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स्टारलिंक पर डीआरडीओ के पूर्व वैज्ञानिक की चेतावनी: मुफ्त में भी एंट्री न दे भारत; राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा?

Sat, 10 Oct 2026 06:56 AM IST
Ashutosh Bhatia आशुतोष भाटिया
Updated Sat, 10 Oct 2026 06:56 AM IST
सार

डीआरडीओ के पूर्व वैज्ञानिक ने एलन मस्क की स्टारलिंक को मुफ्त में भी भारत में एंट्री देने का विरोध किया है। उन्होंने डाटा के जरिए राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा होने की आशंका जताई और स्वदेशी तकनीक पर भरोसा करने की सलाह दी। आखिर स्टारलिंक की एंट्री को देश की सुरक्षा के लिए इतना बड़ा जोखिम क्यों बताया जा रहा है? पढ़िए इस रिपोर्ट में। 

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Starlink India Entry: Former DRDO Scientist Warns of National Security Risks
रवि गुप्ता - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

विस्तार

सरकार को मुफ्त में भी एलन मस्क की स्टारलिंक को देश में आने की इजाजत नहीं देनी चाहिए। यह कहना है डीआरडीओ के वैज्ञानिक रहे डॉक्टर रवि कुमार गुप्ता का। स्टारलिंक को लेकर जारी राजनीतिक उठापटक के बीच अमर उजाला ने इससे जुड़ी राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताओं की पड़ताल की।
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स्टारलिंक को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जोखिम बताते हुए डॉक्टर गुप्ता ने कहा कि आज का युद्ध तलवारों या गोलियों से होने वाले युद्ध की बजाय नेटवर्क-सेंट्रिक हो चुका है। इंटरनेट अपने आप में नई दुनिया बन चुका है। 
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उन्होंने कहा कि इंटरनेट डेटा प्रदाता के पास यूजर की लोकेशन की सारी जानकारी मौजूद रहती है। अमेरिका ने भी ईरान में खामेनेई पर सटीक हमले के लिए डेटा का ही इस्तेमाल किया था। ऐसे में हमारे देश की स्वायत्तता के साथ समझौता करना खतरनाक है। 
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डॉक्टर गुप्ता ने कहा कि सरकार को देश के वैज्ञानिकों पर भरोसा रखना चाहिए। स्टारलिंक के समानांतर ढांचा बनाने में भारत को ज्यादा वक्त नहीं लगेगा।  

डाटा भारत में ही रहेगा...यह दावा बेमानी 
डॉ. गुप्ता ने इस दावे को बेमानी बताया कि स्टारलिंक का डेटा भारत में ही बनाए रखा जाएगा। डॉक्टर गुप्ता ने कहा कि यह कोई गेहूं या आलू की बोरिया नहीं हैं कि उसको दुनिया के एक हिस्से से दूसरे हिस्से शिफ्ट करने में महीनों लग जाएं।

डेटा मिनटों में इधर से उधर जा सकता है। गुप्ता ने कहा कि मस्क भारतीय बाजार में अपने कारोबारी हितों को आगे बढ़ाना चाहते हैं और भारत की अंदरूनी राजनीति में फूट डालो और राज करो की नीति अपना रहे हैं। रक्षा व सैन्य संचार विशेषज्ञ कर्नल रोहित देव ने भी स्टारलिंक को देश के लिए खतरा बताया है। 

कर्नल देव ने कहा कि भारत को ऐसी स्वदेशी तकनीक विकसित करनी चाहिए, जिसका लाभ नागरिकों के साथ सेना को भी मिले।
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