता है कि मंजूरी न मिलने पर सैन्य कार्रवाई समाप्त होनी चाहिए, लेकिन व्यवहार में ऐसा हमेशा नहीं होता। अतीत में कई अमेरिकी राष्ट्रपति इस कानून की व्याख्या अपने तरीके से करते रहे हैं और इसे लेकर कानूनी बहस भी होती रही है।
ईरान की नई शांति पहल
ईरान आने वाले कुछ दिनों में पाकिस्तान में मौजूद मध्यस्थों के जरिए युद्ध समाप्त करने के लिए एक नया प्रस्ताव पेश करने की तैयारी कर रहा है। सीएनएन की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है क्योंकि पूर्व में दिया गया प्रस्ताव डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकार नहीं किया था।
अमेरिकी सेना ने समुद्र में संदिग्ध जहाज को रोका
अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी के दौरान एक और व्यापारिक जहाज ब्लू स्टार III की तलाशी ली। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि मरीन सैनिकों ने हेलीकॉप्टर से रस्सी के सहारे जहाज पर उतरकर जांच की। जब यह पुष्टि हो गई कि जहाज ईरान के किसी भी बंदरगाह पर नहीं जा रहा है, तो उसे आगे बढ़ने की अनुमति दे दी गई।ट्रंप प्रशासन ने दो हफ्ते पहले ईरान की समुद्री नाकेबंदी शुरू की थी। तब से अब तक अमेरिकी सेना ने कम से कम चार व्यापारिक जहाजों की तलाशी ली है। यह पहला मौका है जब किसी जहाज को हिरासत में लेने के बजाय छोड़ दिया गया। अमेरिका ने यह नाकेबंदी ईरान पर दबाव बनाने के लिए की है।
Earlier today in the Arabian Sea, U.S. Marines from the 31st Marine Expeditionary Unit boarded M/V Blue Star III, a commercial ship suspected of attempting to transit to Iran in violation of the U.S. blockade of Iranian ports. U.S. forces released the vessel after conducting a… pic.twitter.com/UFx329OsHj
— U.S. Central Command (@CENTCOM) April 28, 2026