Parliament Session Live: ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक राज्यसभा से पारित; इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने किया वॉकआउट
Parliament Monsoon Session 2026 Live Updates News in Hindi: संसद के मानसून सत्र का आज 17वां दिन है। विपक्ष दिल्ली में छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री से जवाब और राम मंदिर के मुद्दे पर चर्चा की मांग पर अड़ा है। लोकसभा और राज्यसभा कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। पढ़िए संसद से लाइव अपडेट्स-
लाइव अपडेट
FCRA बिल को लेकर सरकार का बड़ा कदम, JPC के पास भेजे जाने की संभावना
सरकारी सूत्रों के अनुसार, FCRA बिल को जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजे जाने की संभावना है। बिल को लेकर सरकार की ओर से यह कदम उठाया जा सकता है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निर्णय की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।जस्टिस यशवंत वर्मा पर जांच रिपोर्ट बुधवार को लोकसभा में होगी पेश
न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा से जुड़े नकदी बरामदगी मामले में जांच समिति की रिपोर्ट बुधवार को लोकसभा में पेश की जाएगी। रिपोर्ट को सदन के पटल पर रखे जाने की तैयारी है। यह मामला न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के आवास से कथित तौर पर नकदी बरामद होने के आरोपों से जुड़ा है। अब इस मामले में गठित जांच समिति की रिपोर्ट लोकसभा में रखे जाने के बाद आगे की प्रक्रिया पर नजर रहेगी।
5 साल में 3 गुना बढ़ी सियासी दलों और ट्रस्टों की आयकर देनदारी, 1,043 करोड़ पहुंची
राजनीतिक दलों, धार्मिक ट्रस्टों और अन्य संस्थानों की आयकर देनदारी पांच साल में करीब तीन गुना बढ़कर 1,043 करोड़ रुपये हो गई है। राज्यसभा में वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि आईटीआर-7 भरने वाली संस्थाओं की कर देनदारी आकलन वर्ष 2021-22 में 356 करोड़ रुपये थी, जो आकलन वर्ष 2025-26 में बढ़कर 1,043 करोड़ रुपये हो गई। इसी अवधि में देनदारी 2023 में 419 करोड़, 2024 में 816 करोड़ और 2025 में 781 करोड़ रुपये रही। सरकार ने क्षेत्र परीक्षण के लिए 10 और 20 रुपये के एक अरब पॉलीमर बैंक नोट जारी करने को भी मंजूरी दी है। वहीं, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का जीएनपीए 31 मार्च 2024 के 3,39,541 करोड़ रुपये से घटकर 31 मार्च 2026 को 2,45,634 करोड़ रुपये रह गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जन्म-मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक-2026 को भी मंजूरी दे दी है। अब दो साल से अधिक देरी से पंजीकरण के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट की अनुमति जरूरी होगी।
ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक 2026 राज्यसभा से पारित
ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक, 2026 मंगलवार को राज्यसभा से भी पारित हो गया। इस विधेयक में देश के विभिन्न ट्रिब्यूनल में अध्यक्षों और सदस्यों की नियुक्ति के लिए नेशनल ट्रिब्यूनल कमीशन (NTC) गठित करने का प्रावधान किया गया है। इससे पहले सोमवार को लोकसभा ने इस विधेयक को मंजूरी दी थी। विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्षी INDIA ब्लॉक के दलों ने दोपहर बाद सदन से वॉकआउट किया। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को सभापति की ओर से बोलने की अनुमति नहीं मिलने के बाद विपक्ष ने यह कदम उठाया।विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि ट्रिब्यूनल तेजी से न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने 2016 में ट्रिब्यूनल के युक्तिकरण की प्रक्रिया शुरू की थी। इसके बाद 2021 में ट्रिब्यूनल सुधार अधिनियम लाया गया।
मेघवाल ने कहा कि नेशनल ट्रिब्यूनल कमीशन की स्थापना इस विधेयक का मुख्य आधार है। आयोग में दो न्यायिक और दो तकनीकी सदस्य होंगे। इसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश या किसी हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश द्वारा की जाएगी। मंत्री के अनुसार, आयोग में नियुक्तियों की प्रक्रिया को पारदर्शी, स्वतंत्र और योग्यता आधारित बनाने का प्रयास किया गया है।
इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने राज्यसभा से किया वॉकआउट
इंडिया ब्लॉक के दलों ने मंगलवार को राज्यसभा से वॉकआउट किया। यह वॉकआउट दोपहर बाद की कार्यवाही में हुआ, जब न्यायाधिकरण सुधार विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान सभापति ने विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को बोलने की अनुमति नहीं दी।राज्यसभा में इससे पहले भी विपक्षी दल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से पिछले महीने प्रदर्शनकारी छात्रों पर बल प्रयोग और पैलेट गन के इस्तेमाल पर बयान देने की मांग कर रहे थे। राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी का मुद्दा भी विपक्ष उठा रहा है। इन मुद्दों को लेकर मंगलवार को दोपहर से पहले सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित हुई।
दोपहर 2 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद न्यायाधिकरण सुधार विधेयक पर चर्चा शुरू हुई। इस दौरान विपक्षी सांसद नारेबाजी करते रहे। सभापति ने सांसदों से सिर्फ विधेयक पर बोलने को कहा। उन्होंने शुरुआत में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को बोलने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद विपक्षी सांसदों ने 'एलओपी को बोलने दो' के नारे लगाए।
हंगामे के बीच विधेयक पर चर्चा शुरू हुई। विपक्षी सांसदों ने सदन की व्यवस्था का मुद्दा भी उठाने की कोशिश की। साथ ही, गृह मंत्री अमित शाह को सदन में आने और राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर नारे लगाए गए।
देश के लोगों के भरोसे से जुड़ा है न्यायाधिकरण सुधार विधेयक: स्वाति मालीवाल
न्यायाधिकरण सुधार विधेयक के समर्थन में सांसद स्वाति मालीवाल ने कहा कि यह विधेयक आम नागरिक के न्याय के लिए इंतजार से जुड़ा है। उन्होंने कहा, यह सिर्फ न्यायाधिकरणों के लिए विधेयक नहीं है, बल्कि देश के लोगों के भरोसे से जुड़ा विधेयक है।कानून मंत्री ने न्यायाधिकरण सुधार विधेयक पेश किया
केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने राज्यसभा में न्यायाधिकरण सुधार विधेयक, 2026 पेश किया। उन्होंने इसे विचार और पारित करने के लिए सदन के सामने रखा।विधेयक के समर्थन में बोलते हुए एआईएडीएमके सांसद आईएस इनबादुरई ने कावेरी नदी के मुद्दे को उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की।