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Hindi News ›   Lifestyle ›   Hariyali Teej 2023 Teej Geet Lyrics in hindi

Hariyali Teej Geet: हरियाली तीज में गाए जाते हैं ये खास लोकगीत

Sat, 19 Aug 2023 10:04 AM IST
श्रुति गौड़ लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्रुति गौड़ Updated Sat, 19 Aug 2023 10:04 AM IST
सार

हरियाली तीज के दिन लोकगीत गाने का काफी महत्व है। ऐसे में हम आपके लिए कई खूबसूरत से लोकगीत लाए हैं।

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Hariyali Teej 2023 Teej Geet Lyrics in hindi
Hariyali Teej 2023 - फोटो : iStock

विस्तार

Hariyali Teej Geet: हरियाली तीज का त्योहार हर सुहागिन महिला के लिए काफी अहम होता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं माता पार्वती और महादेव की पूजा करके अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं। इसके साथ ही जो अविवाहित युवतियां होती हैं, वो इस दिन माता पार्वती से अच्छे वर की कामना करती हैं।
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हिंदू धर्म में ऐसी मान्यता है कि हरियाली तीज के दिन भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती की विधि विधान से पूजा करने पर सारी मनोकामना पूरी होती है। ये तीज का व्रत करवा चौथ के व्रत की तरह ही निर्जला यानी बिना पानी पिएं रखा जाता है। कई जगहों पर इस दिन झूला डालकर महिलाएं त्योहार का आनंद उठाती हैं। हरियाली तीज के दिन लोकगीत गाने का काफी महत्व है। ऐसे में हम आपके लिए कई खूबसूरत से लोकगीत लाए हैं।
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पहला गीत

नांनी नांनी बूंदियां
नांनी नांनी बूंदियां हे सावन का मेरा झूलणा,
एक झूला डाला मैंने बाबल के राज में,
बाबुल के राज में...
संग की सहेली हे सावन का मेरा झूलणा,
नांनी नांनी बूंदियां हे सावन का मेरा झूलणा.
ए झूला डाला मैंने भैया के राज में,
भैया के राज में..
गोद भतीजा हे सावन का मेरा झूलणा,
नांनी नांनी बूंदियां हे सावन का मेरा झूलणा।

दूसरा गीत 

सावन का महीना, झुलावे चित चोर, धीरे झूलो राधे पवन करे शोर,
मनवा घबराये मोरा बहे पूरवैया, झूला डाला है नीचे कदम्ब की छैयां…
कारी अंधियारी घटा है घनघोर, धीरे झूलो राधे पवन करे शोर,
सखियां करे क्या जाने हमको इशारा, मन्द मन्द बहे जल यमुना की धारा…
सावन का महीना झूलावे चित चोर…
श्री राधेजी के आगे चले ना कोई जोर, धीरे झूलो राधे, पवन करे शोर,
मेघवा तो गरजे देखो बोले कोयल कारी, पाछवा में पायल बाजे नाचे बृज की नारी…
श्री राधे परती वारो हिमरवाकी और, धीरे झूलो राधे पवन करे शोर,
सावन का महीना झूलावे चित चोर…

तीसरा गीत 

झुला झूल रही सब सखियाँ, आई हरयाली तीज आज,
राधा संग में झूलें कान्हा झूमें अब तो सारा बाग़,
झुला झूल रही सब सखियाँ, आई हरयाली तीज आज,

नैन भर के रस का प्याला देखे श्यामा को नदं लाला,
घन बरसे उमड़ उमड़ के देखों नृत्य करे बृज बाला,
छमछम करती ये पायलियाँ  खोले मन के सारे राज,
झुला झूल रही सब सखियाँ, आई हरयाली तीज आज।

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