Bihar Flood Updates: नीतीश सरकार के मंत्री ने बताया- क्यों आई बिहार के 200 गांवों में बाढ़, क्या किया सरकार ने
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Mon, 30 Sep 2024 06:45 PM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना/ दरभंगा/ सीतामढ़ी/ सुपौल/ सहरसा/ मोतिहारी/ मुजफ्फरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना/ दरभंगा/ सीतामढ़ी/ सुपौल/ सहरसा/ मोतिहारी/ मुजफ्फरपुर
Published by: आदित्य आनंद
Updated Mon, 30 Sep 2024 06:45 PM IST
खास बातें
Bihar News : नदी का तेज बहाव ने तटबंधों को ध्वस्त कर दिया है। अब तक सात तटबंध टूट चुके हैं। इससे कई गांवों को बाढ़ का पानी घुस गया है। दरभंगा, सीतामढ़ी, शिवहर और बगहा में कुल सात तटबंध टूट गए।
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बिहार के कई गांव में घुसा बाढ़ का पानी।
- फोटो : अमर उजाला
लाइव अपडेट
06:38 PM, 30-Sep-2024
पूर्वी चंपारण में बांध टूटने के बाद की तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
Bihar Flood News : पूर्वी चंपारण के सुगौली में रिंग बांध टूटा
पूर्वी चंपारण के सुगौली में सीकहरना नदी का रिंग बांध टूट गया है। बांध टूटते ही आसपास के इलाकों में तेजी से फैलने लगा। ग्रामीणों के बीच हड़कंप मच गया। उत्तरी सुगाव पंचायत के मुखिया रंजीत झा ने बताया कि गोडिगंवा के वार्ड नम्बर के समीप पानी की तेज बहाव के कारण सीकरहना नदी का रिंग बांध टूट गया।इसकी सूचना सीओ और जिला प्रशासन को दे दी गई है। दोपहर के बाद सिकरहना नदी में बाढ़ के दवाब मे बढ़ोतरी के कारण यह घटना हुई।
रिंग बांध के टूटने से होकर पानी की तेज धारा निकलने लगी है। ग्रामीणों ने भी बताया कि सोमवार को दो बजे के बाद सिकरहना नदी के बाढ़ के पानी दवाब से करीब तीस फीट रिंग बांध टूट गया है।और नदी से पानी का तेज बहाव सरेही इलाको में हो रहा है। पानी में डूबने से धान की तैयार फसलों का हो भारी नुकसान सकता है।
पूर्वी चंपारण के सुगौली में सीकहरना नदी का रिंग बांध टूट गया है। बांध टूटते ही आसपास के इलाकों में तेजी से फैलने लगा। ग्रामीणों के बीच हड़कंप मच गया। उत्तरी सुगाव पंचायत के मुखिया रंजीत झा ने बताया कि गोडिगंवा के वार्ड नम्बर के समीप पानी की तेज बहाव के कारण सीकरहना नदी का रिंग बांध टूट गया।इसकी सूचना सीओ और जिला प्रशासन को दे दी गई है। दोपहर के बाद सिकरहना नदी में बाढ़ के दवाब मे बढ़ोतरी के कारण यह घटना हुई।
रिंग बांध के टूटने से होकर पानी की तेज धारा निकलने लगी है। ग्रामीणों ने भी बताया कि सोमवार को दो बजे के बाद सिकरहना नदी के बाढ़ के पानी दवाब से करीब तीस फीट रिंग बांध टूट गया है।और नदी से पानी का तेज बहाव सरेही इलाको में हो रहा है। पानी में डूबने से धान की तैयार फसलों का हो भारी नुकसान सकता है।
04:33 PM, 30-Sep-2024
Bihar Flood News : जल संसाधन मंत्री ने बताया- 50 घंटे कैसे गुजरे
बिहार सरकार के जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने सोमवार की शाम मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमारे यहां मानसून से ज्यादा नेपाल की बारिश का प्रभाव पड़ा है। इस बार ऐसी स्थिति बनी कि नेपाल में करीब 60 से 70 घंटे तक लगातार बारिश हुई। विभाग ने पूर्वानुमान लगाया और सभी जिलाधिकारी को अलर्ट कर दिया था। लेकिन, उस अनुमान से अधिक बारिश हुई। नतीजा यह हुआ कि कोसी और गंडक उफना गई। यह 50 घंटे काफी चुनौतीपूर्ण बीते। दिन-रात बचाव के इंतजाम में लगे रहे। लगातार बाढ़ की हालत की निगरानी की गई। पानी का दबाव ही इतना था कि पिछले कई साल का रिकॉर्ड टूट गया। सारे रिकॉर्ड टूट गए। 56 साल में सबसे अधिक पानी कोसी में आया है।
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02:50 PM, 30-Sep-2024
