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लाइफ में 'सेक्स को क्यों न शामिल किया जाए?'

Tue, 23 Dec 2014 10:45 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 23 Dec 2014 10:45 AM IST
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Ek Kishori ki Diary by Anne Frank

ये अंश अने फ्रांक रचित 'एक किशोरी की डायरी' के हिंदी अनुवाद से लिया गया है। इस किताब का अनुवाद किया है प्रभात रंजन ने।

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मैंने तुमको किसी भी जीवित आदमी से ज्यादा अपने बारे में और अपनी भावनाओं के बारे में बताया है, इसलिए उसमें सेक्स को क्यों न शामिल किया जाए?

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माता-पिता और आमतौर पर सामान्य लोग सेक्स के मामले में बड़े निराले होते हैं? बजाय इसके कि अपने लड़के-लड़कियों को 12 साल की उम्र में सब कुछ बता दें, वे इससे संबंधित मुद्दा उठने पर बच्चों को कमरे से बाहर भेज देते हैं और इस तरह उनको सब कुछ खुद से पता करने के लिए छोड़ देते हैं।
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बाद में, माता-पिताओं को यह पता चलता है कि उनके बच्चों को इसके बारे में जरूरत से ज्यादा (या कम) पता है उनके सचमुच करने की तुलना में। इसीलिए क्यों नहीं वे बच्चों से बात करके उसे सही-सही बताकर उस ज्ञान को पक्का कर देते?

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वयस्कों के साथ एक और बड़ी अड़चन है- जो मेरी नजर में एक कंकड़ से ज्यादा नहीं है- उन्हें एक बड़ा डर इससे लगता है कि एक बार अगर बच्चों को इस बारे में पता चल गया कि शुचिता फिजूल की बात है तो वे विवाह को पवित्र बंधन नहीं मानेंगे। जहां तक मेरा सवाल है, तो विवाह से पहले थोड़ा-बहुत अनुभव पा लेना कोई बुरी बात नहीं है। आखिरकार, इसका विवाह से कोई संबंध नहीं होता, होता है क्या?


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जब मैं 11 साल की हुई तो उन्होंने मुझे माहवारी के बारे में बताया, लेकिन तब भी मुझे इस बात का तो बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि खून कहां से आता है और यह क्यों निकलता है। जब मैं साढ़े बारह साल की हुई तो मैंने थोड़ा-बहुत जैकी से जाना जो मेरी तरह अंजान नहीं थी।

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मैंने अपनी सूझ से जाना कि आदमी और औरत जब साथ होते हैं तो क्या करते हैं, पहले तो यह बड़ा अजीब लगा लेकिन जब जैकी ने इस बात की पुष्टि कर दी तो मुझे स्वयं पर बड़ा गर्व हुआ कि मैंने इस बात को जान लिया।

यह बात भी मुझे जैकी ने बताई कि बच्चे अपनी मां के पेट से नहीं आते। उसने इसे ऐसे बताया, 'क्या चीज कहां जाती है और तैयार होकर बाहर आती है।' जैकी और मैंने सेक्स शिक्षा की एक किताब से हाइमेन (योनिच्छद) और कुछ अन्य चीजों के बारे में जानकारी प्राप्त की।

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मैं यह भी जान गई कि आप चाहें तो आपके बच्चे नहीं भी हो सकते हैं, लेकिन यह सब शरीर के अंदर किस तरह घटित होता है, यह एक रहस्य ही रहा। जब मैं यहां आई तो पिता ने मुझे वेश्याओं के बारे में बताया, लेकिन कुल मिलाकर अभी भी अनेक ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब नहीं मिले हैं।

अगर मांएं अपने बच्चों को सब कुछ नहीं बताती हैं, तो वे इधर-उधर से सुनते हैं, जिसे सही नहीं कहा जा सकता।

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