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Same Sex Marriage LIVE: सुप्रीम कोर्ट का फैसला- समलैंगिक विवाह को कानूनी वैधता नहीं, 3-2 के अंतर से आया निर्णय

Tue, 17 Oct 2023 06:09 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Tue, 17 Oct 2023 06:09 PM IST
खास बातें

Supreme Court Verdict on Same Sex Marriage News: सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक विवाह को कानूनी तौर पर वैधता देने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट की 
सीजेआई जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने 3-2 के 3-2 के बहुमत के फैसले से कहा कि इस तरह की अनुमति सिर्फ कानून के जरिए ही दी जा सकती है और कोर्ट विधायी मामलों में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। गौरतलब है कि कोर्ट ने 10 दिनों की सुनवाई के बाद 11 मई को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। पढ़ें सभी अपडेट्स...

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Same Gender Marriage Verdict Live Updates Supreme Court to Pronounce Judgment on Marriage Equality Case New
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला

लाइव अपडेट

06:09 PM, 17-Oct-2023
सभी चार निर्णय देश के न्यायशास्त्र को अगले स्तर पर ले गए : मेहता
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा, मैं फैसले का तहे दिल से स्वागत करता हूं। मुझे ख़ुशी है कि मेरा पक्ष स्वीकार कर लिया गया है। सभी चार निर्णय हमारे देश के न्यायशास्त्र और निर्णय लिखने में लगने वाले बौद्धिक अभ्यास को अगले स्तर पर ले गए। दुनिया में बहुत कम अदालतें हैं जहां कोई इस स्तर की बौद्धिक और विद्वतापूर्ण न्यायिक कवायद की उम्मीद कर सकता है। यह फैसला सभी न्यायक्षेत्रों में पढ़ा जाएगा। मेहता ने कहा, वे सभ्य समाज के साथ व्यक्तियों के हितों को संतुलित करते हैं। यह शक्तियों के पृथक्करण के सवाल पर न्यायशास्त्रीय विकास में एक महत्वपूर्ण कदम है और संसद, कार्यपालिका और न्यायपालिका के कामकाज में ज्वलंत और स्पष्ट अंतर्दृष्टि प्रदान करता है। जो संविधान के अनुसार एक दूसरे के पूरक के रूप में कार्य करते हैं।

केंद्र के लिए तर्क देते हुए, मेहता ने समलैंगिक विवाह को वैध बनाए जाने पर वैधानिक अभ्यास की विशालता पर प्रकाश डाला था और सुझाव दिया था कि केंद्र संपूर्ण मुद्दों को देखने के लिए एक उच्च स्तरीय पैनल का गठन कर सकता है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि साथी चुनने का अधिकार जरूरी नहीं कि कानून की स्थापित प्रक्रिया के अलावा ऐसे व्यक्ति से शादी करने का अधिकार हो।
12:50 PM, 17-Oct-2023

सिर्फ कानून बनाकर ही दिया जा सकता है समलैंगिकों को विवाह का अधिकार

समलैंगिक विवाह पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "विवाह का कोई अयोग्य अधिकार नहीं है सिवाय इसके कि इसे कानून के तहत मान्यता प्राप्त है। नागरिक संघ को कानूनी दर्जा प्रदान करना केवल अधिनियमित कानून के माध्यम से ही हो सकता है। समलैंगिक संबंधों में ट्रांससेक्सुअल व्यक्तियों को शादी करने का अधिकार है।"
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12:43 PM, 17-Oct-2023
न्यायमूर्ति रवीन्द्र भट्ट ने कहा, "जब गैर-विषमलैंगिक जोड़ों के बीच विवाह का कोई संवैधानिक अधिकार या संघों की कानूनी मान्यता नहीं है तो न्यायालय राज्य को किसी भी दायित्व के तहत नहीं डाल सकता है।" उन्होंने कहा कि समलैंगिक जोड़ों के बच्चा गोद लेने के अधिकार पर CJI डीवाई चंद्रचूड़ से असहमत हैं और इस मामले पर कुछ चिंताएं जताते हैं।"
12:42 PM, 17-Oct-2023

