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दिल्ली में दीपके का हल्लाबोल LIVE: 'प्रदर्शन हमारा अधिकार', अभिजीत बोले- पीएम मोदी डरे हुए हैं; हालत कैसे?
दिल्ली में दीपके का हल्लाबोल LIVE: मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग रहे आंदोलनकारी आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर जमा होने की योजना बना रहे हैं। इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अभिजीत दीपके के नेतृत्व वाली कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलनकारियों को राज्यों में ही रोकने के निर्देश दिए हैं। इसी साल जून में विरोध-प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली किले में तब्दील हो चुकी है। दिल्ली में सीजेपी के आंदोलन और राज्यों में इससे जुड़े अपडेट्स अमर उजाला के इस लाइव ब्लॉग में पढ़ें
लाइव अपडेट
कई इलाके छावनी में तब्दील
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। राष्ट्रीय राजधानी में दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के हजारों जवानों की तैनाती की गई है। दिल्ली के कुछ इलाकों को छावनी में तब्दील किया गया है।नई दिल्ली में मंडी हाउस से जंतर-मंतर की तरफ जाने वाले रास्ते पर सुरक्षा का तगड़ा पहरा है। दिल्ली पुलिस वाहनों को चेकिंग करने के बाद ही आगे जाने दे रही है। दिल्ली पुलिस ने मंडी हाउस की ओर जाने वाली फिरोज शाह रोड पर भी बैरिकेड्स लगा दिए हैं। वहीं, जनपथ गोल चक्कर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
उधर, दिल्ली पुलिस ने राजधानी से सटे दूसरे राज्यों की सीमाओं पर भी सुरक्षा बढ़ाई है। अहम जगहों पर पुलिसकर्मी और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान तैनात किए गए हैं। दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस के साथ अतिरिक्त बल को लगाया गया है। साथ ही, बॉर्डर पर बैरिकेड लगाए गए हैं और गाड़ियों की चेकिंग की जा रही है। इसी तरह, दिल्ली और गाजियाबाद के बीच लोनी गोल चक्कर पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और गाड़ियों की चेकिंग की जा रही है।
अभिजीत दीपके बोले- गिरफ्तारी से नहीं डरता
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा "मैं सोचता हूं कि इस देश के प्रधानमंत्री देश के युवाओं और आम लोगों से इतना क्यों डर रहे हैं? सभी रेल सेवाएं बंद करने की क्या जरूरत थी? मेट्रो का संचालन रोकने की क्या जरूरत थी? इंटरनेट बंद कर दिया गया और सड़कों को रोक दिया गया। जम्मू-कश्मीर से सेना बुलाकर दिल्ली में तैनात कर दिया गया। नक्सल प्रभावित इलाकों से CRPF के जवानों को बुलाकर दिल्ली में तैनात किया गया। क्या नरेंद्र मोदी और अमित शाह अपने ही देश के लोगों के खिलाफ युद्ध करना चाहते हैं? क्या ज्ञानेश कुमार उनके लिए इतने खास हैं कि वे अपने ही नागरिकों के खिलाफ पुलिस और सेना का इस्तेमाल कर रहे हैं?"#WATCH | Mumbai: Cockroach Janta Party (CJP) Founder Abhijeet Dipke says, "I wonder why the Prime Minister of this country is so afraid of the nation's youth and its people. What was the need to shut down all railway services? What was the need to halt all metro operations? They have cut off the internet and blocked the roads. They have brought the Army from J&K and deployed it in Delhi. They have summoned CRPF forces from Naxal-affected areas and deployed them in Delhi. Do Narendra Modi and Amit Shah want to wage war against the people of their own country? Is Gyanesh Kumar so dear to them that they would unleash their police and army forces upon their own citizens?..." He adds, "PM Modi is afraid; he fears that the people of this country will not vote for him after this. That is why, simply to cling to power, they are picking people up from trains. Announcements are being made in societies warning people not to join the protests. The Delhi Police is visiting homes, telling people not to participate in protests. But why shouldn't we? Protesting is our fundamental right. Article 19 grants us the fundamental right to protest in a democratic and peaceful manner, and that is exactly what we intend to do. When asked if he will be arrested upon reaching Delhi airport, he says, "If they want to detain or arrest me, let them go ahead. I am ready for it; let them arrest or detain me. It makes no difference to me. Invoke the UAPA, invoke the NSA—go ahead and do it. But we will keep fighting for free and fair elections and to save this country's democracy."
