Parliament Monsoon Session Live: लोकसभा में अंतर-सेवा संगठन विधेयक पास; राज्यसभा पूरे दिन के लिए स्थगित
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Fri, 04 Aug 2023 08:53 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Fri, 04 Aug 2023 08:53 PM IST
खास बातें
Parliament Monsoon Session News Updates: राज्यसभा में शुक्रवार को सत्ता पक्ष ने राजस्थान में कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर चर्चा कराने की मांग को लेकर हंगामा किया। वहीं, विपक्ष ने मणिपुर मुद्दे पर नियम 267 के तहत दिए गए स्थगन नोटिस को स्वीकार करने की मांग करते हुए नारेबाजी की। हंगामे की वजह से राज्यसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। पल-पल की अपडेट के लिए पढ़ते रहिए अमर उजाला डॉट कॉम...
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Parliament Session
- फोटो : Amar Ujala
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लाइव अपडेट
08:53 PM, 04-Aug-2023
200 पौष्टिक औषधीय व पूरक उत्पाद के नमूने खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए
बाजार में बिकने वाले पौष्टिक औषधीय और स्वास्थ्य पूरक उत्पादों के लगभग 200 नमूने खाद्य सुरक्षा कानून मानकों और कार्रवाई के अनुरूप नहीं पाए गए। लोकसभा को शुक्रवार को बताया गया कि उचित दंडात्मक प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की गई है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने 7 मार्च को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों, केंद्रीय लाइसेंसिंग अधिकारियों और क्षेत्रीय निदेशकों को बाजार में बेचे जाने वाले पौष्टिक औषधीय और स्वास्थ्य पूरक उत्पादों के लिए एक विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया था, जिसके बाद खामियां उजागर हुईं।
बाजार में बिकने वाले पौष्टिक औषधीय और स्वास्थ्य पूरक उत्पादों के लगभग 200 नमूने खाद्य सुरक्षा कानून मानकों और कार्रवाई के अनुरूप नहीं पाए गए। लोकसभा को शुक्रवार को बताया गया कि उचित दंडात्मक प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की गई है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने 7 मार्च को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों, केंद्रीय लाइसेंसिंग अधिकारियों और क्षेत्रीय निदेशकों को बाजार में बेचे जाने वाले पौष्टिक औषधीय और स्वास्थ्य पूरक उत्पादों के लिए एक विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया था, जिसके बाद खामियां उजागर हुईं।
08:50 PM, 04-Aug-2023
सीजीएचएस के तहत हर दिन 10-12 करोड़ रुपये के बिल होते हैं प्राप्त
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने लोकसभा को बताया कि सरकार को सीजीएचएस के तहत हर दिन 10-12 करोड़ रुपये के बिल प्राप्त होते हैं। उन्होंने कहा कि प्राप्त बिलों सहित सभी लंबित बिलों का दिन-प्रतिदिन के आधार पर भुगतान कर दिया जाता है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने फरवरी और जुलाई के बीच केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) के तहत लगभग 1,446 करोड़ रुपये के बिलों का भुगतान किया है। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष (अप्रैल 2023 से जुलाई 2023 ) में सीजीएचएस के तहत 1,510 करोड़ रुपये के अनुमानित बिल प्राप्त हुए हैं, जिसमें से 30 जुलाई तक लगभग 1,165 करोड़ रुपये भुगतान किए जा चुके हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने लोकसभा को बताया कि सरकार को सीजीएचएस के तहत हर दिन 10-12 करोड़ रुपये के बिल प्राप्त होते हैं। उन्होंने कहा कि प्राप्त बिलों सहित सभी लंबित बिलों का दिन-प्रतिदिन के आधार पर भुगतान कर दिया जाता है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने फरवरी और जुलाई के बीच केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) के तहत लगभग 1,446 करोड़ रुपये के बिलों का भुगतान किया है। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष (अप्रैल 2023 से जुलाई 2023 ) में सीजीएचएस के तहत 1,510 करोड़ रुपये के अनुमानित बिल प्राप्त हुए हैं, जिसमें से 30 जुलाई तक लगभग 1,165 करोड़ रुपये भुगतान किए जा चुके हैं।
