शोध: बुढ़ापे में पुरुषों से ज्यादा एक्टिव रहता है महिलाओं का दिमाग
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महिलाओं और पुरुषों के दिमाग को लेकर एक नया शोध हुआ है। शोधकर्ताओं का कहना है कि इस शोध से इस बात का पता लग सकता है कि आखिर क्यों बुढ़ापे में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं का दिमाग ज्यादा तेज रहता है। शोध के मुताबिक, महिलाओं का दिमाग पुरुषों के मुकाबले चार साल छोटा होता है। शोधकर्ता इस शोध को लेकर दावा कर रहे हैं कि इससे यह समझने में मदद मिल सकती है कि आखिर क्यों महिलाएं बुढ़ापे में भी पुरुषों से ज्यादा मानसिक तौर पर स्वस्थ्य रहती हैं।
इस शोध में महिलाओं और पुरुषों के दिमाग को स्कैन किया गया है। शोध में 20 से 82 साल तक की उम्र के महिलाओं और पुरुषों के दिमाग का स्कैन किया गया और देखा गया है महिलाओं का दिमाग पुरुषों के मुकाबले 3.8 बायोलॉजिकल साल छोटा होता है। यह महिलाओं के ग्लूकोज के इस्तेमाल और एनर्जी बर्न करने के आधार पर है। इससे ही दिमाग की परफॉर्मेंस प्रभावित होती है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि यह पहले से ही ज्ञात था कि पुरुषों का दिमाग महिलाओं की तुलना में उम्र के साथ तेजी से सिकुड़ता है। लेकिन इस नए शोध में इस बात की जानकारी मिली है कि महिलाएं के दिमाग को मेटाबॉलिज्म पुरुषों के दिमाग के मेटाबॉलिज्म से अलग होता है।
यह शोध आने वाले वक्त में इस बात की व्याख्या कर सकता है कि आखिर क्यों बुढ़ापे में पुरुषों के दिमाग की शक्ति और भाषा का क्षरण हो जाता है। इस शोध को वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मेडिसीन ने किया है। शोधकर्ताओं का दावा है कि इस स्टडी के जरिए भविष्य में उम्र के बढ़ते पड़ाव में महिलाओं और पुरुषों के बीच का अंतर समझने में कामयाबी मिलेगी।