फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Sawan Somwar 2026 Live: सावन का पहला सोमवार आज, जानें पूजा मुहूर्त और शिवलिंग पर क्या चढ़ाना होगा शुभ

Mon, 03 Aug 2026 11:52 AM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: मेघा कुमारी Updated Mon, 03 Aug 2026 11:52 AM IST
खास बातें

Sawan Somwar 2026 Live: सावन का पहला सोमवार आज, 3 अगस्त 2026 को है। यह दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए बेहद शुभ और पवित्र माना जाता है। इस दिन शिवलिंग पर भांग, बेलपत्र, चंदन और पंचामृत अर्पित करने से सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और मनचाहा जीवनसाथी प्राप्त होने का आशीर्वाद मिलता है। आइए सावन के पहले सोमवार का महत्व, व्रत, पूजा विधि और इससे जुड़े जरूरी नियमों को जानते हैं..

विज्ञापन
Sawan Somwar 2026 Live Shubh Muhurat Puja Vidhi and Vrat Niyam in Hindi
Sawan First Somwar 2026 - फोटो : AI

लाइव अपडेट

12:35 PM, 03-Aug-2026

कब है सावन की शिवरात्रि?


पंचांग के अनुसार, इस वर्ष सावन शिवरात्रि की चतुर्दशी तिथि 11 अगस्त को सुबह 4 बजकर 53 मिनट से शुरू होगी और 12 अगस्त को रात 1 बजकर 51 मिनट तक रहेगी। चूंकि शिवरात्रि में रात्रि पूजन का विशेष महत्व होता है, इसलिए 11 अगस्त को ही यह पर्व मनाना अधिक उचित माना जाएगा। इस दिन रात्रि के चारों प्रहर में भगवान शिव की पूजा करने का विधान है।
12:11 PM, 03-Aug-2026

Shiv Ji Ki Aarti: शिवजी की आरती

शिवजी की आरती : ॐ जय शिव ओंकारा

जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा ।
ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा ॥ ॐ जय शिव...॥

एकानन चतुरानन पंचानन राजे ।
हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे ॥ ॐ जय शिव...॥

दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे।
त्रिगुण रूपनिरखता त्रिभुवन जन मोहे ॥ ॐ जय शिव...॥

अक्षमाला बनमाला रुण्डमाला धारी ।
चंदन मृगमद सोहै भाले शशिधारी ॥ ॐ जय शिव...॥

श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे ।
सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे ॥ ॐ जय शिव...॥
कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूल धर्ता ।
जगकर्ता जगभर्ता जगसंहारकर्ता ॥ ॐ जय शिव...॥

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका ।
प्रणवाक्षर मध्ये ये तीनों एका ॥ ॐ जय शिव...॥

काशी में विश्वनाथ विराजत नन्दी ब्रह्मचारी ।
नित उठि भोग लगावत महिमा अति भारी ॥ ॐ जय शिव...॥

त्रिगुण शिवजीकी आरती जो कोई नर गावे ।
कहत शिवानन्द स्वामी मनवांछित फल पावे ॥ ॐ जय शिव...॥
विज्ञापन
11:51 AM, 03-Aug-2026

Sawan First Somwar 2026: सावन सोमवार पर शिवलिंग पर क्या चढ़ाएं?

  • सावन के पहले सोमवार पर आप शिवलिंग पर शुद्ध जल और गंगाजल अर्पित करें।
  • भगवान शिव को बेलपत्र चढ़ाएं। ध्यान रखें कि बेलपत्र खंडित न हो।
  • शमी के पत्ते अर्पित करना भी शुभ माना जाता है। इससे प्रभु प्रसन्न होते हैं।
  • भांग और धतूरा भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माने जाते हैं, इसलिए इन्हें भी अर्पित किया जा सकता है।
  • एक लोटा दूध और शहद चढ़ाना लाभकारी होता है। इससे जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती हैं।
11:21 AM, 03-Aug-2026

भगवान भोलेनाथ के अनमोल विचार

भगवान भोलेनाथ के अनमोल विचार
भगवान भोलेनाथ के अनमोल विचार:
  • जीवन में बदलाव ही एक ऐसा सत्य है, जो कभी नहीं बदलता। इसलिए हर परिवर्तन को खुले मन से स्वीकार करें।
  •  भगवान शिव की आराधना मन को सुकून देती है और उनका स्मरण इंसान को सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठने की प्रेरणा देता है।
  • इस संसार में जीवन से बढ़कर कोई अनमोल संपत्ति नहीं है। इसकी अहमियत को हमेशा समझें और संजोकर रखें।
  • हर परिस्थिति आपके नियंत्रण में नहीं होती, लेकिन उसे स्वीकार करने का नजरिया जरूर आपके हाथ में होता है।
  •  सृष्टि का निर्माण और उसका अंत, दोनों प्रकृति के ऐसे नियम हैं जो हमेशा साथ-साथ चलते हैं।
10:51 AM, 03-Aug-2026

तीन बार पूजा के प्रसाद को बांटे

shiv ji - फोटो : freepik
तीन बार पूजा के प्रसाद को बांटे
पूजा के बाद प्रसाद को तीन बराबर भागों में बांटने की परंपरा है। पहला भाग गाय को खिलाएं, दूसरा परिवार के सदस्यों में वितरित करें और तीसरा भाग स्वयं ग्रहण करें। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से व्रत का पुण्य बढ़ता है और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। व्रत के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करना, प्रत्येक सोमवार एक ही समय पर पूजा करना और फलाहार या सात्विक भोजन ग्रहण करना शुभ माना गया है। कई श्रद्धालु इस दिन नमक का भी त्याग करते हैं।
 