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06:46 PM, 04-Aug-2023
2022 तक किडनी प्रत्यारोपण के लिए करीब 40 हजार पंजीकृत: सरकार
सरकार ने शुक्रवार को लोकसभा में बताया कि 2022 तक किडनी प्रत्यारोपण (किडनी ट्रांसप्लांट) के करीब 40,000 और यकृत प्रत्यारोपण (लीवर ट्रांसप्लांट) के लिए 13,430 मरीज पंजीकृत हुए। सरकार ने कहा कि उस वर्ष 11,705 किडनी प्रत्यारोपण किए गए थे, जबकि 3,920 रोगियों का यकृत प्रत्यारोपण किया गया था। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि विभिन्न अंग प्रत्यारोपण की आवश्यकता वाले भारतीयों की सटीक संख्या के संबंध में आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
मंडाविया ने कहा कि हृदय प्रत्यारोपण के मामले में 2022 तक 2,048 रोगियों को प्रत्यारोपण के लिए प्रतीक्षा के रूप में राष्ट्रीय रजिस्ट्री में सूचीबद्ध किया गया था, लेकिन उस वर्ष केवल 243 प्रत्यारोपण किए गए थे। रजिस्ट्री का रखरखाव राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (एनओटीटीओ) द्वारा किया जाता है। मंत्री ने कहा कि फेफड़े के प्रत्यारोपण के लिए 1,320 मरीज, अग्न्याशय प्रत्यारोपण के लिए 181 और आंत प्रत्यारोपण के लिए 57 रोगियों ने पंजीकरण कराया। उन्होंने सदन को सूचित किया कि इनमें से 144 की फेफड़े के प्रत्यारोपण की प्रक्रिया, 26 की अग्न्याशय प्रतिरोपण प्रक्रिया और तीन आंत प्रतिरोपण प्रक्रिया की गई।
सरकार ने शुक्रवार को लोकसभा में बताया कि 2022 तक किडनी प्रत्यारोपण (किडनी ट्रांसप्लांट) के करीब 40,000 और यकृत प्रत्यारोपण (लीवर ट्रांसप्लांट) के लिए 13,430 मरीज पंजीकृत हुए। सरकार ने कहा कि उस वर्ष 11,705 किडनी प्रत्यारोपण किए गए थे, जबकि 3,920 रोगियों का यकृत प्रत्यारोपण किया गया था। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि विभिन्न अंग प्रत्यारोपण की आवश्यकता वाले भारतीयों की सटीक संख्या के संबंध में आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
मंडाविया ने कहा कि हृदय प्रत्यारोपण के मामले में 2022 तक 2,048 रोगियों को प्रत्यारोपण के लिए प्रतीक्षा के रूप में राष्ट्रीय रजिस्ट्री में सूचीबद्ध किया गया था, लेकिन उस वर्ष केवल 243 प्रत्यारोपण किए गए थे। रजिस्ट्री का रखरखाव राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (एनओटीटीओ) द्वारा किया जाता है। मंत्री ने कहा कि फेफड़े के प्रत्यारोपण के लिए 1,320 मरीज, अग्न्याशय प्रत्यारोपण के लिए 181 और आंत प्रत्यारोपण के लिए 57 रोगियों ने पंजीकरण कराया। उन्होंने सदन को सूचित किया कि इनमें से 144 की फेफड़े के प्रत्यारोपण की प्रक्रिया, 26 की अग्न्याशय प्रतिरोपण प्रक्रिया और तीन आंत प्रतिरोपण प्रक्रिया की गई।
01:13 PM, 04-Aug-2023
‘भारतीय प्रबंध संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2023’ पास
लोकसभा ने शुक्रवार को विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे के बीच ‘भारतीय प्रबंध संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2023’ को मंजूरी दी।
12:37 PM, 04-Aug-2023
अंतर-सेवा संगठन (कमांड, नियंत्रण और अनुशासन) विधेयक, 2023 पास
