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West Asia LIVE: होर्मुज में भारतीय नाविकों की तैनाती पर रोक; कुवैत और बहरीन में ड्रोन-मिसाइल से ईरान का हमला

Thu, 16 Jul 2026 07:40 PM IST
राकेश कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला। Published by: राकेश कुमार Updated Thu, 16 Jul 2026 07:40 PM IST
खास बातें

West Asia LIVE: पश्चिम एशिया एक बार फिर बारूद की बची हुई आग पर खड़ा है। ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी तनाव ने पूरी दुनिया की सांसें थाम ली हैं। दुनिया का सबसे व्यस्त तेल रास्ता अब मिसाइलों और ड्रोन की आहट से गूंज रहा है। एक तरफ अमेरिका ने हवाई हमले के सेकंड वेव की शुरुआत कर दी है, तो दूसरी तरफ ईरान खाड़ी देशों को निशाना बनाकर जवाब दे रहा है। तेल की सप्लाई रुकने का खतरा, जहाजों का डर, बढ़ती कीमतें, पश्चिम एशिया का यह संकट अब सिर्फ दो देशों की लड़ाई नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की चिंता बन चुका है। ताजा हमले, दोनों पक्षों के बयान और तेल बाजार पर असर से जुड़ी सभी बड़ी जानकारी पढ़ने के लिए बने रहें अमर उजाला के साथ...
 

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पश्चिम एशिया में संघर्ष - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

लाइव अपडेट

07:37 PM, 16-Jul-2026

जॉर्डन के एयर डिफेंस ने नाकाम कीं ईरान की आठ मिसाइलें 

जॉर्डन की सेना ने बताया कि गुरुवार सुबह देश की ओर दागी गई ईरान की आठ मिसाइलों को उसकी वायु रक्षा प्रणाली (एयर डिफेंस सिस्टम) ने हवा में ही मार गिराया। सेना के बयान में कहा गया कि यह कार्रवाई तय रक्षा और सैन्य प्रक्रियाओं के तहत की गई, ताकि देश की संप्रभुता बनी रहे, हवाई क्षेत्र सुरक्षित रहे और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

बयान के मुताबिक, इस घटना में किसी की मौत या घायल होने की खबर नहीं है और न ही किसी तरह के संपत्ति नुकसान की जानकारी मिली है। जहां-जहां मिसाइलों का मलबा गिरा, वहां रॉयल इंजीनियरिंग कॉर्प्स की टीमों ने पहुंचकर उसे सुरक्षित तरीके से हटाया और इलाके को सुरक्षित किया। सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, सेना ने कहा कि जॉर्डन की सशस्त्र सेनाएं पूरी तरह सतर्क हैं। वे लगातार देश के हवाई क्षेत्र पर नजर रखे हुए हैं और किसी भी खतरे का तय नियमों के अनुसार जवाब देंगी।

इस बीच, सेंटकॉम ने गुरुवार तड़के (भारतीय समय के अनुसार) बताया कि अमेरिका ने ईरान पर एक और दौर के हमले किए हैं। सेंटकॉम ने 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा, अमेरिकी समय के अनुसार दोपहर तीन बजे अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ दूसरे चरण के हमले शुरू किए। इन हमलों का निशाना ईरान की वे सैन्य क्षमताएं हैं, जिनका इस्तेमाल होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए खतरा पैदा करने में किया जाता है। 

इससे पहले बुधवार (स्थानीय समय) को सेंटकॉम ने बताया था कि सुबह 6 बजे पूर्वी समय पर ईरान के खिलाफ हमलों का पहला दौर शुरू किया गया। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, करीब 90 मिनट तक चले इस अभियान में अमेरिकी सेना ने ग्रेटर तुंब द्वीप पर मौजूद तटीय रक्षा प्रणालियों और क्रूज मिसाइलों के भंडारण और लॉन्च साइट पर सटीक हमले किए।

