Modi-Merz Meet LIVE: 'भारत जर्मनी का भरोसेमंद और पसंदीदा साझेदार'; द्विपक्षीय वार्ता के बाद जर्मन चांसलर मर्ज
Modi-Merz Meet LIVE Updates: जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज भारत के दो दिवसीय दौरे पर अहमदाबाद पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री के निमंत्रण पर चांसलर मर्ज 12–13 जनवरी 2026 तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर है, यह उनकी भारत की पहली आधिकारिक यात्रा होगी। यहां पढ़ें पल-पल की अपडेट्स...
लाइव अपडेट
पीएम मोदी और जर्मन चांसलर मर्ज एकसाथ गाड़ी में नजर आए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ कार पर बैठकर फोटो साझा करते हुए लिखा 'भारत और जर्मनी की दोस्ती साझा मूल्यों, व्यापक सहयोग और आपसी समझ के जरिए लगातार मजबूत हो रही है।'The friendship between India and Germany continues to grow through shared values, extensive cooperation and mutual understanding@bundeskanzler@_FriedrichMerz pic.twitter.com/MUZxMog33T
— Narendra Modi (@narendramodi) January 12, 2026
ईरान सरकार नागरिकों की रक्षा करे, हिंसा बंद हो- जर्मन चांसलर मर्ज
जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने कहा कि ईरान के लोग आजादी और बेहतर जीवन के लिए शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं और यह उनका अधिकार है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के साहस की सराहना करते हुए कहा कि वे अत्यधिक हिंसा का बहादुरी से सामना कर रहे हैं। चांसलर मर्ज ने ईरान की सरकार और नेतृत्व से अपील की कि वे अपने नागरिकों को धमकाने के बजाय उनकी सुरक्षा करें। उन्होंने कहा कि ईरानी लोगों के खिलाफ की जा रही हिंसा ताकत नहीं, बल्कि कमजोरी की निशानी है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए।बदलती वैश्विक व्यवस्था में स्वतंत्र और सुरक्षित दुनिया चाहते हैं- चांसलर मर्ज
जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने कहा कि जर्मनी ऐसी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का समर्थन करता है, जिसमें सभी देश स्वतंत्र और सुरक्षित तरीके से रह सकें। चांसलर मर्ज ने कहा कि दुनिया की व्यवस्था तेजी से बदल रही है, जहां बड़ी ताकतों की राजनीति और प्रभाव क्षेत्रों का दौर चल रहा है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के खिलाफ रूस की आक्रामक कार्रवाई इस बदलाव का सबसे गंभीर उदाहरण है। उन्होंने यह भी कहा कि हर मुद्दे पर सभी की राय एक जैसी नहीं होती, चाहे वह भारत-जर्मनी हों या यूरोप के अन्य साझेदार। लेकिन इसके बावजूद, दोनों देशों के बीच कई अहम मुद्दों पर मजबूत सहमति और सहयोग मौजूद है। जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने कहा कि भारत जर्मनी के लिए एक भरोसेमंद और पसंदीदा साझेदार है।पीएम मोदी बोले- भारत-जर्मनी की दोस्ती का असर पूरी दुनिया में दिख रहा है
प्रधानमंत्री ने बताया कि गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय का जर्मनी के साथ पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में लंबे समय से सहयोग रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और जर्मनी हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर चलते आए हैं और उनकी दोस्ती का असर वैश्विक स्तर पर दिखाई देता है। उन्होंने बताया कि घाना, कैमरून और मलावी जैसे देशों में चल रही दोनों देशों की त्रिपक्षीय विकास साझेदारी दुनिया के लिए एक सफल मॉडल है। उन्होंने कहा कि भारत और जर्मनी ग्लोबल साउथ के देशों के विकास के लिए मिलकर प्रयास जारी रखेंगे।भारतीय नागरिकों के लिए वीजा-फ्री ट्रांजिट की घोषणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज का आभार जताते हुए कहा कि भारतीय नागरिकों के लिए वीजा-फ्री ट्रांजिट की घोषणा दोनों देशों के लोगों के बीच रिश्तों को और मजबूत करेगी। पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें यह जानकर खुशी है कि जर्मन मैरीटाइम म्यूजियम, गुजरात के लोथल में बन रहे नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स के साथ सहयोग कर रहा है। उन्होंने इसे दोनों देशों के समुद्री इतिहास को जोड़ने वाला ऐतिहासिक कदम बताया।जर्मनी के चांसलर मर्ज ने पीएम मोदी का किया धन्यवाद
संयुक्त प्रेस वार्ता में जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने कहा कि जर्मनी भारत के साथ संबंधों को और ऊंचे स्तर पर ले जाना चाहता है। उन्होंने गुजरात आने के निमंत्रण के लिए प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह न सिर्फ दोनों देशों के गहरे रिश्तों का प्रतीक है, बल्कि उनके प्रति दिखाई गई दोस्ती और सम्मान को भी दर्शाता है। भारत-जर्मनी आर्थिक संबंधों की पूरी क्षमता को हासिल करने के लिए भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत को पूरा करना बेहद जरूरी है।MoUs से सहयोग को मिलेगी नई गति- पीएम मोदी