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में अंतर-सेवा संगठन (कमांड, नियंत्रण और अनुशासन) विधेयक, 2023 पेश किया। बिल को निचले सदन से मंजूरी भी मिल गई। विधेयक पर बोलते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि यह विधेयक हमारी सशस्त्र सेनाओं के तीनों अंगों में एकीकरण और एकजुटता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे वे एकजुट और एकीकृत तरीके से भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम होंगे। मैं सदन को आश्वस्त करना चाहता हूं कि यह विधेयक सैन्य सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस विधेयक में कोई अतिरिक्त वित्तीय निहितार्थ शामिल नहीं है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में अंतर-सेवा संगठन (कमांड, नियंत्रण और अनुशासन) विधेयक, 2023 पेश किया। बिल को निचले सदन से मंजूरी भी मिल गई। विधेयक पर बोलते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि यह विधेयक हमारी सशस्त्र सेनाओं के तीनों अंगों में एकीकरण और एकजुटता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे वे एकजुट और एकीकृत तरीके से भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम होंगे। मैं सदन को आश्वस्त करना चाहता हूं कि यह विधेयक सैन्य सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस विधेयक में कोई अतिरिक्त वित्तीय निहितार्थ शामिल नहीं है।
12:24 PM, 04-Aug-2023
राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित
राज्यसभा की कार्यवाही सोमवार (7 अगस्त) सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित की गई। इससे पहले ट्रेजरी बेंच राजस्थान और और विपक्षी दल मणिपुर हिंसा में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार पर चर्चा करने की अपनी मांगों पर अड़े रहे। इसे लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ। इसके बाद कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया। एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे उच्च सदन की बैठक शुरू होने पर भाजपा सांसद घनश्याम तिवाडी ने राजस्थान में एक नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की घटना का जिक्र किया। उन्होंने राजस्थान में कानून व्यवस्था खराब होने का दावा करते हुए इस मुद्दे पर चर्चा कराए जाने की मांग की। इसी दौरान सदन में विपक्षी सदस्यों ने मणिपुर मुद्दे को लेकर हंगामा शुरू कर दिया।
सदन के नेता पीयूष गोयल ने कहा कि सदस्य राजस्थान में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार से चिंतित है। उन्होंने आसन से कहा कि मणिपुर मुद्दे पर नियम 176 के तहत चर्चा की अनुमति दी गई थी और उसी प्रकार नियम 176 के तहत राजस्थान के मुद्दे पर भी चर्चा की अनुमति दी जानी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मणिपुर मुद्दे पर 267 के तहत अपनी मांग दोहराई। हालांकि, सदन में शोर के कारण वह अपनी बात पूरी नहीं कर सके और सभापति जगदीप धनखड़ ने बैठक पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी।
सभापति ने बताया कि नियम 267 के तहत उन्हें कुल 48 नोटिस मिले हैं। उनके इतना कहते ही सत्ता पक्ष के सदस्यों ने राजस्थान के मुद्दे पर हंगामा और शोरगुल शुरु कर दिया। विपक्ष के नेता खरगे ने कहा कि यह मंच राजस्थान पर चर्चा के लिए नहीं है। उन्होंने नियम 267 के तहत मणिपुर पर चर्चा कराने की अपनी मांग एक बार फिर दोहराई।
राज्यसभा की कार्यवाही सोमवार (7 अगस्त) सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित की गई। इससे पहले ट्रेजरी बेंच राजस्थान और और विपक्षी दल मणिपुर हिंसा में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार पर चर्चा करने की अपनी मांगों पर अड़े रहे। इसे लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ। इसके बाद कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया। एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे उच्च सदन की बैठक शुरू होने पर भाजपा सांसद घनश्याम तिवाडी ने राजस्थान में एक नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की घटना का जिक्र किया। उन्होंने राजस्थान में कानून व्यवस्था खराब होने का दावा करते हुए इस मुद्दे पर चर्चा कराए जाने की मांग की। इसी दौरान सदन में विपक्षी सदस्यों ने मणिपुर मुद्दे को लेकर हंगामा शुरू कर दिया।
