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भारत में निसंतानता एक बेहद गंभीर समस्या बन चुका है, चिंताजनक हैं आंकड़े

Fri, 23 Nov 2018 03:48 PM IST
लाइफस्टाइल डेस्क , अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क , अमर उजाला Updated Fri, 23 Nov 2018 03:48 PM IST
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Infertility in India has become a very serious problem, worrisome statistics
शहरों की भागम-भाग वाली जीवनशैली के कई नुकसान भी हैं।

दुनियाभर में मेट्रो कल्चर तेजी से बढ़ रहा है। भारत भी इससे अछूता नहीं है। इस दौर में जिंदगी शहरों की ओर भाग रही है।यूं तो मुंबई, दिल्ली, चंडीगढ़, बेंगलुरु जैसे शहरों में हर तरह की आधुनिक सुख-सुविधाएं हैं, लेकिन शहरों की भागम-भाग वाली जीवनशैली के कई नुकसान भी हैं। जैसे-  इन्फर्टिलिटी यानी बांझपन।बेंगलुरु की मेडिकल टेक्नोलॉजी कंपनी की स्टडी के मुताबिक, बांझपन की समस्या भारतीय युवा लड़के-लड़कियों में इतनी तेजी से फैल रही है कि मानो कोई महामारी हो। 

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Infertility in India has become a very serious problem, worrisome statistics
शहरों की भागम-भाग वाली जीवनशैली के कई नुकसान भी हैं।

 इन्दिरा आई वी एफ जलन्धर सेंटर की स्त्री रोग एवं आई वी एफ स्पेशलिस्ट डॉ. मनजोत कौर बताती हैं कि -

-45 प्रतिशत महिलाएं कंसीव करने को लेकर तनाव में रहती हैं।
-64 प्रतिशत पुरुष संतान पैदा करने को लेकर परेशान रहते हैं, अगर उनकी पत्नी की उम्र 30 से ज्यादा है।
-लाइफस्टाइल से जुड़ी समस्याएं बांझपन का कारण बन रही हैं जैसे- शादी की बढ़ती उम्र, करियर के कारण परिवार बढ़ाने में देरी करना, शराब और तंबाकू का बढ़ता सेवन और बढ़ता मोटापा भी इसके पीछे बड़ी वजह है।
-गर्भधारण करने की कोशिश शुरू करने से पहले बहुत कम ही कपल्स डॉक्टर के पास जाते हैं।  

 

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Infertility in India has become a very serious problem, worrisome statistics
शहरों की भागम-भाग वाली जीवनशैली के कई नुकसान भी हैं।

इन्दिरा आई वी एफ गाजियाबाद सेंटर की स्त्री रोग एवं आई वी एफ स्पेशलिस्ट डॉ. पूजा सिंह कहती हैं कि 

स्टडी के आंकड़ो के मुताबिक, पिछले कुछ सालों में ऐसे कपल्स की संख्या में करीब 20 प्रतिशत का इजाफा हुआ है जो शादी के बाद कंसीव नहीं कर पा रहे हैं।
-कुल मिलाकर कहें तो इस समय भारत की कुल आबादी में से 10 से 14 प्रतिशत लोग बांझपन की समस्या से जूझ रहे हैं।
-बांझपन की शिकार महिलाएं जो इलाज कराने के लिए क्लीनिक जा रही हैं, उनमें 40 प्रतिशत मोटापे की शिकार हैं।

नि: संतानता के जो भी आंकड़े सामने आ रहे हैं उनमे मेडिकल कारणों के साथ जो बड़े कारण सामने आ रहे है वो हैं लाइफ स्टाइल, धूम्रपान, खराब खानपान, अधिक उम्र। कोई भी दम्पति एक साल से बिना किसी गर्भनिरोधक का इस्तेमाल किए बिना गर्भधारण की कोशिश कर रहें हैं लेकिन सफलता नहीं मिल रही हो तो यह नि: संतानता का संकेत है, ऐसी स्थिति में इंतजार नहीं करके फर्टिलिटी एक्सपर्ट से कंसल्ट करना चाहिए। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में जटिल समस्याओं के बावजूद आई वी एफ तकनीक से संतान प्राप्ति संभव है।

निःसंतानता से जुड़ा आपका कोई भी सवाल है तो इन्दिरा आईवीएफ कि वेबसाइट पर विजिट करें, अपनी समस्या लिखें या एक्सपर्ट डॉ. से बात करने के लिए कॉल करें - 07229944449


 

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