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Study: चीन के बाद भारत में किडनी के रिकॉर्ड तोड़ मामले, आपकी ये गलतियां बढ़ा रही हैं जानलेवा बीमारी का खतरा

Sat, 08 Nov 2025 04:42 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Sat, 08 Nov 2025 04:42 PM IST
सार

  • साल 2023 में भारत में क्रोनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) के मामलों में 138 मिलियन (13.8 करोड़) रोगियों की संख्या के साथ दूसरे स्थान पर था, चीन में इस बीमारी के सबसे ज्यादा मामले (15.2 करोड़ रोगी) रिपोर्ट किए गए। 

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Lancet study says India had second highest chronic kidney disease cases in 2023 after china
भारत में किडनी की बीमारियां - फोटो : Freepik.com

विस्तार

लाइफस्टाइल और खान-पान में गड़बड़ी के कारण संपूर्ण स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर देखा जा रहा है। नतीजतन करीब दो दशकों पहले तक जो बीमारियां उम्रदराज लोगों को होती थीं, जिसके मामले गिन-चुने सामने आते थे वह अब काफी आम हो गई हैं। मेडिकल रिपोर्ट्स पर नजर डालें तो पता चलता है कि किडनी से संबंधित समस्याएं और इससे मौत के मामले हाल के वर्षों में काफी तेजी से बढ़े हैं। भारतीय आबादी में भी इसका व्यापक असर देखा जा रहा है। 

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मेडिकल रिपोर्ट्स के मुताबिक दुनियाभर में 850 मिलियन (85 करोड़) से ज्यादा लोग किडनी की बीमारी से पीड़ित हैं, जिससे यह एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन गई है। ये मृत्यु का एक प्रमुख कारण भी है। बढ़ती उम्र वाली आबादी के साथ डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर की बढ़ती दरों के कारण इसका जोखिम और भी तेजी से बढ़ता देखा जा रहा है। 
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किडनी की बीमारियों को लेकर वैश्विक अध्ययनों का अनुमान है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत में किडनी रोगों के मामले और भी तेजी से बढ़े हैं। दुनियाभर में चीन के बाद क्रमश: भारत दूसरा देश है जहां किडनी रोगों के मामले सबसे ज्यादा रिपोर्ट किए गए हैं।

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किडनी खराब होने की समस्याएं - फोटो : Adobe stock

भारत में क्रोनिक किडनी डिजीज के मामले

अध्ययन की ये रिपोर्ट द लैंसेट जर्नल में प्रकाशित हुई है। इसके अनुसार साल 2023 में भारत क्रोनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) के मामलों में 138 मिलियन (13.8 करोड़) रोगियों की संख्या के साथ दूसरे स्थान पर था, चीन में इस बीमारी के सबसे ज्यादा मामले (15.2 करोड़ रोगी) रिपोर्ट किए गए। 

आंकड़ों से पता चलता है कि साल 2023 में सीकेडी मृत्यु का नौवां प्रमुख कारण रही और इस वर्ष वैश्विक स्तर पर लगभग 15 लाख लोगों की मौत भी हो गई। वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन (आईएचएमई) और अमेरिका व ब्रिटेन के अन्य संस्थानों के शोधकर्ताओं के नेतृत्व में ये अध्ययन किया गया है, जिसके निष्कर्ष काफी चिंता बढ़ाने वाले हैं।

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किडनी के कारण हृदय रोगों का खतरा - फोटो : Adobe Stock Images

किडनी की बढ़ती बीमारियों के कारण

अध्ययनकर्ताओं की टीम बताती है कि क्रॉनिक किडनी डिजीज हृदय रोगों का भी प्रमुख कारण है और ये साल 2023 में दुनियाभर में हृदय संबंधी मौतों में लगभग 12 प्रतिशत मामलों के लिए भी जिम्मेदार है। टीम ने कहा डायबिटीज और मोटापे के साथ किडनी की बीमारियों के कारण भी हृदय रोगों से मौत के मामले बढ़े हैं। सीकेडी  हृदय संबंधी मृत्यु का सातवां प्रमुख कारण है।

इसके अलावा अध्ययनकर्ताओं ने क्रोनिक किडनी डिजीज के लिए चौदह जोखिम कारकों के बारे में भी लोगों को अलर्ट किया है जिनमें मधुमेह, उच्च रक्तचाप और मोटापा सहित कुछ स्थितियां शामिल हैं।

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किडनी रोगों का जोखिम - फोटो : Adobe stock

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

आईएचएमई में प्रोफेसर थियो वोस कहते हैं, क्रोनिक किडनी डिजीज के कारण स्वास्थ्य संबंधित जोखिम तो बढ़े ही हैं साथ ही इस रोग कारण स्वाथ्य सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव भी बढ़ता जा रहा है। अन्य गैर-संचारी रोगों की तुलना में इस पर नीतिगत ध्यान बहुत कम दिया जाता है, जबकि इसका प्रभाव उन क्षेत्रों में सबसे तेजी से बढ़ रहा है जो पहले से ही स्वास्थ्य असमानताओं का सामना कर रहे हैं।

शोधकर्ताओं ने ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज (जीबीडी) 2023 अध्ययन के आंकड़ों का विश्लेषण किया, जिसमें 1990 से 2023 तक 204 देशों में स्वास्थ्य संबंधित जोखिमों पर ध्यान दिया गया। विशेषज्ञों ने कहा, आहार संबंधी कारक जैसे फलों और सब्जियों का कम सेवन और सोडियम (नमक) की आहार में बढ़ती मात्रा क्रोनिक किडनी रोग के जोखिम में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

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किडनी को स्वस्थ रखने के लिए क्या उपाय करें? - फोटो : Freepik.com

किडनी की बीमारियों से कैसे बचें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा, चूंकि वैश्विक स्तर पर किडनी की बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं और भारतीय आबादी भी इसका शिकार होती जा रही है इसलिए सभी लोगों को इससे बचाव के उपाय शुरू कर देने चाहिए।

  • दिन में 8-10 गिलास पानी पिएं। यह शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है।
  • यदि आपको डायबिटीज या हाई बीपी है, तो इन्हें नियंत्रित रखें। यह किडनी को बड़ी क्षति से बचाता है।
  • अपनी थाली में फल, सब्जियां और साबुत अनाज शामिल करें। नमक (सोडियम) का सेवन कम करें।
  • हफ्ते में कम से कम 150 मिनट हल्के से मध्यम स्तर के व्यायाम करें, जिससे वजन कंट्रोल में रहे।
  • धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन किडनी सहित पूरे शरीर को नुकसान पहुंचाता है। इससे दूरी बनाएं।
  • बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दर्द निवारक दवा या सप्लीमेंट न लें।
  • यदि आपके परिवार में किडनी रोगों का इतिहास है या आपको डायबिटीज/बीपी है, तो डॉक्टर की सलाह पर समय-समय पर किडनी फंक्शन टेस्ट कराएं।


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स्रोत-
Global, regional, and national burden of chronic kidney disease in adults, 1990–2023, and its attributable risk factors: a systematic analysis for the Global Burden of Disease Study 2023

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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