सदन के नेता पीयूष गोयल ने कहा कि सदस्य राजस्थान में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार से चिंतित है। उन्होंने आसन से कहा कि मणिपुर मुद्दे पर नियम 176 के तहत चर्चा की अनुमति दी गई थी और उसी प्रकार नियम 176 के तहत राजस्थान के मुद्दे पर भी चर्चा की अनुमति दी जानी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मणिपुर मुद्दे पर 267 के तहत अपनी मांग दोहराई। हालांकि, सदन में शोर के कारण वह अपनी बात पूरी नहीं कर सके और सभापति जगदीप धनखड़ ने बैठक पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी।
सभापति ने बताया कि नियम 267 के तहत उन्हें कुल 48 नोटिस मिले हैं। उनके इतना कहते ही सत्ता पक्ष के सदस्यों ने राजस्थान के मुद्दे पर हंगामा और शोरगुल शुरु कर दिया। विपक्ष के नेता खरगे ने कहा कि यह मंच राजस्थान पर चर्चा के लिए नहीं है। उन्होंने नियम 267 के तहत मणिपुर पर चर्चा कराने की अपनी मांग एक बार फिर दोहराई।
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12:01 PM, 04-Aug-2023
रामदास अठावले ने कही यह बात
रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जो दिशानिर्देश दिए थे उसके दायरे में रहकर ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब दे दिया है। लोकसभा में बिल पास हो गया है, राज्यसभा में भी बिल पास होगा। ये बिल केजरीवाल सरकार के खिलाफ नहीं है। पहले दिल्ली में कांग्रेस की सरकार रही है, भाजपा की सरकार भी रही है। तब भी पूरा अधिकार केंद्र को था, केजरीवाल जो विषय उठा रहे हैं, वो ठीक नहीं है।
12:01 PM, 04-Aug-2023
राजस्थान पर चर्चा की मांग को लेकर नारेबाजी
सदन के नेता पीयूष गोयल ने राज्यसभा में नियम 176 के तहत राजस्थान में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार पर चर्चा की मांग की। ट्रेजरी बेंच के सांसदों ने सदन में राजस्थान पर चर्चा की मांग को लेकर नारेबाजी की।
11:27 AM, 04-Aug-2023
विपक्षी सांसदों ने लोकसभा में नारे लगाए
BRS सांसदों ने मणिपुर मुद्दे पर संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने विरोध प्रदर्शन किया और दिल्ली सेवा विधेयक को वापस लेने की मांग की। विपक्षी सांसदों ने लोकसभा में नारे लगाए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मणिपुर हिंसा पर बयान देने की मांग की।
दोपहर 12 बजे तक स्थगित
राज्यसभा और लोकसभा दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित की गई।
BRS सांसदों ने मणिपुर मुद्दे पर संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने विरोध प्रदर्शन किया और दिल्ली सेवा विधेयक को वापस लेने की मांग की। विपक्षी सांसदों ने लोकसभा में नारे लगाए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मणिपुर हिंसा पर बयान देने की मांग की।
दोपहर 12 बजे तक स्थगित
राज्यसभा और लोकसभा दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित की गई।
11:26 AM, 04-Aug-2023
विपक्ष भाग रहा है क्योंकि तर्क नहीं है, तथ्य नहीं है: केंद्रीय मंत्री
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि संसद के 15 दिन बर्बाद करने के बाद जब इनकी जगहंसाई शुरू हो गई कि दिल्ली के बिल पर सब आए पर न तर्क था न कोई अपनी बात ढंग से रख पाया। अब तक जो विपक्ष ने देश को भ्रमित करने का काम किया है, देश का समय और पैसा बर्बाद करने का काम किया है। विपक्ष भाग रहा है क्योंकि तर्क नहीं है, तथ्य नहीं है।