उन्होंने कहा कि भारत और जर्मनी सुरक्षित और भरोसेमंद सप्लाई चेन बनाने के लिए भी साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इन सभी विषयों पर आज हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापनों (MoUs) से सहयोग को नई गति मिलेगी। पीएम मोदी ने बताया कि रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में बढ़ता सहयोग दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और साझा सोच का प्रतीक है। उन्होंने रक्षा व्यापार से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए चांसलर मर्ज का आभार जताया और कहा कि रक्षा उद्योगों में सह-विकास और सह-उत्पादन के लिए एक रोडमैप पर भी काम किया जाएगा।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और जर्मनी के बीच पुराने और गहरे जन-से-जन संबंध रहे हैं। उन्होंने बताया कि रवींद्रनाथ टैगोर की रचनाओं ने जर्मनी के बौद्धिक जगत को नई सोच दी, वहीं स्वामी विवेकानंद के दर्शन ने जर्मनी सहित पूरे यूरोप को प्रेरित किया। पीएम मोदी ने कहा कि मैडम कामा ने जर्मनी में पहली बार भारत का स्वतंत्रता ध्वज फहराकर आजादी की आकांक्षाओं को वैश्विक पहचान दिलाई। आज इन्हीं ऐतिहासिक संबंधों को आधुनिक साझेदारी में बदला जा रहा है।
पीएम मोदी ने बताया कि खेलों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए भी ठोस कदम उठाए गए हैं, जिससे युवाओं के बीच जुड़ाव मजबूत होगा। इसके साथ ही उच्च शिक्षा के लिए तैयार किया गया व्यापक रोडमैप शिक्षा क्षेत्र में साझेदारी को नई दिशा देगा। उन्होंने जर्मन विश्वविद्यालयों से भारत में अपने कैंपस खोलने का भी आग्रह किया।
आज भारत में 2000 से ज्यादा जर्मन कंपनियां- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और जर्मनी के बीच द्विपक्षीय व्यापार अब अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है, जो 50 अरब डॉलर से अधिक हो चुका है। उन्होंने बताया कि भारत में 2,000 से ज्यादा जर्मन कंपनियां लंबे समय से काम कर रही हैं, जो भारत पर उनके मजबूत भरोसे और यहां मौजूद अवसरों को दर्शाता है। इसका साफ उदाहरण इंडिया-जर्मनी CEO फोरम में देखने को मिला।पीएम मोदी ने कहा कि भारत और जर्मनी के बीच तकनीकी सहयोग हर साल मजबूत हुआ है, जिसका असर आज जमीन पर साफ दिखाई दे रहा है। दोनों देशों की नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में समान प्राथमिकताएं हैं। इस सहयोग को और आगे बढ़ाने के लिए भारत-जर्मनी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का फैसला लिया गया है, जो ज्ञान, तकनीक और नवाचार का साझा मंच बनेगा। प्रधानमंत्री ने आगे बताया कि भारत और जर्मनी मिलकर जलवायु, ऊर्जा, शहरी विकास और शहरी परिवहन जैसे क्षेत्रों में नए प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं। ग्रीन हाइड्रोजन से जुड़ा दोनों देशों की कंपनियों का नया मेगा-प्रोजेक्ट भविष्य की ऊर्जा के लिए गेम चेंजर साबित होगा।
जर्मन चांसलर की भारत यात्रा दोनों देशों के रिश्तों के लिए खास- पीएम मोदी
दोनों देशों की संयुक्त वार्ता के बाद पीएम मोदी ने कहा कि जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की यह चांसलर के रूप में पहली भारत और एशिया यात्रा है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा भारत के साथ संबंधों को लेकर जर्मनी की गहरी प्रतिबद्धता को दिखाती है। यह एक सुखद संयोग है कि स्वामी विवेकानंद ने दर्शन, ज्ञान और अध्यात्म के माध्यम से भारत और जर्मनी के बीच एक सेतु बनाया था। आज चांसलर मर्ज की यह यात्रा उस सेतु को नई ऊर्जा, नया आत्मविश्वास और नई गति दे रही है।पीएम मोदी ने कहा कि भारत, जर्मनी के साथ दोस्ती और साझेदारी को और मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और चांसलर मर्ज का भारत में हार्दिक स्वागत करता है। भारत और जर्मन नई परियोजनाओं को आगे बढ़ा रहे हैं। भारत और जर्मनी हर एक क्षेत्र में मिलकर काम कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि पिछले साल भारत और जर्मनी ने अपनी रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे किए थे और इस साल दोनों देश राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये उपलब्धियां सिर्फ समय की गिनती नहीं हैं, बल्कि साझी सोच, आपसी भरोसे और बढ़ते सहयोग का प्रतीक हैं। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत और जर्मनी जैसी मजबूत अर्थव्यवस्थाओं के बीच करीबी सहयोग पूरी दुनिया के लिए जरूरी है और बढ़ता व्यापार और निवेश दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती दे रहा है।
भारत-जर्मनी के बीच हुए कई समझौते
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की मौजूदगी में भारत और जर्मनी के बीच कई समझौता ज्ञापनों (MoU) का आदान-प्रदान किया गया।VIDEO | Ahmedabad: India and Germany exchange MoUs in the presence of Prime Minister Narendra Modi and German Chancellor Friedrich Merz.
— Press Trust of India (@PTI_News) January 12, 2026
(Source: Third Party)
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/trnP8i1yQQ