माहवारी के दौरान सैनेटरी पैड बदलने का झंझट अब होगा खत्म!
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थिंक्स नामक कंपनी के बैनर तले तीन लड़कियों ने ये स्पेशल पैंट्स बनाए हैं। ये इस तरह के फैब्रिक से बनाए गए हैं कि पीरियड्स के दौरान होने वाले सेनेटरी पैड्स लगाने की जरूरत ही नहीं रहेगा।
पीरियड्स प्रूफ पैंट्स के नाम से बनाए गए ये पैंट्स रक्तस्राव को फैब्रिक में ही सोख लेंगे और लड़कियों को इससे लीकेज और स्पॉटिंग जैसी परेशानियों से मुक्ति मिलेगी।
थिंक्स नामक कंपनी के लिए ही इन पैंट्स को बनाया गया है और यही कंपनी इन पैंट्स को मार्केट में उतारने की तैयारी कर रही है।
कंपनी का दावा है कि ये स्पेशल पैंट्स औरतों के पीरियड्स के खौफ को खत्म कर डालेगी और एक नए युग की शुरूआत करेगी।
बार बार लीकेज का डर नहीं रहेगा
भारतीय मूल की दो बहनों राधा और मिकी अग्रवाल के साथ श्रीलंका की उनकी दोस्त एंटोनिया डनबर ने न्यूयॉर्क में ये स्पेशल पैंट्स बनाए हैं।
इनका कहना है कि इन्हें ये पैंट्स बनाने का आईडिया तब आया जब उन्होंने देखा कि लडकियां पीरियड्स के दौरान सेनेटरी नेपकिन के झंझट से कितनी परेशान और असुरक्षित महसूस करती हैं।
बार बार लीकेज की आशंका और अनहाइजिनिक होने के अहसास से लड़कियां परेशान रहती है। हर महीने पैड्स पर भारी खर्चा लड़कियों को कंगाल कर डालता है।
हर दिन अलग पैंट, घर पर धोया जा सकेगा
इन्होंने पीरियड्स के हर दिन के मुताबिक अलग अलग पैंट बनाए हैं। जैसे पहले दिन के लिए ठोंग, हैवी लीकेज के समय हिपहगर और अंतिम दिन के लिए चीकी। हर पैंट को बनाने में सैनेटरी पैड की टेक्नॉलजी इस्तेमाल की गई है।
राधा ने बताया कि पीरियड्स के दौरान पहने जाने वाले इन पैंट्स को बनाने में सैनेटरी पैड्स की पेटेंट टेक्नॉलजी इन्हें बेहतर बनाती है। राधा ने बताया कि ये हेवी रक्तस्राव सोखने के बावजूद सूखे रहते हैं और इनमें एंटी माइक्रोबल सिल्वर लगा है जिससे ये प्रदूषित नहीं होते।
राधा ने कहा कि एक हिपहगर पैंट हैवी डे में तीन से चार सेनेटरी नैपकिन का काम करती है। इन्हें घर पर ही धोया जा सकता है।
एक पैंट की कीमत बाजार में महज पांच डालर रखी गई है जिससे आर्थिक रूप से कमजोर लड़कियां भी इन्हें खरीद सकें।