बाढ़ के कारण लोगों ने ऊंचे स्थानों पर लिया शरण।
- फोटो : अमर उजाला
सहरसा के महिषी प्रखंड क्षेत्र के जलई थाना क्षेत्र में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है। लोग जब तक संभल पाते तब तक घर डूब गए। कमर भर पानी दर्जनों गांव के घर में घुस गया है। प्रशासनिक अधिकारियों की टीम राहत बचाव में जुट गई है। वहीं तेज बहाव के कारण गंडौल रही टोल सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। प्रशासन द्वारा लोगों को ऊंचे स्थानों पर शरण लेने की अपील की गई है।
02:06 PM, 30-Sep-2024
बाढ़ से लोग परेशान।
- फोटो : अमर उजाला
पश्चिम चंपारण दो दर्जन गांवों के लोग फंसे हुए हैं
पश्चिम चंपारण के योगापट्टी और बैरिया प्रखंड के दियारा इलाके में अचानक आई बाढ़ में खुटवनिया जलरपुल, सिसवा मंगलपुर, नवलपुर, ढढ़वा,लौरिया, गौनाहा, चमुखा तथा हरपुर मुजौना पंचायत के दो दर्जन गांवों के लोग फंसे हुए हैं। लौंरिया रामनगर मुख्य मार्ग पर बाढ का पानी बह रहा है। लौरिया से अनुमंडल मुख्यालय नरकटियागंज का संपर्क दुसरे दिन भी भंग है। रामनगर रोड़ में लौरिया लचका पर दो फिट पानी बह रहा है। साहु जैन स्टेडियम स्कुल अशोक स्तंभ परिसर पुरी तरह जलमग्न हो चुका है, लोग परेशान हैं। पानी तेजी से बढ़ रहा है। वहीं प्रशासन की ओर से 300 से ज्यादा परिवारों को रेस्क्यू करके बाहर निकाल लिया गया है। फिलहाल 600 के आसपास यहां लोगों की फंसे होने की संभावना है।
पश्चिम चंपारण के योगापट्टी और बैरिया प्रखंड के दियारा इलाके में अचानक आई बाढ़ में खुटवनिया जलरपुल, सिसवा मंगलपुर, नवलपुर, ढढ़वा,लौरिया, गौनाहा, चमुखा तथा हरपुर मुजौना पंचायत के दो दर्जन गांवों के लोग फंसे हुए हैं। लौंरिया रामनगर मुख्य मार्ग पर बाढ का पानी बह रहा है। लौरिया से अनुमंडल मुख्यालय नरकटियागंज का संपर्क दुसरे दिन भी भंग है। रामनगर रोड़ में लौरिया लचका पर दो फिट पानी बह रहा है। साहु जैन स्टेडियम स्कुल अशोक स्तंभ परिसर पुरी तरह जलमग्न हो चुका है, लोग परेशान हैं। पानी तेजी से बढ़ रहा है। वहीं प्रशासन की ओर से 300 से ज्यादा परिवारों को रेस्क्यू करके बाहर निकाल लिया गया है। फिलहाल 600 के आसपास यहां लोगों की फंसे होने की संभावना है।
12:52 PM, 30-Sep-2024
7000 हेक्टेयर में लगाई गई फ़सलों को क्षति
दरभंगा के तीन प्रखंड बाढ़ से प्रभावित दिखाई पड़ रहे है। कुल तीन प्रखंडों में लगभग 50 से ज्यादा गांव के लगभग एक लाख लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने पीड़ित लोगों के लिए फ़ूड पैकेट की तैयारी की जा रही है। बाढ़ से कुल 7000 हेक्टेयर में लगाई गई फ़सल के नुकसान का अंदाजा लगाया जा रहा है। इन इलाकों के किसानों के फसल क्षति का आकलन पानी निकलने के बाद किया जाएगा वही जिला कृषि पदाधिकारी विपिन बिहारी सिन्हा ने बताया कि पानी निकलने के बाद प्रभावित इलाके का सर्वेक्षण किया जाएगा जिन किसानों के 35 प्रतिशत से ज्यादा फसलों का नुकसान हुआ होगा उन्हें 8500 रुपये से लेकर 12500 रुपये प्रति हेक्टेयर का भुगतान किया जाएगा।
दरभंगा के तीन प्रखंड बाढ़ से प्रभावित दिखाई पड़ रहे है। कुल तीन प्रखंडों में लगभग 50 से ज्यादा गांव के लगभग एक लाख लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने पीड़ित लोगों के लिए फ़ूड पैकेट की तैयारी की जा रही है। बाढ़ से कुल 7000 हेक्टेयर में लगाई गई फ़सल के नुकसान का अंदाजा लगाया जा रहा है। इन इलाकों के किसानों के फसल क्षति का आकलन पानी निकलने के बाद किया जाएगा वही जिला कृषि पदाधिकारी विपिन बिहारी सिन्हा ने बताया कि पानी निकलने के बाद प्रभावित इलाके का सर्वेक्षण किया जाएगा जिन किसानों के 35 प्रतिशत से ज्यादा फसलों का नुकसान हुआ होगा उन्हें 8500 रुपये से लेकर 12500 रुपये प्रति हेक्टेयर का भुगतान किया जाएगा।
11:47 AM, 30-Sep-2024
मुजफ्फरपुर के कई गांव में घुसा बाढ़ का पानी।