वहीं, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने बुधवार को कहा कि उसने जवाबी कार्रवाई करते हुए बहरीन और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, इन हमलों में सैन्य ढांचे, लड़ाकू विमानों के शेल्टर, अहम कमांड सेंटर और रणनीतिक ड्रोन को निशाना बनाया गया।
01:48 PM, 16-Jul-2026

ईरान पर हमलों के बाद तेल की कीमतों में आई गिरावट

ईरान पर अमेरिका के नए हमलों के बाद पहले तेल की कीमतों में तेजी देखी गई थी, क्योंकि निवेशकों को डर था कि तनाव बढ़ने से बड़े युद्ध की स्थिति बन सकती है और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। हालांकि, अब ट्रेडर्स इन हमलों के वास्तविक असर का आकलन कर रहे हैं। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हल्की नरमी आई है। सुबह 06:05 GMT तक ब्रेंट क्रूड की कीमत 44 सेंट यानी 0.52 प्रतिशत गिरकर 84.51 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। इससे पहले इस सप्ताह ईरान और अमेरिका के बीच जवाबी हमलों के कारण तेल की कीमतों में तेजी आई थी।
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12:54 PM, 16-Jul-2026

होर्मुज में भारतीय नाविकों की तैनाती पर रोक

भारत के महानिदेशालय नौवहन ने जहाज मालिकों, शिप मैनेजमेंट कंपनियों और भर्ती एजेंसियों को निर्देश दिया है कि अगले आदेश तक होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों (सीफेयरर्स) की तैनाती से बचा जाए। यह आदेश ऐसे समय जारी किया गया है, जब इस सप्ताह ईरानी हमलों में होर्मुज जलडमरूमध्य और उसके आसपास दो अलग-अलग जहाजों पर तैनात दो भारतीय नाविकों की मौत हो गई। इन घटनाओं के बाद भारत सरकार ने समुद्री क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए एहतियाती कदम उठाया है।

सरकार ने अपने आदेश में क्या कहा?
महानिदेशालय नौवहन ने अपने आदेश में कहा, 'फारस की खाड़ी क्षेत्र में बिगड़ते सुरक्षा हालात को देखते हुए भारतीय नाविकों के हितों और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त एहतियाती कदम उठाना आवश्यक है।' इसी के तहत जहाज मालिकों और संबंधित कंपनियों को फिलहाल होर्मुज़ मार्ग पर भारतीय नाविकों की तैनाती से बचने का निर्देश दिया गया है।

संयुक्त राष्ट्र ने क्या जानकारी दी है?
संयुक्त राष्ट्र  ने पिछले महीने कहा था कि 28 फरवरी से, जब अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच युद्ध शुरू हुआ, तब से होर्मुज जलडमरूमध्य और उसके आसपास हुए हमलों में कम से कम 14 नाविकों की मौत हो चुकी है। इनमें तीन भारतीय चालक दल के सदस्य भी शामिल हैं, जिनकी 9 जून को ओमान तट के पास सेट्टेबेलो  तेल टैंकर पर अमेरिकी हमले में जान चली गई थी।
12:19 PM, 16-Jul-2026

कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन-मिसाइल हमले 

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलों से बड़े हमले किए हैं। IRGC के अनुसार, कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस स्थित सैटेलाइट संचार केंद्र, अर्ली वार्निंग रडार, पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम, ईंधन भंडारण और अश-शुआयबा स्थित अमेरिकी सैन्य घाट को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया गया। वहीं, बहरीन के शेख ईसा एयर बेस पर संचार प्रणाली, सुपर हॉक और पैट्रियट रडार समेत हवाई निगरानी एवं नियंत्रण रडार तथा लड़ाकू विमानों के ईंधन पंपिंग स्टेशन को तबाह करने का दावा किया गया है। IRGC ने कहा कि ये हमले अमेरिका द्वारा अहवाज के बच्चों के कैंसर अस्पताल और खुज़ेस्तान व इलाम प्रांत में जल संयंत्रों पर किए गए हमलों के जवाब में किए गए हैं। संगठन ने कुवैत की जनता से अपील की कि वे अपनी जमीन का इस्तेमाल फिलिस्तीन, लेबनान, ईरान और यमन के खिलाफ हमलों के लिए न होने दें। साथ ही अमेरिकी सेनाओं को क्षेत्र से बाहर निकालने की मांग करते हुए कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य तभी खोला जाएगा, जब क्षेत्र में अमेरिका की दखलंदाजी और आक्रामक गतिविधियां समाप्त होंगी। IRGC ने अपने बयान के अंत में कहा लड़ाई जारी रहेगी।
12:03 PM, 16-Jul-2026

