{"_id":"69298e83b18a4cd8850ad6e2","slug":"uttarakhand-s-villages-new-wedding-rules-ban-alcohol-no-expensive-gifts-and-fast-food-2025-11-28","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"New Wedding Rules: इन जगहों पर शादी में महंगे तोहफे देने पर सजा, डीजे और चाउमीन-मोमो भी बैन","category":{"title":"Relationship","title_hn":"रिलेशनशिप","slug":"relationship"}}
New Wedding Rules: इन जगहों पर शादी में महंगे तोहफे देने पर सजा, डीजे और चाउमीन-मोमो भी बैन
Sat, 29 Nov 2025 05:21 PM IST
शिवानी अवस्थी
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवानी अवस्थी
Updated Sat, 29 Nov 2025 05:21 PM IST
सार
Uttarakhand's New Wedding Rules: वक्त के साथ शादियों में चमक-दमक बढ़ती गई और भावनाएँ फिसलती चली गईं। जो कभी दो परिवारों के मिलन का उत्सव हुआ करता था, आज एक शो-ऑफ का मंच बन गया है।
विज्ञापन
शादी
- फोटो : adobe stock
विस्तार
New Wedding Rules: कल्पना कीजिए शादी में रस्मों से ज्यादा लोगों को ध्यान कैमरा पर हो, मंत्रों की बजाय गिलास की खनखनाहट और डीजे का शोर सुनाई दें। यहां खाने में मां के हाथ जैसा पारंपरिक स्वाद नहीं, बल्कि विदेशी कल्चर दिखे और खुशी से ज्यादा कर्ज की टेंशन रहे तो....
विज्ञापन
ये आमतौर पर आजकल की ज्यादातर शादियों का नजारा है। इस तरह की शादी हमारे भारतीय रीति रिवाजों पर इतना हावी होने लगी हैं कि लोगों के लिए शादी का मतलब महज पार्टी, डांस व खाने-पीने तक रह गया है। ऐसे में लोग शादी का असल मतलब समझ ही नहीं पाते, अंतत: लोग रिश्तों को लेकर निष्क्रिय होते जा रहे हैं। जब तक लोग शादी के पारंपरिक अर्थ को नहीं समझेंगे तब तक इसमें महत्व, रिश्ते की अहमियत को भी नहीं समझ सकते हैं।
विज्ञापन
वक्त के साथ शादियों में चमक-दमक बढ़ती गई और भावनाएँ फिसलती चली गईं। जो कभी दो परिवारों के मिलन का उत्सव हुआ करता था, आज एक शो-ऑफ का मंच बन गया है। इसीलिए कई समुदाय और परिवार अब नए नियम बना रहे हैं, जिसमे ना शराब, ना फिज़ूलखर्ची वाले महंगे गिफ्ट, ना फास्ट फूड के दिखावे वाले काउंटर होंगे। यह बदलाव सिर्फ पैसों को बचाने भर का कदम नहीं, ये उन रिश्तों को फिर से जिंदा करने की कोशिश है, जो डीजे के शोर में कहीं खो गए हैं।
विज्ञापन
दरअसल उत्तराखंड में 20 गांवों में ये निर्णय लिया गया है कि शादी में बहुत महंगे तोहफे प्रतिबंधित होंगे। साथ ही खाने में मोमो और चाउमीन जैसे जंक फूड की बजाय पारंपरिक भोजन सर्व किया जाएगा। दुल्हन महंगे और भारी गहनों से नहीं बल्कि तीन पारंपरिक गहनों में विवाह रचाएंगी और शराब व डीजे जैसे शोर पर रोक लगाई जाएगी।
क्यों जरूरी पड़ गए ये नए नियम?
इस तरह के नियम की जरूरत इसलिए पड़ी, क्योंकि अब समाज में दिखावे की शादी का चलन इस कदर बढ़ गया है कि लोग प्रदर्शन के लिए आर्थिक दबाव में आ जाते हैं। शादियों में आर्थिक दबाव कम करना इस नियम का प्रमुख कारण है। इसके अलावा दिखावा और स्टेटस-प्रेशर को रोकना भी इस वजह है। इन नियमों का पालन करके युवाओं को अपनी संस्कृति और मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। नशे और गलत व्यवहार वाली अवांछित घटनाओं पर रोक लगाना और भोजन में स्थानीय व्यंजन और सेहत को बढ़ावा देना उद्देश्य है।
इन नए नियमों के प्रभाव
- शराब पर रोक से दुष्कर्म, झगड़े और बर्बादी में कमी
- महंगे गिफ्ट पर रोक से रिश्तों में शुद्धता, बिना स्वार्थ और बिना बोझ
- फास्ट फूड पर रोक से भारतीय खान-पान और स्थानीय किसानों को समर्थन
- सीमित गेस्ट लिस्ट से परिवारों के बीच असल जुड़ाव बढ़ता है
- सिंपल डेकोरेशन से पर्यावरण और जेब दोनों सुरक्षित।
- पारंपरिक रस्मों की वापसी से यादें और सांस्कृतिक पहचान मजबूत