PM Modi Italy Visit LIVE: पीएम मोदी इटली के लिए रवाना, ग्रीन टेक्नोलॉजी और सर्वोच्च सम्मान से मजबूत हुए संबंध
नॉर्वे में तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन को ऐतिहासिक बनाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पांच देशों के दौरे के आखिरी पड़ाव के लिए इटली रवाना हो चुके हैं। पीएम मोदी इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के निमंत्रण पर वहां जा रहे हैं। दोनों नेताओं के बीच रणनीतिक और वैश्विक मुद्दों पर प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत होगी। इस यात्रा से जुड़ी पल-पल की अपडेट के लिए बने रहें अमर उजाला के साथ...
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इटली पहुंचने वाले हैं पीएम मोदी, यात्रा से पहले देखें शहर भर का दृश्य
Rome, Italy: Visuals from across the city ahead of Prime Minister Narendra Modi’s visit to Rome. pic.twitter.com/i76V0O5AQE
— IANS (@ians_india) May 19, 2026
पीएम मोदी इटली के लिए रवाना, ग्रीन टेक्नोलॉजी और सर्वोच्च सम्मान से मजबूत हुए संबंध
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी पांच दिवसीय विदेश यात्रा के अंतिम चरण के तहत नॉर्वे का 'सफल' दौरा संपन्न कर इटली के लिए रवाना हो चुके हैं। ओस्लो में आयोजित तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के दौरान भारत और नॉर्डिक देशों के बीच संबंधों को 'ग्रीन टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप' के रूप में एक नई ऊंचाई दी गई। इस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान पीएम मोदी को भारत-नॉर्वे संबंधों को मजबूत करने के लिए नॉर्वे के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट' से भी नवाजा गया, जिसके बाद उन्होंने नॉर्वे के किंग हेराल्ड और अपने समकक्ष जोनास गहर स्टोर सहित अन्य नॉर्डिक नेताओं के साथ स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल विकास और व्यापार जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर बेहद फलदायी चर्चा की।आतंकवाद पर बोले पीएम मोदी-हमारा रुख साफ;कोई समझौता नहीं, कोई दोहरा मापदंड नहीं
ओस्लो में तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के बाद जारी संयुक्त बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक मुद्दों पर भारत और नॉर्डिक देशों के साझा और स्पष्ट दृष्टिकोण को सामने रखा। उन्होंने कहा कि आज के वैश्विक तनाव और संघर्ष के दौर में भारत और नॉर्डिक देश मिलकर एक 'नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था'पर जोर देते रहेंगे। यूक्रेन हो या पश्चिम एशिया, दोनों पक्ष जल्द से जल्द युद्धविराम और शांति प्रयासों का समर्थन करते रहेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ हमारा रुख बिल्कुल साफ और संयुक्त है, 'नो कॉम्प्रोमाइज, नो डबल स्टैंडर्ड्स' यानी कोई समझौता नहीं, कोई दोहरा मापदंड नहीं।आर्कटिक शोध से लेकर स्टार्ट-अप तक, पीएम मोदी ने रखा रिसर्च और टैलेंट एक्सचेंज का नया विज़न
पीएम मोदी ने शोध, नवाचार और प्रतिभा को दोनों पक्षों के बीच साझेदारी का एक बेहद महत्वपूर्ण स्तंभ बताया। उन्होंने घोषणा की कि इस रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने के लिए दोनों पक्ष मिलकर अपने विश्वविद्यालयों, प्रयोगशालाओं और स्टार्ट-अप इकोसिस्टम के बीच संबंधों को नया विस्तार देंगे। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत और नॉर्डिक देश आर्कटिक और ध्रुवीय शोध के क्षेत्र में अपने सहयोग को और गहरा करेंगे, जिससे जलवायु परिवर्तन जैसे वैश्विक मुद्दों को समझने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही, दोनों क्षेत्रों के युवाओं के लिए कौशल विकास और प्रतिभा के आदान-प्रदान के नए व बड़े अवसर सुनिश्चित किए जाएंगे।पीएम मोदी बोले- ग्रीन टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के जरिए बनेगा वैश्विक समाधानों का नया रोडमैप
तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में शामिल होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों पक्षों के बीच संबंधों को 'ग्रीन टेक्नोलॉजी और इनोवेशन स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप' का नया रूप देने का ऐतिहासिक फैसला किया है। पीएम मोदी ने कहा कि इस साझेदारी के तहत नॉर्डिक देशों की अनूठी विशेषज्ञता को भारत के कौशल और प्रतिभा के साथ जोड़ा जाएगा। इसके जरिए आइसलैंड की जियोथर्मल व मत्स्य पालन, नॉर्वे की ब्लू इकॉनमी व आर्कटिक विशेषज्ञता, और सभी नॉर्डिक देशों की समुद्री व सस्टेनेबिलिटी विशेषज्ञता का लाभ भारत को मिलेगा। साथ ही, स्वीडन की एडवांस मैन्युफैक्चरिंग व रक्षा क्षेत्र, फिनलैंड की टेलीकॉम व डिजिटल टेक्नोलॉजी और डेनमार्क की साइबर सुरक्षा व हेल्थ टेक को भारतीय प्रतिभा से जोड़कर पूरी दुनिया के लिए भरोसेमंद समाधान विकसित किए जाएंगे, जिससे वैश्विक स्तर पर एक बेहतर और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित हो सके।भारत और नॉर्डिक देशों के बीच संबंधों के लिए स्वर्णिम युग की शुरुआत- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने आगे कहा कि अपने संबंधों को अगले स्तर पर ले जाने के लिए, हमने हाल ही में कुछ महत्वपूर्ण पहल की हैं। अक्टूबर 2025 से, हमने नॉर्वे, आइसलैंड और अन्य यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ देशों के साथ व्यापार और आर्थिक साझेदारी को प्रभावी बनाया है। अभी कुछ महीने पहले ही, हमने भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसमें डेनमार्क, फिनलैंड और स्वीडन भी भागीदार हैं। इस महत्वाकांक्षी व्यापार समझौते के साथ, हम भारत और नॉर्डिक देशों के बीच संबंधों के लिए एक नए स्वर्णिम युग की शुरुआत करने जा रहे हैं।भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी बोले- चार गुना बढ़ा द्विपक्षीय व्यापार
