Study With Job: पढ़ाई और जॉब के बीच इन तरीकों से बनाएं संतुलन, पढ़ते-पढ़ते होने लगेगी कमाई
पढ़ाई और पार्ट टाइम जॉब के बीच तालमेल बिठाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में आपको अपनी सेहत पर ध्यान देना होगा, तभी आप सही संतुलन बनाकर चल पाएंगी। इसके लिए रोजाना 10 से 15 मिनट मेटिडेशन जरूर करें।
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ज्योति मौर्या
आज के दौर में ग्रेजुएशन करते ही या फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थी सोचते हैं कि पढ़ाई के साथ-साथ अगर कुछ पॉकेट मनी कमा ली जाए तो माता-पिता के सिर से थोड़ा बोझ कम हो जाएगा। उनके लिए यह एक चुनौतीपूर्ण स्थिति हो सकती है, क्योंकि यह जितना आसान लगता है, उतना है नहीं। छात्र-छात्राओं के लिए इन दोनों जिम्मेदारियों में तालमेल बिठा पाना मुश्किल हो सकता है, लेकिन अगर योजना बनाकर चला जाए तो पढ़ाई और पार्ट टाइम जॉब के बीच तालमेल बिठाया जा सकता है। क्या आप भी चाहती हैं कि पढ़ाई के साथ कुछ पैसे भी आ जाएं? लेकिन इसके लिए आपको पढ़ाई और जॉब के बीच सही संतुलन बिठाना होगा।
सही पार्ट टाइम जॉब
ऐसी नौकरी चुनें, जो आपकी पढ़ाई पर ज्यादा असर न डाले, जैसे कि ट्यूशन पढ़ाना, स्टडी मटेरियल जुटाना या टाइपिंग करना। आपके लिए वीकेंड या शाम की नौकरी ढूंढना बेहतर हो सकता है, ताकि आपको पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
प्राथमिकता तय करें
आपको अपनी प्राथमिकताओं पर गौर करना होगा। यह तय करना होगा कि आपके लिए क्या अधिक महत्वपूर्ण है, पढ़ाई या काम। यदि आपकी परीक्षाएं नजदीक हैं तो आपको काम को कम और पढ़ाई को ज्यादा समय देना होगा। वहीं, जब आपकी परीक्षाएं न हों तो आप काम के घंटों को बढ़ा सकती हैं।
टाइम टेबल बनाएं
जब भी आप अपनी पार्ट टाइम जॉब शुरू करें तो सबसे पहले टाइम टेबल बनाएं, ताकि आपको पता हो कि दिन में कितने घंटे काम करना है, कितने घंटे पढ़ाई करनी है और बाकी कामों को कितने समय में निपटाना है। ज्यादा पैसे कमाने के चक्कर में कई युवा ओवरटाइम करने लगते हैं और अपनी पढ़ाई को पीछे छोड़ देते हैं। लेकिन आप ऐसा न करें। समय की पाबंद रहें और अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित रखें।
मदद मांगें
कई बार ये स्थितियां तनाव पैदा करती हैं। ऐसे में अगर आप परेशान होती हैं तो किसी से बात करने या मदद मांगने में बिल्कुल न हिचकिचाएं, फिर बात चाहे पढ़ाई की हो या जिम्मेदारियों को संभालने की। ऐसे में अपने शिक्षकों, माता-पिता या दोस्तों से बात करें, हल निकालें और सही रास्ता चुनें।
ब्रेक लें
आप जो भी करें, सकारात्मक होकर करें। कभी-कभी पूरा दिन तनाव भरा होता है। पढ़ाई और जॉब करते-करते दिमाग थक जाता है। ऐसे में जरूरी है कि आप काम और पढ़ाई के बीच ब्रेक लें और आराम करें।
क्या हैं फायदे
आप जेब खर्च के लिए माता-पिता पर निर्भर नहीं रहेंगी। यह आपको आर्थिक स्वतंत्रता देगी। आप इससे अनुभव प्राप्त करेंगी, जो भविष्य में काम आएगा। नई स्किल सीखेंगी, साथ ही जब आप नई जिम्मेदारियों को संभालेंगी तो आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा।
भरोसा रखना जरूरी
लाइफ कोच नंदिनी गुप्ता कहती हैं, पढ़ाई और पार्ट टाइम जॉब के बीच तालमेल बिठाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में आपको अपनी सेहत पर ध्यान देना होगा, तभी आप सही संतुलन बनाकर चल पाएंगी। इसके लिए रोजाना 10 से 15 मिनट मेटिडेशन जरूर करें। वहीं, सबसे ज्यादा जरूरी है सकारात्मक रहना। आपको खुद को कहना होगा कि मैं सब कर सकती हूं और मैं जो चाहती हूं, उसको पाकर रहूंगी। इन दोनों ही जिम्मेदारियों को निभाने के लिए आपको सबसे पहले खुद पर, समय पर, दुनिया पर, अपनी क्षमताओं और इस पूरी प्रक्रिया पर भरोसा रखना होगा। वहीं, जब आप ज्यादा फंसा हुआ महसूस करें तो अपनी प्राथमिकताओं को चुनें, शांत रहें और उस पर फोकस करें। यह न सोचें कि जॉब छोड़कर आप फिर से माता-पिता पर बोझ बन जाएंगी। माता-पिता के लिए बच्चा कभी बोझ नहीं होता। याद रखें, आप अकेली नहीं हैं, आपके साथ सब हैं।