G20: नई दिल्ली घोषणापत्र को अपनाया गया, यूक्रेन में शांति का आह्वान; राष्ट्रपति की मेजबानी में भव्य रात्रिभोज
What is G-20 Summit 2023 in Delhi India Live: जी20 सम्मेलन की बैठक भारत मंडपम में चल रही है। पीएम मोदी ने समिट का उद्घाटन करते हुए वैश्विक मुद्दों पर बात की। इस दौरान भारत की अध्यक्षता में ही जी20 में अफ्रीकी यूनियन को शामिल करने का एलान किया गया। इसके बाद बंद दरवाजे के पीछे जी20 की बैठक हुई।
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विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉ. टेड्रॉस एडनॉम गैब्रेयेसस ने सम्मेलन के पहले दिन नई वैश्विक अर्थव्यवस्था खड़ी करने की मांग की है। उन्होंने मजबूत महामारी समझौते के लिए व्यक्तिगत रुप से समर्थन मांगा। इसमें चिकित्सा प्रति उपायों से लेकर न्यायसंगत पहुंच की प्रतिबद्धता तक शामिल है। इनका मानना है कि एक अच्छा महामारी समझौता हमें भविष्य में कोविड जैसी महामारी को रोकने में मदद करेगा। वहीं दूसरा अनुरोध एक नई वैश्विक अर्थव्यवस्था बनाने के लिए किया जो लोगों और धरती के स्वास्थ्य के बीच घनिष्ठ संबंधों को संरक्षित और बढ़ावा दे।
महात्मा गांधी के वचन भी दोहराए
बैठक में डॉ. टेड्रॉस ने महात्मा गांधी के वचनों का हवाला देते हुए कहा कि स्वास्थ्य ही वास्तविक धन है, सोना या फिर चांदी के टुकड़े नहीं। स्वास्थ्य अर्थव्यवस्था हमेशा स्वस्थ लोगों पर निर्भर करती है और स्वस्थ लोग एक स्वस्थ ग्रह पर निर्भर होते हैं।
यूक्रेन के विदेश मंत्री दमित्रो कुलेबा ने कहा कि जी-20 के साझा घोषणा पत्र में कुछ भी गर्व करने लायक नहीं। रूस का जिक्र नहीं किए जाने पर उन्होंने आलोचना की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ओलेग निकोलेंको ने संयुक्त घोषणा के प्रासंगिक खंड का एक स्क्रीनशॉट पोस्ट किया, जिसमें पाठ के कई हिस्सों को लाल रंग से काट दिया गया और शब्दों के साथ सही किया गया जो यूक्रेन की स्थिति को दर्शाता है कि यह अकारण रूसी आक्रामकता का शिकार है। उन्होंने फेसबुक पर लिखा, यह स्पष्ट है कि (जी20 बैठक में) यूक्रेनी पक्ष की भागीदारी से प्रतिभागियों को स्थिति को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी। समग्र जी-20 पाठ से अपनी निराशा के बावजूद निकोलेंको ने घोषणा में यूक्रेन की स्थिति को आगे बढ़ाने में अपना योगदान देने के लिए यूक्रेन के सहयोगियों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, यूक्रेन उन साझेदारों का आभारी है, जिन्होंने पाठ में मजबूत बदलावों को शामिल करने का प्रयास किया।
यूक्रेन की संप्रभुता वापस आई : शोल्ज
जी-20 घोषणा पत्र में यूक्रेन के जिक्र पर जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज ने कहा, इससे यूक्रेन की संप्रभुता वापस आ गई है। देशों की अखंडता को हिंसा के जरिये खंडित करने से रोक की मांग उठाकर घोषणापत्र में यूक्रेन पर रूसी हमले के बारे में स्पष्ट लाइन ली गई है।
बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. एके अब्दुल मोमेन ने कहा कि डिक्लेरेशन कल आएगा, लेकिन अच्छी खबर यह है कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के कारण है। घोषणापत्र के लिए सहमति है और यह उनकी (पीएम मोदी) गतिशीलता का ही परिणाम है कि हर कोई घोषणापत्र के लिए सहमत हो गया क्योंकि इसमें बहुत संदेह था कि कोई घोषणा होगी या नहीं। लेकिन मुझे भारतीय नेतृत्व को धन्यवाद देना चाहिए। उन्होंने बहुत अच्छा काम किया...यह बांग्लादेश और भारत के बीच संबंधों की गर्मजोशी को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री मोदी हर समय हमारी प्रधानमंत्री को अन्य नेताओं से मिलने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। हमें बहुत गर्व है और प्रधानमंत्री शेख हसीना ने यह भी उल्लेख किया कि भारत ने हमें अतिथि देश के रूप में आमंत्रित करके हमारा सम्मान किया है और हम भारत के बहुत आभारी हैं। उन्होंने हमें ग्लोबल साउथ के मुद्दों को उठाने का सम्मान और विशेषाधिकार दिया है। बांग्लादेश खास तौर पर ग्लोबल साउथ के मुद्दे उठाता रहा है। हम जलवायु परिवर्तन में अग्रणी हैं, हम महिला सशक्तिकरण में अग्रणी हैं, हम आपदा प्रबंधन में अग्रणी हैं और प्रधानमंत्री ने G20 नेतृत्व के सामने उन मुद्दों को उजागर किया है।