ओस्लो में तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि नॉर्डिक देशों के साथ संबंधों को रफ्तार देने के लिए आठ साल पहले इस प्रारूप की शुरुआत की गई थी, जिसके बेहतरीन परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने विशेष रूप से आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए बताया कि पिछले 10 वर्षों में दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 4 गुना बढ़ गया है, जबकि नॉर्डिक देशों से भारत में होने वाले निवेश में करीब 200% की भारी बढ़ोतरी हुई है। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि नॉर्डिक देशों के निवेश कोष भारत की तीव्र विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भागीदार बन रहे हैं और इस बढ़ते व्यापार-निवेश ने न केवल भारत की तरक्की में योगदान दिया है, बल्कि नॉर्डिक देशों की अर्थव्यवस्था पर भी बेहद सकारात्मक असर डालते हुए वहां हजारों नए रोजगार पैदा किए हैं।तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में शामिल होकर बहुत खुशी हुई: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि आप सभी को नमस्कार। मुझे आज तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में शामिल होकर बहुत खुशी हुई है। सबसे पहले, मैं इस शिखर सम्मेलन की मेज़बानी करने के लिए नॉर्वे के प्रधानमंत्री का तहे दिल से आभार व्यक्त करता हूं। मैं यहां मौजूद सभी नॉर्डिक नेताओं का स्वागत करता हूं। लोकतंत्र, कानून का शासन और बहुपक्षवाद के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता हमें स्वाभाविक साझेदार बनाती है।नॉर्डिक-भारत शिखर सम्मेलन: ओस्लो में मिले पीएम मोदी और नॉर्डिक देशों के नेता
नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में तीसरे नॉर्डिक-भारत शिखर सम्मेलन का सफल आयोजन हुआ। बैठक के बाद आयोजित एक संयुक्त पत्रकार वार्ता में नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया। उन्होंने इस मुलाकात को वैश्विक स्तर पर बढ़ रही अनिश्चितताओं के बीच सहयोग का एक बड़ा माध्यम बताया। पीएम स्टोर ने कहा कि नॉर्डिक देशों और भारत के बीच भौगोलिक स्थिति, आकार और इतिहास के स्तर पर विभिन्नताएं जरूर हैं, लेकिन आज के समय के बड़े मुद्दों से निपटने के लिए हमारा दृष्टिकोण पूरी तरह से समान है। यह बैठक लोकतांत्रिक देशों के बीच आपसी सहयोग की भावना को मजबूती से प्रदर्शित करती है।इस उच्च स्तरीय बैठक में अंतर्राष्ट्रीय एजेंडे के कई महत्वपूर्ण विषयों पर गहराई से बातचीत हुई। नॉर्डिक नेताओं और पीएम मोदी ने वैश्विक सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और लगातार बढ़ती भू-राजनीतिक चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए। शिखर सम्मेलन के दौरान आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के रोडमैप पर भी बात हुई। प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर ने कहा कि भारत और ईएफटीए देशों के बीच हुए ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते के बाद, अब हमारे पास आर्थिक रिश्तों को और अधिक गहरा करने का एक शानदार अवसर है। नेताओं ने सुरक्षा और व्यापार के विभिन्न पहलुओं पर बात की, ताकि इस समझौते का अधिकतम लाभ दोनों पक्षों को मिल सके।
#WATCH | Oslo | At a joint press conference by Nordic PMs, Norwegian PM Jonas Gahr Støre says, "Today the Nordic PMs have met with Prime Minister of India for the third meeting in the Nordic -Indian context. I've been very happy to host Prime Minister Modi here in Oslo. Today… pic.twitter.com/G8CTsmma3K
— ANI (@ANI) May 19, 2026
भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में शामिल हुए पीएम मोदी, ओस्लो में सहयोग पर चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओस्लो में तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लिया। इस बैठक से भारत और नॉर्डिक देशों के रिश्ते मजबूत हुए हैं। दोनों पक्षों ने टिकाऊ विकास और नवाचार पर चर्चा की। बातचीत में स्वच्छ ऊर्जा और नई तकनीकों पर मुख्य ध्यान दिया गया। सभी देश लोकतांत्रिक मूल्यों और मानव-केंद्रित विकास के लिए एकजुट हैं। यह साझेदारी आने वाले समय में एक शांतिपूर्ण और समृद्ध भविष्य का निर्माण करेगी।PM Narendra Modi says, "Participated in the 3rd India-Nordic Summit in Oslo, which reflected the growing depth and dynamism of India’s partnership with the Nordic region. Our discussions focused on several aspects, including sustainability, innovation, clean energy, emerging… pic.twitter.com/KNe2d4ulSN
— ANI (@ANI) May 19, 2026