'दुनिया की कोई भी ताकत ईरान से होर्मुज नहीं छीन सकती'

ईरान के पूर्व विदेश मंत्री और सर्वोच्च नेता के सलाहकार अली अकबर वेलायती ने ईरान के सरकारी टीवी से कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़) ईरान का है और इसे दुनिया की कोई भी ताकत ईरान से होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर उसका अधिकार नहीं छीन सकती है। बता दें कि हाल के दिनों में तेहरान द्वारा इस अहम जलमार्ग में वैकल्पिक रास्ते का इस्तेमाल कर रहे टैंकरों पर हमले के बाद, अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के लिए खतरा पैदा करने की ईरान की क्षमता को रोकने के मकसद से उस पर नए हमले शुरू किए। इसके जवाब में, ईरान खाड़ी क्षेत्र में उन ठिकानों पर हमले कर रहा है जिन्हें वह अमेरिकी ठिकाने बताता है।
11:37 AM, 16-Jul-2026

जॉर्डन के अल-अजराक एयरबेस पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन के अल-अजराक (Azraq) एयरबेस पर खैबर-शिकन (Khyber-Shakan) बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला कर अमेरिकी लड़ाकू विमानों के स्टोरेज रैंप और पश्चिम एशिया में बने नए अमेरिकी कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को निशाना बनाकर तबाह कर दिया। IRGC ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिका के उन हमलों के जवाब में की गई है, जिनके कारण अहवाज से कैंसर पीड़ित 121 बच्चों को निकालना पड़ा था और मार्च में मीनाब के एक स्कूल पर हुए हमले में 168 बच्चों की मौत हुई थी। संगठन ने जॉर्डन की जनता से अपील की कि वे अपनी जमीन का इस्तेमाल "बच्चों के खिलाफ ऐसे अपराधों" के लिए न होने दें। वहीं, जॉर्डन की सेना ने दावा किया है कि उसने बुधवार सुबह ईरान की ओर से दागी गई आठ मिसाइलों को रास्ते में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया।
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11:10 AM, 16-Jul-2026

ईरान के सेमनान एयरपोर्ट और स्टोरेज को अमेरिका ने बनाया निशाना

हालिया तनाव बढ़ने के बाद अमेरिका ने एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार उत्तरी ईरान पर हमला किया है। इससे पहले अक्काला में एक अहम रेलवे पुल को निशाना बनाया गया था, जिसे ईरान के वैकल्पिक व्यापार मार्गों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। अब अमेरिका ने उत्तरी शहर सेमनान में एक नागरिक हवाई अड्डे की मुख्य इमारत पर हमला किया है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, एयरपोर्ट को मामूली नुकसान पहुंचा है, हालांकि उन्होंने हमले के बारे में ज्यादा जानकारी साझा नहीं की है। इसी शहर में स्थित एक स्टोरेज सुविधा भी अमेरिकी हमले की चपेट में आई, लेकिन वहां क्या रखा था और नुकसान कितना हुआ, इसे लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
10:07 AM, 16-Jul-2026

कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले का दावा

ईरान की सेना ने दावा किया है कि उसने अपने जवाबी सैन्य अभियान 'ऑपरेशन लाइटनिंग' के दसवें चरण के तहत कुछ घंटे पहले कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए। सरकारी मीडिया में जारी बयान के अनुसार, कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस पर मौजूद अमेरिकी सेना के रडार सिस्टम, पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम और ईंधन भंडारण टैंकों को निशाना बनाया गया। वहीं, एक अलग हमले में बहरीन के शेख ईसा एयर बेस पर अमेरिकी सेना द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे संचार तंत्र, सुपर हॉक रडार, पैट्रियट रक्षा प्रणाली और अन्य रडार प्रतिष्ठानों पर ड्रोन से हमला करने का दावा किया गया। इससे पहले इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा करते हुए कहा था कि उसने अली अल सलेम एयर बेस पर तैनात सी-रैम (C-RAM) प्रारंभिक चेतावनी रडार और अमेरिकी सैनिकों के एक जमावड़े को निशाना बनाया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
10:00 AM, 16-Jul-2026

ईरान में तेहरान ने राजदूत को किया तलब

ब्रिटेन द्वारा इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को यूके काउंटरिंग स्टेट थ्रेट्स एक्ट के तहत सुरक्षा खतरे के रूप में सूचीबद्ध किए जाने के बाद ईरान ने बुधवार को तेहरान में ब्रिटेन के राजदूत को तलब किया। ईरानी विदेश मंत्रालय ने तस्नीम समाचार एजेंसी के माध्यम से जारी बयान में कहा कि ब्रिटेन का यह कदम "बिना जवाब के नहीं छोड़ा जाएगा।" यह घटनाक्रम उस कार्रवाई के एक दिन बाद सामने आया है, जब ब्रिटेन ने लंदन में ईरान के कार्यवाहक राजदूत अली नसीमफर को तलब किया था। ब्रिटिश सरकार का आरोप है कि हाल के महीनों में ईरान ने यूरोप में हमलों को अंजाम देने के लिए अपने प्रॉक्सी समूहों का इस्तेमाल किया है। इसी आधार पर ब्रिटेन ने सोमवार को नए कानूनी प्रावधानों के तहत आईआरजीसी और उससे जुड़े एक संगठन को सुरक्षा खतरा घोषित किया। इन नए प्रावधानों का उद्देश्य विदेशी देशों को निगरानी, तोड़फोड़ और अन्य गुप्त गतिविधियों के लिए प्रॉक्सी संगठनों के इस्तेमाल से रोकना है।
 
09:51 AM, 16-Jul-2026

ईरान ने सक्रिय किया एयर डिफेंस

ईरान में संघर्ष लगातार तेज होता जा रहा है। राजधानी तेहरान के ऊपर एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए हैं, जबकि राजधानी के पास स्थित पकदश्त और परचिन से भी इसी तरह की गतिविधियों की खबरें सामने आई हैं। पूर्वी ईरान के सेमनान में हवाई हमलों में एयरपोर्ट के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचने की सूचना है, वहीं खोर्रमाबाद में भी कई विस्फोटों की खबर है। मध्य ईरान के मरकजी प्रांत के खोंदाब में भी नए हमले हुए हैं। यह इलाका इसलिए महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यहां ईरान की प्रमुख हेवी-वॉटर परमाणु सुविधा स्थित है और इससे पहले भी यह निशाने पर रह चुका है। दक्षिण-पश्चिमी ईरान के खुज़ेस्तान प्रांत में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने अंदीमेश्क के ऊपर अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को मार गिराया है। ये घटनाक्रम ईरान के दक्षिणी तट पर कथित अमेरिकी हमलों के बाद सामने आए हैं। किश द्वीप, बंदर अब्बास बंदरगाह, होर्मुज़ जलडमरूमध्य के सामने स्थित सीरिक और दक्षिण-पूर्वी शहर कोनारक में भी धमाकों और हमलों की खबरें हैं। इस बीच ईरान ने कहा है कि उसकी जवाबी सैन्य कार्रवाई लगातार जारी है। आईआरजीसी के एक प्रवक्ता ने दावा किया कि फिलहाल क्षेत्र में अमेरिकी आक्रामक सैन्य ढांचे को निशाना बनाया जा रहा है और अभियान के अगले चरण भी शुरू किए जा सकते हैं। आईआरजीसी ने यह भी दावा किया है कि उसने क्षेत्र में मौजूद कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं।
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