Cyclone Jawad Live: कमजोर हुआ 'जवाद', नाम के अनुरूप बदला, आंध्र, ओडिशा और बंगाल को राहत
{"_id":"61aae39821dea25d5006b375","slug":"cyclone-jawad-live-north-south-coast-odisha-coast-andhra-pradesh-weather-imd-alert-wind-speed-jawad-landfall-updates","type":"live","status":"publish","title_hn":"Cyclone Jawad Live: कमजोर हुआ 'जवाद', नाम के अनुरूप बदला, आंध्र, ओडिशा और बंगाल को राहत","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Sat, 04 Dec 2021 06:43 PM IST
प्रशांत कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रशांत कुमार झा
Updated Sat, 04 Dec 2021 06:43 PM IST
खास बातें
बंगाल की खाड़ी में बने तूफान 'जवाद' को लेकर आंध्र प्रदेश और ओडिशा में खास सतर्कता बरती जा रही है। चक्रवाती तूफान से बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश समेत आसपास के कई राज्यों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अनुमान है। निचले इलाकों को लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इस चक्रवात को जवाद नाम सऊदी अरब ने दिया है।
विज्ञापन
चक्रवाती तूफान जवाद
- फोटो : ANI
लाइव अपडेट
02:23 AM, 04-Dec-2021
तटीय क्षेत्रों से बंगाल सरकार ने हजारों लोगों को निकाला
जवाद तूफान से खतरे को देखते हुए बंगाल सरकार ने दक्षिण 24 परगना और पूर्व मेदिनीपुर जिलों से शनिवार को हजारों लोगों को सुरक्षित निकाल लिया। सरकार ने पर्यटकों से कहा है कि वे समुद्र तटों से दूर रहें। कोलकाता, पूर्व व दक्षिण 24 परगना, पूर्व व पश्चिमी मेदिनीपुर में शनिवार सुबह से हल्की वर्षा हो रही है।12:21 PM, 04-Dec-2021
मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवात तूफान 'जवाद' का असर तमिलनाडु में भी देखने को मिलेगा। भारी बारिश के चलते राज्य में सभी स्कूल-कॉलेज को बंद करने का एलान किया गया है। साथ ही मछुआरों से समुद्र किनारे नहीं जाने की सलाह दी गई है।
विज्ञापन
09:03 AM, 04-Dec-2021
किसी भी क्षेत्र में तूफान की चेतावनी नहीं
भुवनेश्वर स्थित मौसम विभाग के निदेशक एचआर बिश्वास ने कहा है कि इसकी तीव्रता कमजोर हो रही है। यह रविवार को राज्य के पुरी तट से टकरा सकता है। इसके बाद यह और कमजोर हो जाएगा। बिश्वास ने बताया कि तट से टकराने के दौरान हवा की अधिकतम गति 75 किमी/घंटा रहने का अनुमान है। इसके प्रभाव से केवल भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है। किसी भी क्षेत्र में तूफान की चेतावनी नहीं है। जलभराव के कारण यातायात प्रभावित हो सकता है। केवल तट के निचले और संवेदनशील क्षेत्रों से ही लोगों को निकाला गया है।
एनडीआरएफ के अधिकारी विश्वनाथ चौधरी ने बताया कि जवाद को देखते हुए पुरी में हमारी एक टीम तैनात की गई है। राहत व बचाव के सारे उपकरणों के साथ टीम तैयार है। NDRF ने जोखिम वाले इलाकों में जहां 46 टीमों को तैनात किया है चक्रवाती तूफान से बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश समेत आसपास के कई राज्यों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अनुमान है। निचले इलाकों को लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम भी शुरू कर दिया गया है।
मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम, विजियानगरम और विशाखापत्तनम के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा ओडिशा के गजापट्टी, गंजम, पुरी और जगतसिंहपुर जिलों के लिए भी रेड अलर्ट जारी किया है।
एनडीआरएफ के अधिकारी विश्वनाथ चौधरी ने बताया कि जवाद को देखते हुए पुरी में हमारी एक टीम तैनात की गई है। राहत व बचाव के सारे उपकरणों के साथ टीम तैयार है। NDRF ने जोखिम वाले इलाकों में जहां 46 टीमों को तैनात किया है चक्रवाती तूफान से बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश समेत आसपास के कई राज्यों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अनुमान है। निचले इलाकों को लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम भी शुरू कर दिया गया है।
मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम, विजियानगरम और विशाखापत्तनम के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा ओडिशा के गजापट्टी, गंजम, पुरी और जगतसिंहपुर जिलों के लिए भी रेड अलर्ट जारी किया है।
08:42 AM, 04-Dec-2021
Cyclone Jawad Live: कमजोर हुआ 'जवाद', नाम के अनुरूप बदला, आंध्र, ओडिशा और बंगाल को राहत
बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान शनिवार को कमजोर होकर गहरे दबाव क्षेत्र में बदल गया। इससे आंध्रप्रदेश, ओडिशा व पश्चिम बंगाल को बड़ी राहत मिल गई है। रविवार को इसके ओडिशा में पुरी के तट से टकराने की संभावना है। तब तक यह और कमजोर होकर दबाव क्षेत्र में बदल जाएगा।
मौसम विभाग ने शनिवार शाम को बताया कि चक्रवाती तूफान 'जवाद' एक गहरे दबाव क्षेत्र में बदल गया है। यह शनिवार शाम 5.30 बजे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी व आंध्र के विशाखापत्तनम से लगभग 180 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण पूर्व में और ओडिशा के पुरी से 330 किमी दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम में केंद्रित था। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जवाद के उत्तर-उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ने और रविवार सुबह तक कमजोर पड़ने की संभावना है। यह रविवार दोपहर तक पुरी के पास पहुंच सकता है।
तूफानों के नाम रखने की व्यवस्था के तहत इस बार सऊदी अरब की नामकरण की बारी थी। उसने इस चक्रवात का नाम 'जवाद' रखा है। इसका अर्थ होता है 'उदार' या 'दयालु'। इसलिए यह नाम के अनुरूप साबित हो रहा है।
'जवाद' के इस तरह बदले रूप
'जवाद' 30 नवंबर को कम दबाव क्षेत्र के रूप में अंडमान सागर में उभरा था। 2 दिसंबर को यह और गहरे दबाव क्षेत्र में बदला और 3 दिसंबर शुक्रवार दोपहर को यह चक्रवात में परिवर्तित हो गया था।
इन इलाकों में होगी भारी वर्षा
आईएमडी के अनुसार जवाद के असर से रविवार व सोमवार को पश्चिम बंगाल के गांगेय क्षेत्र और उत्तरी ओडिशा के कुछेक इलाकों में भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है। इसके साथ ही असम, मेघालय व त्रिपुरा में कुछ स्थानों पर वर्षा होगी। मध्व व उत्तर बंगाल की खाड़ी में मछुआरों व जहाजों के लिए समुद्र में जाना असुरक्षित बना रहेगा।
मौसम विभाग ने शनिवार शाम को बताया कि चक्रवाती तूफान 'जवाद' एक गहरे दबाव क्षेत्र में बदल गया है। यह शनिवार शाम 5.30 बजे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी व आंध्र के विशाखापत्तनम से लगभग 180 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण पूर्व में और ओडिशा के पुरी से 330 किमी दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम में केंद्रित था। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जवाद के उत्तर-उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ने और रविवार सुबह तक कमजोर पड़ने की संभावना है। यह रविवार दोपहर तक पुरी के पास पहुंच सकता है।
तूफानों के नाम रखने की व्यवस्था के तहत इस बार सऊदी अरब की नामकरण की बारी थी। उसने इस चक्रवात का नाम 'जवाद' रखा है। इसका अर्थ होता है 'उदार' या 'दयालु'। इसलिए यह नाम के अनुरूप साबित हो रहा है।
'जवाद' के इस तरह बदले रूप
'जवाद' 30 नवंबर को कम दबाव क्षेत्र के रूप में अंडमान सागर में उभरा था। 2 दिसंबर को यह और गहरे दबाव क्षेत्र में बदला और 3 दिसंबर शुक्रवार दोपहर को यह चक्रवात में परिवर्तित हो गया था।
इन इलाकों में होगी भारी वर्षा
आईएमडी के अनुसार जवाद के असर से रविवार व सोमवार को पश्चिम बंगाल के गांगेय क्षेत्र और उत्तरी ओडिशा के कुछेक इलाकों में भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है। इसके साथ ही असम, मेघालय व त्रिपुरा में कुछ स्थानों पर वर्षा होगी। मध्व व उत्तर बंगाल की खाड़ी में मछुआरों व जहाजों के लिए समुद्र में जाना असुरक्षित बना रहेगा।