#WATCH | Foreign Minister of Bangladesh Dr AK Abdul Momen says, "Declaration will come tomorrow. But the good news is it is because of the leadership of Prime Minister Narendra Modi. There is an agreement for the declaration and it is because of his (PM Modi's) dynamism that… pic.twitter.com/DwPUSb9FxA
— ANI (@ANI) September 9, 2023
गृह मंत्री अमित शाह ने जी-20 शिखर सम्मेलन में जी-20 नई दिल्ली घोषणा पत्र को अपनाए जाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और समूह के नेताओं को बधाई दी। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जी-20 के सदस्य देशों को नई दिल्ली जी-20 घोषणा पत्र को अपनाने के लिए हार्दिक बधाई।
उन्होंने आगे कहा, मानव जाति के कल्याण को बढ़ावा देने के हमारे सभ्यतागत लक्ष्य की खोज में, सम्मानित जी-20 नेता कूटनीति और सहयोग के माध्यम से राष्ट्रों के बीच विश्वास के पुल बनाने के लिए आम सहमति पर पहुंचे हैं। यह सभी के बेहतर भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वह पीएम मोदी के उस पोस्ट पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा था, नई दिल्ली लीडर्स डिक्लेरेशन को अपना कर इतिहास रचा गया है। सर्वसम्मति और उत्साह से एकजुट होकर, हम बेहतर, अधिक समृद्ध और सामंजस्यपूर्ण भविष्य के लिए सहयोगात्मक रूप से काम करने का संकल्प लेते हैं। जी-20 के सभी सदस्यों के समर्थन और सहयोग के लिए उनके प्रति आभार।
जी-20 देशों ने दुनिया में लैंगिक असमानता दूर करने पर सहमति जताई। घोषणा पत्र में कहा गया है कि अर्थव्यवस्था की निर्णय लेने वाली प्रक्रिया में महिलाओं की संपूर्ण, बराबर, प्रभावी और अर्थपूर्ण भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा समाज के हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का प्रयास होगा। इस दिशा में ब्रिसबेन लक्ष्य हासिल करने की प्रतिबद्धता भी जताई गई।
शाह ने पीएम मोदी और जी-20 नेताओं को दी हार्दिक बधाई
गृह मंत्री अमित शाह ने जी-20 शिखर सम्मेलन में जी-20 नई दिल्ली घोषणा पत्र को अपनाए जाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और समूह के नेताओं को बधाई दी। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जी-20 के सदस्य देशों को नई दिल्ली जी-20 घोषणा पत्र को अपनाने के लिए हार्दिक बधाई।
जी20 शिखर सम्मेलन में रूस-यूक्रेन युद्ध पर प्रमुख मतभेदों को दूर करते हुए शनिवार को सदस्यों देशों ने ‘नई दिल्ली लीडर्स समिट डिक्लेरेशन’ को अपनाया। यह भारत के लिए एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कामयाबी है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक विश्वास की कमी को समाप्त करने का आह्वान किया। इस मौके पर मोदी ने यह भी घोषणा की कि अफ्रीकी संघ को जी20 के स्थायी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
राष्ट्रपति मुर्मू की ओर से भव्य रात्रिभोज का आयोजन किया गया। इसमें जी20 नेता व प्रतिनिधि मौजूद हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत सभी केंद्रीय मंत्री व अन्य अतिथि भी कार्यक्रम में मौजूद हैं।
अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने ट्वीट कर लिखा, "आज अमेरिका के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इन्वेस्टमेंट (PGI) के लिए साझेदारी के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाले बुनियादी ढांचे में निवेश को बढ़ावा देने के लिए जी -20 शिखर सम्मेलन दिल्ली में नेताओं की सह-मेजबानी की। यूएस पीजीआई 2027 तक विकासशील देशों के लिए 200 अरब डॉलर जुटाने के लिए प्रतिबद्ध है।"