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कहीं आपकी बीयर में मछली तो नहीं मिली है!

Fri, 09 Nov 2018 04:39 PM IST
लाइफस्टाइल डेस्क , अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क , अमर उजाला Updated Fri, 09 Nov 2018 04:39 PM IST
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Vegetarians beware Research claims that fishy ingredient in beer can bothers you
beer - फोटो : file photo
बहुत सारे लोगों को शायद पता नहीं होगा कि उनके पिंट ग्लास में जो बीयर है, उसमें मछली का प्रोडक्ट मिला हुआ हो सकता है। ब्रिटेन में मौजूद उपभोक्ताओं का स्वतंत्र संगठन 'कैम्रा' शुद्ध बीयर के लिए आंदोलन चलाता है। वह बीयर बनाने वालों से इसके विकल्पों की तलाश करने को कह रहा है? लेकिन सवाल यह है कि आखिर बीयर में मछली क्यों डाली जाती है? अगर आप किसी से पूछेंगे कि बीयर में क्या होता है, तो शायद आपको जवाब मिलेगा होप, जौ, जई और पानी के अलावा थोड़ी सी खमीर।
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शायद ही कोई कहे कि इसमें मछली का स्विम ब्लैडर भी होता है। इस ब्लैडर में एक तरह का जिलेटीन (अभ्रक) होता है, जो असल में औसतन हर बीयर में मिलाई जाती है। इसका इस्तेमाल 19वीं सदी से ही होता रहा है, जिससे बीयर साफ और चमकीला हो जाता है और यह पीने वालों को ज्यादा आकर्षित करता है। इसका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर छोटे से लेकर बड़े शराब उत्पादक करते रहे हैं। इसकी वजह से शाकाहारी और वीगन (जो किसी तरह के पशु उत्पाद का इस्तेमाल नहीं करते हैं) को परेशानी होती है। हालांकि इनमें से ज्यादातर लोगों को पीते वक्त इसका ख्याल भी नहीं रहता है।
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Vegetarians beware Research claims that fishy ingredient in beer can bothers you
Beer Sample
शराब बनाने वाले ट्विस्टे बैरल ने 2014 में कंपनी बनने के बाद से ही, फैसला कर रखा है कि वो इसका इस्तेमाल नहीं करेंगे। इस कंपनी के मालिक टिम बोसवर्थ लंबे समय से शकाहारी हैं और दो साल पहले वो वीगन हो गए। वो कहते हैं, "जब मुझे पहली बार इसका पता चला हो मैं हैरान रह गया। इस पर बात करना भी घिनौना है, यहां तक कि मांस खाने वालों से भी इसका जिक्र करना बुरा लगता है।" उनका कहना है, "कोई भी यह जग जाहिर नहीं करना चाहेगा कि वो बियर को मरी हुई मछली से साफ करता है। यह तो बीयर के बहुत सारे फ्लेवर को भी खत्म कर देता है।"

बोसवर्थ का कहना है कि इस बात का कोई महत्व नहीं है कि बियर कैसी दिखती है। साल 1997 में जब मैनचेस्टर में मार्बल ब्रेवरी शुरू हुई तो उस वक़्त शाकाहारियों के पसंद का बियर बनाने का कोई विचार नहीं था। लेकिन भरोसेमंद बनने के लिए यह कंपनी बीयर की सफ़ाई करने वाले चीज़ों से दूर रही। इसकी वजह से शाकाहारियों ने कंपनी का साथ दिया और इससे कंपनी को भरोसेमंद ग्राहक भी मिल गए। इसी साल कंपनी के प्रमुख बने जेम्स केम्प का कहना है कि अगर हम ऐसा नहीं करते तो हम कई ग्राहकों को खो देते। उनका कहना है, "हम बीयर बनाने के दौरान ही इसे जहां तक संभव हो पाता है, उसे साफ करते हैं और यह हमारे लिए गर्व की बात है।"
 

ब्रिटेन में बियर बनाने वालों की तादाद में तेजी से इेजाफा हुआ है। साल 2009 में जहां इसकी संख्या सात सौ थी, वहीं इस साल यह 1500 से ज्यादा हो चुकी है। वहां बीयर की सफाई के लिए आयरलैंड के शैवाल के तैयार चीजों के अलावा भी बहुत कुछ बाजार में मौजूद है। फिर भी बीयर की सफाई के लिए सबसे ज्यादा मछली का इस्तेमाल क्यों होता है?

बीयर पर जानकारी रखने वाले पत्रकार और लेखक रोजर प्रोट्ज इसकी जड़ 19वीं सदी में देखते हैं। उस वक्त बीयर ने पोर्टर और स्टाउट जैसी शराब को लोकप्रियता के मामले में बड़ी चुनौती दी। उस वक्त पारदर्शी ग्लासों ने मिट्टी, चीइनीज और धातु के बने शराब के ग्लासों को पीछे धकेल दिया। रोजर कहते हैं, "यह आज भी बरक़रार है और बीयर को कम से कम समय में तैयार करने का एक दबाव बना हुआ है।"

वो कहते हैं, "खासकर पब्स के इस दौर में लोगों को जल्द से जल्द बियर चाहिए और इसमें अभ्रक बहुत मदद करता है। "प्रोट्ज 25 साल से शाकाहारी हैं। वो ज्यादा से ज्यादा बियर कंपनियों को भरोसे पर चलने के लिए प्रोत्साहित करते हैं और स्वाभाविक तौर पर शाकाहारी समाज पूरे उत्साह से इसका समर्थन करता है।
 
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वेजिटेरिन सोसाइटी के जॉन सूनाय कहते हैं, "मछली के स्विम ब्लैडर का इस्तेमाल शाकाहारी बियर पसंद करने वालों के लिए एक बड़ी निराशा की बात है, क्योंकि इसके इस्तेमाल को पहचानने का तरीका बहुत ही कम है।" एक बार जब बियर बनाने वाले बड़ी मात्रा में इस्तेमाल होने वाले इस स्विमिंग ब्लैडर का इस्तेमाल बंद करने लगेंगे तो क्या आज जो बियर बड़ी मात्रा में बनाई जा रही है वो गुजजरे जजमाने की बात हो जाएगी?

बोसवर्थ कहते हैं, "मुझे लगता है कि क्राफ्ट बियर रिवॉल्यूशन की वजह के कई बियर कंपनियों ने मछली के स्विम ब्लैडर का इस्तेमाल बंद कर दिया है। लोग अब इस विचार से दूर जा रहे हैं कि बियर को साफ होना ही चाहिए।" वो कहते हैं, "कोई साफ बियर ही पीना चाहता है तो यह उसके ऊपर है। ग्राहकों की ज्यादा जागरूकता से ही बदलाव आएगा और मुझे लगता है कि दबाव अभी बना हुआ है।"

बोसवर्थ का कहना है, "अगर आप शाकाहारी नहीं हैं, तो भी इस बात से जरूर हैरान होंगे कि लोग बियर साफ करने के लिए मछली के ब्लैडर का इस्तेमाल क्यों करते हैं?"
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