Makar Sankranti 2024: मकर संक्रांति पर क्या करना शुभ, जानिए उपाय और दान-स्नान का महत्व
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Mon, 15 Jan 2024 04:14 PM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Mon, 15 Jan 2024 04:14 PM IST
खास बातें
Makar Sankranti Puja Shubh Muhurat in Hindi: आज देशभर में मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जा रहा है। हिंदू धर्म में मकर संक्रांति का विशेष महत्व होता है। वैदिक ज्योतिष में जब सूर्यदेव अपने पुत्र शनिदेव की राशि मकर में प्रवेश करते हैं तब मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जाता है। मकर संक्रांति पर गंगास्नान और दान का विशेष महत्व होता है।
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makar sankranti 2024
- फोटो : अमर उजाला
लाइव अपडेट
04:09 PM, 15-Jan-2024
हर राज्य में अलग नाम से जानी जाती है मकर संक्रांति
मकर संक्रांति का पर्व भारत के लगभग हर राज्य में सेअलग अलग नामों से जाना जाता है ।- उत्तर भारत और बिहार में खिचड़ी,
- गुजरात में उत्तरायण,
- पंजाब-हरियाणा में माघी-लोहड़ी,
- केरल में विलक्कू,
- कर्नाटक में एलु-बिरोधु
- तमिलनाडु में पोंगल
03:23 PM, 15-Jan-2024
मकर संक्रांति पर क्यों खाते हैं खिचड़ी और दही-चूड़ा
- मकर संक्रांति पर खिचड़ी और दही-चूड़ा खाने को लेकर मान्यता है कि इसे खाने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।
- इस समय ही धान की कटाई होती है जिससे चावल तैयार होता है। फिर उस चावल से खिचड़ी तैयार कर भगवान सूर्यदेव को भोग के रूप में लगाया जाता है।
- मकर संक्रांति पर सूर्य देवता को दही चूड़ा का भोग लगाकर उनको प्रसन्न किया जाता है।
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन दही-चूड़ा का सेवन करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
- इस दिन सूर्य देवता को दही-चूड़ा का भोग लगाने से कुंडली में स्थित ग्रह दोष से भी छुटकारा मिल सकता है।
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02:15 PM, 15-Jan-2024
आज से चार दिनों का पोंगल पर्व आरंभ
मकर संक्रांति के साथ दक्षिण भारत में चार दिनों तक चलने वाले पोंगल पर्व की शुरूआत हो चुकी है। पोंगल पर्व के पहले दिन इंद्रदेव की पूजा होगी। इस पूजा को भोगी पोंगल के नाम से जाना जात है। दूसरे दिन सूर्य पोंगल, तीसरे दिन मट्टू पोंगल और चौथे दिन कन्या पोंगल मनाया जाता है।01:28 PM, 15-Jan-2024
मकर संक्रांति पर लोगों ने लगाई संगम में डुबकी
मकर संक्रांति पर लाखों लोगों ने संगम में डुबकी की लगाई। सूर्य के तड़के मकर राशि में प्रवेश करने के साथ ही संगम में डुबकी लगाने का सिलसिल शुरू हो गया। मकर संक्रांति के साथ संगम की रेती पर कल्पवास शुरू हो जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गंगा, यमुना और सरस्वती के पावन संगमतट 'त्रिवेणी' पर साठ हजार तीर्थ और साठ करोड़ नदियाँ, सभी देवी-देवता, यक्ष, गन्धर्व, नाग, किन्नर आदि तीर्थराज प्रयाग' में एकत्रित होकर गंगा-यमुना-सरस्वती के पावन संगम तट पर स्नान, जप-तप, और दान-पुण्य कर अपना जीवन धन्य करते हैं।12:59 PM, 15-Jan-2024
मकर संक्रांति पर करें इन 5 चीजों का दान
सूर्यदेव जब मकर राशि में प्रवेश करते हैं तब मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जाता है। मकर संक्रांति पर गंगा स्नान और दान करने का विशेष महत्व होता है। इस दिन दान करने से सूर्यदेव और शनिदेव की विशेष कृपा मिलती है। मकर संक्रांति पर इन 5 चीजों का दान जरूर करना चाहिए।- तिल का दान
- घी का दान
- गुड़ का दान
- खिचड़ी का दान
- कंबल का दान
12:26 PM, 15-Jan-2024
मकर संक्रांति होते हैं शुभ काम
मकर संक्रांति पर सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं। तब खरमास का समय खत्म होता है और सभी तरह के शुभ-मांगलिक कार्य आरंभ हो जाते हैं। मकर संक्रांति के बाद से विवाह, गृहप्रवेश, मुंडन संस्कार आदि कार्य शुरू हो जाते हैं। इसके अलावा मकर संक्रांति पर काले तिल, गुड़ और अनाज का दान करना शुभ होता है।
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12:05 PM, 15-Jan-2024
मकर संक्रांति पर सूर्यदेव की पूजा के मंत्र
मकर संक्रांति के दिन सूर्यदेव को अर्घ्य देना बहुत शुभ होता है। इस दिन तांबे के लोटे में जल लेकर उसमें तिल, गुड़, लाल चंदन, लाल पुष्प, अक्षत आदि डालें और फिर 'ॐ सूर्याय नम:' और ऊं घृणि: सूर्याय नम: मंत्र का जाप करते हुए सूर्य को अर्घ्य दें।11:46 AM, 15-Jan-2024
उत्तरायण का महत्व
शास्त्रों के अनुसार उत्तरायण देवताओं का दिन और दक्षिणायण देवताओं की रात होती है। वैदिक काल में उत्तरायण को देवयान तथा दक्षिणायण को पितृयान कहा जाता था।11:31 AM, 15-Jan-2024
पश्चिम बंगाल में मकर संक्रांति
पश्चिम बंगाल में इस पर्व पर गंगासागर पर बहुत बड़े मेले का आयोजन किया जाता है। यहां पर इस पर्व के दिन स्नान करने के बाद तिल दान करने की प्रथा है। इस दिन मां गंगा भगीरथ के पीछे चलकर कपिल मुनि के आश्रम से होते हुए गंगा सागर में जाकर मिली थीं।11:23 AM, 15-Jan-2024