जन्म के दौरान यदि बच्चे का वजन ढाई किलोग्राम से कम होता है, तो यह उसकी सेहत के लिए ठीक नहीं। स्वीडन की एक यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए एक शोध में कहा गया है कि जन्म के दौरान ढाई किलोग्राम से कम वजन वाले बच्चों में डायबिटीज और हृदय संबंधी रोगों के होने का खतरा बढ़ जाता है।
शोधकर्ताओं का यह भी कहना है कि यदि बच्चे को प्रचुर मात्रा में आयरन मिलता रहे, तो इन बीमारियों से वह बच सकता है। शोध में सामान्य से कम वजन वाले लगभग 285 नवजात शिशुओं और सामान्य वजन वाले 95 शिशुओं को शामिल किया गया।
शोध में शिशुओं के शरीर का मापदंड, ब्लड शुगर के लिए रक्त की जांच और आईक्यू की जांच-परख की गई। परिणाम चौंकाने वाले थे। कम वजन वाले बच्चों की एकाग्रता में सामान्य वजन वाले बच्चों की तुलना में कमी पाई गई। यह भी कहा गया कि ऐसे बच्चों का वजन सात वर्ष की उम्र में भी सामान्य से कम रहने की संभावना रहती है। साथ ही इनमें हृदय और मधुमेह रोग की समस्या हो सकती है।