10:04 AM, 03-Aug-2026

शिव जी की आरती 

शिव जी की आरती  - फोटो : Instagram
शिव जी की आरती 

ओम जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव अर्द्धांगी धारा।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
एकानन चतुरानन पञ्चानन राजे। हंसानन गरूड़ासन
वृषवाहन साजे।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे।
त्रिगुण रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
अक्षमाला वनमाला मुण्डमालाधारी।
त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे।
सनकादिक गरुड़ादिक भूतादिक संगे।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका।
मधु कैटव दोउ मारे, सुर भयहीन करे।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
लक्ष्मी, सावित्री पार्वती संगा।
पार्वती अर्द्धांगी, शिवलहरी गंगा।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
पर्वत सोहें पार्वतू, शंकर कैलासा।
भांग धतूर का भोजन, भस्मी में वासा।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
जया में गंग बहत है, गल मुण्ड माला।
शेषनाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
काशी में विराजे विश्वनाथ, नन्दी ब्रह्मचारी।
नित उठ दर्शन पावत, महिमा अति भारी।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
त्रिगुणस्वामी जी की आरति जो कोई नर गावे।
कहत शिवानन्द स्वामी मनवान्छित फल पावे।।
ओम जय शिव ओंकारा।। ओम जय शिव ओंकारा।।
विज्ञापन
विज्ञापन
09:31 AM, 03-Aug-2026

कैसे शुरू करें व्रत?

Sawan - फोटो : Adobe stock
कैसे शुरू करें व्रत?
धार्मिक मान्यताओं की मानें तो सोलह सोमवार व्रत शुरू करने से पहले विधिवत संकल्प लेना चाहिए। इसके लिए ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और भगवान शिव के समक्ष बैठकर हाथ में जल, अक्षत और बेलपत्र लेकर संकल्प लें कि आप श्रद्धा और भक्ति के साथ लगातार सोलह सोमवार तक व्रत और पूजा करेंगे। शास्त्रों में संकल्प और नियमितता को व्रत की सफलता का आधार माना गया है।


हर सोमवार भगवान शिव की विधिपूर्वक पूजा करें। शिव परिवार के समक्ष घी के पांच दीपक जलाएं और 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जप करें। भगवान शिव को बेलपत्र, भांग, धतूरा, पुष्प, जल, पंचामृत, रोली और अक्षत अर्पित करें। पूजा में बिल्व पत्र का विशेष महत्व बताया गया है। वहीं, मौसमी फलों के साथ घेवर का भोग भी लगाया जा सकता है।
09:13 AM, 03-Aug-2026

Sawan First Somwar 2026: शिवलिंग पर क्यों चढ़ाया जाता बेलपत्र ? 

 

भगवान शिव की पूजा बिना जलाभिषेक और बेलपत्र अर्पित किए पूरी नहीं मानी जाती है। भगवान शिव को बेलपत्र बहुत ही प्रिय होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बेलपत्र की तीन पत्तियां भगवान शिव के तीन नेत्र हैं। इसके अलावा बेलपत्र की तीन जुड़ी पत्तियां त्रिदेव ब्रह्राा, विष्णु और महेश का प्रतीक मानी जाती है। वहीं इसके अलावा बेल पत्र की तीन पत्तियां सत, रज और तमोगुण का प्रतीक है। वहीं बेल पत्र की तासीर ठंडी होती है और इसे शिवलिंग पर चढ़ाने से शिवजी को शीतलता प्राप्ति होती है। वहीं स्कंद पुराण के अनुसार बेल के पेड़ में माता पार्वती का वास भी भी माना जाता है। इसलिए भगवान को शिव बेलपत्र अत्याधिक प्रिय होता है। 
09:03 AM, 03-Aug-2026

सावन में इन चीजों को करने से करें परहेज

 

- सावन के पवित्र महीने में मांस, मदिरा, प्याज, लहसुन और तले-भुनी चीजों से परहेज करें।
- सावन महीने के दौरान बाल, नाखून और दाढ़ी काटने से परहेज करें।
- सावन में दूध पीने से बचें बल्कि कच्चे दूध से जलाभिषेक करें। 
- सावन में वाद-विवाद से बचें और किसी से कड़वी बातें न बोलें।
08:48 AM, 03-Aug-2026

Sawan Somwar 2026: सावन में रुद्राभिषेक का महत्व और लाभ


गाय का दूध- भगवान भोलेनाथ का गाय के दूध से रुदाभिषेक करने से आरोग्य लाभ, अच्छी सेहत और दीर्घायु की प्राति होती है। 

दही- सावन में दही से रुद्राभिषेक करने से गृह क्लेश दूर होता है। इसके अलावा वाहन और संपत्ति सुख की प्राप्ति होती है। 

पंचामृत- सावन में पंचामृत से रुद्राभिषेक करने से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति और आर्थिक सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। 

गन्ने का रस- सावन में दरिद्रता का नाश और अटके हुए धन की प्राप्ति के लिए सावन में गन्ने के रस से रुद्राभिषेक करना चाहिए।
Load More
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed