West Asia LIVE: इस्राइली हमलों से लेबनान-गाजा में हालात गंभीर, होर्मुज जलडमरूमध्य पर टोल लगाने की तैयारी
पश्चिम एशिया में 28 फरवरी से शुरू हुई जंग फिलहाल युद्धविराम की छांव में है। पर्दे के पीछे से अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत के प्रयास किए जा रहे हैं। इस बीच ईरानी विदेश मंत्री ने रूस में राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात कर अमेरिका और इस्राइल के साथ जारी संघर्ष पर विस्तार से चर्चा की।पश्चिम एशिया संघर्ष से जुड़े सभी अपडेट्स यहां पढ़िए...
लाइव अपडेट
ईरान युद्ध के बाद जीवाश्म ईंधन छोड़ना जरूरी- ईयू
यूरोपियन यूनियन के जलवायु आयुक्त ने कहा है कि ईरान पर अमेरिका-इस्राइल युद्ध के बाद पैदा हुए ऊर्जा संकट ने जीवाश्म ईंधन से बाहर निकलने की जरूरत को और बढ़ा दिया है। कोलंबिया में आयोजित वैश्विक बैठक में उन्होंने कहा कि जलवायु कारणों के अलावा अब आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से भी यह कदम जरूरी हो गया है। होर्मुज बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे कीमतों में तेज उछाल आया है। यूरोपीय देश तेल आयात पर काफी निर्भर हैं।यूएई के OPEC छोड़ने के फैसले से बढ़ेगी तेल बाजार में अस्थिरता
संयुक्त अरब अमीरात के OPEC से बाहर निकलने के फैसले को ऊर्जा विशेषज्ञों ने तेल बाजार के लिए बड़ा संकेत बताया है। मेयर रिसोर्सेज की सीईओ ने कहा कि यूएई फिलहाल होरमुज जलडमरूमध्य संकट के कारण उत्पादन नहीं बढ़ा पा रहा है, लेकिन संकट खत्म होने के बाद वह मौजूदा 35 लाख बैरल प्रतिदिन से बढ़ाकर करीब 50 लाख बैरल प्रतिदिन उत्पादन कर सकता है। उन्होंने कहा कि इससे बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है। हालांकि, उनका मानना है कि OPEC पहले भी बड़े संकट झेल चुका है और आगे भी मजबूत बना रहेगा।दक्षिण लेबनान में ड्रोन हमले का बड़ा दावा
लेबनान के सशस्त्र समूह हिजबुल्ला ने इस्राइल पर एक बड़े हमले का दावा किया है। हिजबुल्ला के मुताबिक, उसने दक्षिण लेबनान के कांतारा शहर में एक इस्राइली मर्कावा टैंक को ड्रोन के जरिए सटीक निशाना बनाया है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब इस्राइल और लेबनान सीमा पर तनाव चरम पर है।दोनों तरफ से लगातार हो रहे हमलों के कारण इस क्षेत्र में स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। हालांकि, हिजबुल्लाह के इस बड़े दावे पर अभी तक इस्राइली सेना की तरफ से कोई आधिकारिक बयान या टैंक को हुए नुकसान की पुष्टि नहीं की गई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर रूस का बयान
संयुक्त राष्ट्र में रूस के राजदूत वासिली नेबेंजिया ने कहा कि ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण रखने और समुद्री आवाजाही को सीमित करने का अधिकार है, खासकर तब जब उसकी सुरक्षा खतरे में हो। उन्होंने पश्चिमी देशों पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कई देश अंतरराष्ट्रीय नियमों की आड़ में अपने हित साध रहे हैं। रूसी राजदूत ने पश्चिमी देशों की नीतियों की तुलना समुद्री लुटेरों से करते हुए कहा कि वे अपने गैरकानूनी कदमों को वैधता का आवरण देने की कोशिश करते हैं।लेबनान में इस्राइली हवाई हमलों से हालात बिगड़े
इस बीच लेबनान में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस्राइल ने लितानी नदी के उत्तर में कई इलाकों को हवाई हमलों का निशाना बनाया है। इन हमलों के कारण बड़ी संख्या में लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। इसका असर आसपास के गांवों पर भी पड़ा है और प्रमुख सड़कों (जो नबातिया, सिडोन और राजधानी बेरूत को जोड़ती हैं) पर भारी ट्रैफिक और अव्यवस्था देखी जा रही है।ईरान का अमेरिका पर तीखा बयान
ईरान ने अमेरिका को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि अब वॉशिंगटन अन्य देशों पर अपनी नीतियां थोपने की स्थिति में नहीं है। ईरान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रेजा तालेई-निक ने कहा कि अमेरिका को स्वतंत्र देशों पर अपनी इच्छाएं नहीं थोपनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि अमेरिका अपनी अवैध और अव्यावहारिक मांगों को छोड़ने पर मजबूर हो। ईरान के अनुसार, वैश्विक व्यवस्था में बदलाव आ रहा है और स्वतंत्र देश अपने फैसले खुद लेने में सक्षम हैं।इस्राइल और शत्रु देशों के जहाजों पर प्रतिबंध का प्रस्ताव
ईरान ने प्रस्ताव में यह भी शामिल है कि इस्राइल से जुड़े या उसके स्वामित्व वाले जहाजों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अलावा, अन्य शत्रु देशों और उनसे जुड़े जहाजों पर भी सख्त प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है। ईरान का कहना है कि जिन देशों ने उस पर प्रतिबंध लगाए या विदेशी बैंकों में उसके धन को रोककर आर्थिक नुकसान पहुंचाया है, उनसे जुड़े जहाजों पर लगाए गए टोल के जरिए उस नुकसान की भरपाई की जाएगी।होर्मुज जलडमरूमध्य पर टोल लगाने की तैयारी
ईरान अब होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर टोल वसूलने की योजना पर काम कर रहा है। खास बात यह है कि यह शुल्क डॉलर या किसी विदेशी मुद्रा में नहीं, बल्कि ईरानी करेंसी रियाल में लिया जाएगा। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी के अनुसार, इस संबंध में 11 बिंदुओं वाला प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसे समिति से मंजूरी मिल चुकी है। अब इसे संसद के मुख्य सदन में पेश किया जाएगा, जहां से मंजूरी मिलने के बाद यह कानून का रूप ले सकता है।
ईरान ने रूस के साथ बातचीत को बताया सकारात्मक
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि मौजूदा क्षेत्रीय हालात तेजी से बदल रहे हैं और ऐसे समय में रूस के साथ हुई बातचीत बेहद सकारात्मक रही। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि हाल की घटनाएं यह दिखाती हैं कि ईरान और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। अराघची ने कहा कि दोनों देशों के संबंध आगे बढ़ रहे हैं और ईरान रूस के समर्थन को महत्व देता है।
Pleased to engage with Russia at the highest level as the region is in major flux.
— Seyed Abbas Araghchi (@araghchi) April 28, 2026
Recent events have evidenced the depth and strength of our strategic partnership. As our relationship continues to grow, we are grateful for solidarity and welcome Russia's support for diplomacy. pic.twitter.com/I1VyDSfxET