जस्टिस भट्ट बोले- सीजेआई के फैसले से सहमत नहीं

जस्टिस रवीन्द्र भट्ट ने कहा, "विवाह करने का अयोग्य अधिकार नहीं हो सकता, जिसे मौलिक अधिकार माना जाए। हालांकि हम इस बात से सहमत हैं कि रिश्ते का अधिकार है, हम स्पष्ट रूप से मानते हैं कि यह अनुच्छेद 21 के अंतर्गत आता है। इसमें एक साथी चुनने और उनके साथ शारीरिक संबंध का आनंद लेने का अधिकार शामिल है जिसमें गोपनीयता, स्वायत्तता आदि का अधिकार शामिल है। इसमें कोई संदेह नहीं हो सकता कि जीवन साथी चुनने का विकल्प मौजूद है।"
12:12 PM, 17-Oct-2023

जस्टिस संजय किशन कौल ने कही ये बात

समलैंगिक विवाह पर सुप्रीम कोर्ट के जज संजय किशन कौल ने कहा कि संविधान के तहत गैर-विपरीत लिंग वाले विवाहों को भी सुरक्षा का अधिकार है। उन्होंने कहा कि समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता वैवाहिक समानता की तरफ एक बड़ा कदम होगा। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि विवाह कोई अंत नहीं है। हमें इसकी स्वायत्ता को इस तरह बरकरार रखना चाहिए कि यह दूसरों के अधिकारों पर असर न डाले।
11:58 AM, 17-Oct-2023
वैवाहिक समानता मामला | जस्टिस रवींद्र भट्ट का कहना है कि वे विशेष विवाह अधिनियम पर CJI द्वारा जारी निर्देशों से सहमत नहीं हैं।
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11:54 AM, 17-Oct-2023

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- समलैंगिकों के अधिकारों के लिए कमेटी बनाए सरकार

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह समलैंगिक विवाह में लोगों के अधिकार और पात्रता के निर्धारिण के लिए एक कमेटी बनाए। यह कमेटी समलैंगिकों को राशन कार्ड में एक परिवार के तौर पर दर्शाने पर भई विचार करे। इसके अलावा उन्हें जॉइंट बैंक अकाउंट, पेंशन के अधिकार, ग्रैच्युटी आदि में भी भी अधिकार देने को लेकर विचार किया जाए। कमेटी की रिपोर्ट को केंद्र सरकार के स्तर पर देखा जाए।
11:47 AM, 17-Oct-2023

सीजेआई ने समलैंगिकों के विवाह पर की ये टिप्पणी

चीफ जस्टिस ने कहा कि समलैंगिकों के साथ में आने पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लग सकता। किसी विपरीत लिंग के संबंधों में ट्रांसजेंडर्स को मौजूदा कानून के तहत विवाह का अधिकार है। इसके अलावा अविवाहित जोड़े, यहां तक कि समलैंगिक भी साझा तौर पर बच्चे को गोद ले सकते हैं।
11:46 AM, 17-Oct-2023
सीजेआई ने केंद्र और राज्य सरकारों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि समलैंगिक समुदाय के लिए वस्तुओं और सेवाओं तक पहुंच में कोई भेदभाव न हो और सरकार को समलैंगिक अधिकारों के बारे में जनता को जागरूक करने का निर्देश दिया। सरकार समलैंगिक समुदाय के लिए हॉटलाइन बनाएगी, हिंसा का सामना करने वाले समलैंगिक जोड़ों के लिए सुरक्षित घर 'गरिमा गृह' बनाएगी और यह सुनिश्चित करेगी कि अंतर-लिंग वाले बच्चों को ऑपरेशन के लिए मजबूर न किया जाए।
11:45 AM, 17-Oct-2023

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र-राज्यों को दिया ये निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि वह समलैंगिकों के अधिकारों के लिए जागरुकता अभियान चलाएं और यह सुनिश्चित करें कि उन लोगों के साथ किसी तरह का भेदभाव न हो।
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