- फोटो : अमर उजाला
मुजफ्फरपुर जिले में तेजी से बाढ़ का पानी घुसने लगा है। जिले के औराई प्रखंड और कटरा प्रखंड के कई इलाके में बाढ़ के पानी ने तबाही मचानी शुरू कर दी है। प्रखंड क्षेत्र के पहसौल और बसगट्ठा के पास में डेढ़ पानी सड़क पर बह रही। इस दौरान में बकुची पावर हाउस में बाढ़ का पानी घुस चुका है। इस बाद अब इलाके में बिजली व्यवस्था के चरमरा जाने का खतरा बन गया है। जिला प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों से ऊंचे स्थान पर जाने की अपील कर रही है।
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10:28 AM, 30-Sep-2024
सीमावर्ती क्षेत्र में पानी ही पानी।
- फोटो : अमर उजाला
कई इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया
मोतिहारी के कई इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है। सीमावर्ती भेलाही से सुगौली तक पानी ही पानी है। खेतों मे फसले डूबने लगी हैं। कई रिहायशी इलाकों मे बाढ़ का पानी प्रवेश करने लगा है। रविवार से सुगौली और पश्चिमी भेलाही मे दो लोगों के डूबने से मौत हो चुकी है। सुगौली के निचले इलाके के लोगों का अब आश्रय स्थली एन एच बन गया है। तम्बू गिराकर सड़क के किनारे लोग अस्थाई डेरा बनाए हुए हैं।
मोतिहारी के कई इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है। सीमावर्ती भेलाही से सुगौली तक पानी ही पानी है। खेतों मे फसले डूबने लगी हैं। कई रिहायशी इलाकों मे बाढ़ का पानी प्रवेश करने लगा है। रविवार से सुगौली और पश्चिमी भेलाही मे दो लोगों के डूबने से मौत हो चुकी है। सुगौली के निचले इलाके के लोगों का अब आश्रय स्थली एन एच बन गया है। तम्बू गिराकर सड़क के किनारे लोग अस्थाई डेरा बनाए हुए हैं।
09:26 AM, 30-Sep-2024
बाढ़ के पाने में गुजरते हुए स्कूल जाने पर मजबूर हुए शिक्षक।
- फोटो : अमर उजाला
जान जोखिम में डालकर स्कूल जाते दिखे शिक्षक
नेपाल में हुई भारी बारिश का असर दरभंगा जिला में साफ साफ दिखने लगा है। जमालपुर के भूभौल गांव में देर रात कोसी के तटबंध के टूटने के बाद दर्जनो गांव में बाढ़ का पानी घुस गया है जिससे ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित दिखने लगा है। आज इसी बाढ़ ग्रस्त इलाके के तिकेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक अपनी जान को जोखिम में डालकर मूल्यांकन करने अपने स्कूल निकल पड़े है। मूल्यांकन कार्य मे लगे शिक्षक अपने माथे पर जांचने वाली कॉपी और हाथों में अपने चप्पल जूते और कंधे पर अपना बैंग टांगकर जान को जोखिम में डालते हुए अपने ड्यूटी का पालन करने जाते दिख रहे है।
नेपाल में हुई भारी बारिश का असर दरभंगा जिला में साफ साफ दिखने लगा है। जमालपुर के भूभौल गांव में देर रात कोसी के तटबंध के टूटने के बाद दर्जनो गांव में बाढ़ का पानी घुस गया है जिससे ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित दिखने लगा है। आज इसी बाढ़ ग्रस्त इलाके के तिकेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक अपनी जान को जोखिम में डालकर मूल्यांकन करने अपने स्कूल निकल पड़े है। मूल्यांकन कार्य मे लगे शिक्षक अपने माथे पर जांचने वाली कॉपी और हाथों में अपने चप्पल जूते और कंधे पर अपना बैंग टांगकर जान को जोखिम में डालते हुए अपने ड्यूटी का पालन करने जाते दिख रहे है।
08:30 AM, 30-Sep-2024
तटबंध टूटने के बाद की तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
बताया जा रहा है कि कोसी और गंडक नदी में पानी छोड़ने के रफ्तार में कमी आई है। अभी उत्तर बिहार में अगले 48 घंटे तक स्थिति चिंताजनक है। वहीं गंगा भी पटना में खतरे के निशान को फिर पार कर गई। इधर, जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने तीन दिन तक अभियंताओं को अलर्ट रहने को कहा है।
07:25 AM, 30-Sep-2024