— ANI (@ANI) October 10, 2026
उन्होंने आगे कहा "प्रधानमंत्री मोदी डरे हुए हैं। उन्हें डर है कि इस सबके बाद देश के लोग उन्हें वोट नहीं देंगे। इसलिए सिर्फ सत्ता में बने रहने के लिए लोगों को ट्रेनों से उतारा जा रहा है। सोसायटियों में घोषणाएं की जा रही हैं कि लोग प्रदर्शन में शामिल न हों। दिल्ली पुलिस लोगों के घरों पर जाकर उन्हें प्रदर्शन में शामिल नहीं होने के लिए कह रही है। लेकिन हम प्रदर्शन क्यों न करें? विरोध करना हमारा मौलिक अधिकार है। संविधान का अनुच्छेद 19 हमें लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का अधिकार देता है और हम यही करना चाहते हैं।" जब उनसे पूछा गया कि दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने पर क्या उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है, तो उन्होंने कहा कि अगर वे मुझे हिरासत में लेना या गिरफ्तार करना चाहते हैं, तो कर लें। मैं इसके लिए तैयार हूं। मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे मुझे गिरफ्तार करते हैं या हिरासत में लेते हैं। UAPA लगा दें, NSA लगा दें, जो करना है कर लें। लेकिन निष्पक्ष चुनाव कराने और देश के लोकतंत्र को बचाने के लिए हमारी लड़ाई जारी रहेगी।
जंतर-मंतर पर आज प्रदर्शन करेंगे सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके, मुंबई से दिल्ली रवाना
महाराष्ट्र के मुंबई से कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। वह आज जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन में शामिल होंगे।#WATCH | Mumbai, Maharashtra: Cockroach Janta Party (CJP) Founder Abhijeet Dipke leaves for Delhi ahead of the protest today at Jantar Mantar. https://t.co/ABZcekAlCS
— ANI (@ANI) October 10, 2026
सीजेपी के प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस अलर्ट, जवानों की वर्दी पर लगे बॉडी कैमरे
सीजेपी के आज होने वाले प्रदर्शन से पहले सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात दिल्ली पुलिस के जवानों की वर्दी पर बॉडी कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे अंधेरे में भी काम कर सकते हैं। एक पुलिसकर्मी ने बताया कि इन कैमरों का मकसद पुलिस और आम लोगों, दोनों की सुरक्षा करना है। धक्का-मुक्की जैसी घटनाओं के बाद कई बार पुलिस पर आरोप लगाए जाते हैं। ऐसे में कैमरों की रिकॉर्डिंग से पता लगाने में मदद मिलेगी कि मौके पर वास्तव में क्या हुआ था और पुलिसकर्मियों ने किसी के साथ गलत व्यवहार किया या नहीं। इन कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड होगी।
#WATCH | Delhi Police personnel use body cameras on their uniform as they are deployed for security ahead of the CJP protest today. These body cameras work even in the dark. A Police personnel says, "These body cams are to protect us and others. In situations of manhandling, allegations are levelled against Delhi Police. So, these body cams will prove whether we did anything to anyone or not. This will record eveything..."
— ANI (@ANI) October 10, 2026
दीपके के आंदोलन और विपक्षी दलों के इंडिया ब्लॉक पर नजरें
दिल्ली पुलिस और केंद्रीय बलों के पुख्ता सुरक्षा बंदोबस्त के बीच जंतर मंतर पर आहूत अभिजीत दीपके के आंदोलन और विपक्षी दलों के इंडिया ब्लॉक में शामिल सांसदों और नेताओं पर नजरें टिकी हैं। भीड़ से बचने के लिए दिल्ली की सीमाओं के अलावा स्टेशनों और मेट्रो रेल पर तमाम पाबंदियां लगाई गई हैं।दीपके होटल से मुंबई हवाई अड्डे के लिए रवाना हुए, जंतर मंतर आने की तैयारी
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी में जंतर-मंतर पर आहूत विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के लिए फोर सीजन्स होटल से मुंबई हवाई अड्डे के लिए रवाना हो चुके हैं। दीपके के सुबह 10 बजे तक दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति न देने का कारण बताया
केंद्रीय गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की है। सुरक्षा बंदोबस्त CJP के जंतर मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर किया गया है। दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था संबंधी "गंभीर" चिंताओं और निवासियों और नागरिकों को होने वाली असुविधा की संभावना का हवाला देते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। ऐसे में एक बार फिर से टकराव की आशंका है।
पिछले विरोध प्रदर्शनों में क्या हुआ?
गौरतलब है कि सीजेपी ने 6 जून को जंतर मंतर पर अपना पहला विरोध प्रदर्शन किया था। इसमें तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई थी। यह मांग NEET पेपर लीक और अन्य सार्वजनिक परीक्षा संबंधी मुद्दों पर थी। 20 जून को CJP ने NEET पेपर लीक के खिलाफ एक आंदोलन का नेतृत्व किया। 20 जुलाई को 'संसद चलो' मार्च का आह्वान किया गया था। इस दौरान पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। विरोध प्रदर्शनों और हिंसा के बाद आलोचना का सामना कर रहे प्रधान ने 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।