फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Lifestyle ›   Health & Fitness ›   India had highest number of TB cases globally in 2022: WHO Report

संकट: इस जानलेवा बीमारी के शिकार हो रहे हैं भारतीय, WHO ने कहा- दुनिया में सबसे ज्यादा मरीज

Wed, 08 Nov 2023 04:17 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवानी अवस्थी Updated Wed, 08 Nov 2023 04:17 PM IST
सार

2022 में टीबी के कारण लगभग 3 लाख 42 हजार लोगों की मौत हुई थी। इसमें से 3 लाख 31 लोग एचआईवी नेगेटिव थे और 11 हजार लोगों को एचआईवी संक्रमण था।

विज्ञापन
India had highest number of TB cases globally in 2022: WHO Report
भारत में टीबी की बीमारी - फोटो : pixabay

विस्तार

TB cases globally: विश्व स्वास्थ्य संगठन के जारी किए गए एक आंकड़े के मुताबिक, वर्ष 2022 में ट्यूबरक्लोसिस जिसे सामान्य भाषा में टीबी कहते हैं, के दुनियाभर में 75 लाख (7.5 मिलियन) मामले दर्ज किए गए हैं। वैश्विक स्तर पर तेजी से फैल रही इस बीमारी के कारण दुनिया में दूसरे नंबर पर सबसे अधिक मौतें हो रही हैं। वहीं डब्ल्यूएचओ के आंकड़े के मुताबिक, टीबी के सबसे अधिक मामले भारत में सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2022 में भारत में 28.2 लाख टीबी के मामले सामने आए थे। हालांकि 2015 से 2022 के बीच टीबी के मामलों में कुछ गिरावट दर्ज की गई थी।

विज्ञापन


सबसे अधिक टीबी के मामले भारत में

भारत के अलावा कई देशों में टीबी तेजी से फैल रही बीमारी बन चुकी हैं। इसमें इंडोनेशिया में 10 फीसदी, चीन में 7 फीसदी, पाकिस्तान में 5.7 प्रतिशत, नाइजीरिया में 4.5 फीसदी और बांग्लादेश में 3.6 प्रतिशत मामले दर्ज किए गए थे। केवल भारत, इंडोनेशिया और फिलीपिंस में सबसे अधिक टीबी के रोगी हैं। भारत, इंडोनेशिया और फिलीपींस के रोगियों को मिलाकर दुनियाभर का 60 फीसदी आंकड़ा होता है, जो कि 2020 और 2021 में नए रिपोर्ट किए गए।
विज्ञापन


3 लाख से अधिक लोगों की मौत का कारण टीबी

रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 में टीबी के कारण लगभग 3 लाख 42 हजार लोगों की मौत हुई थी। इसमें से 3 लाख 31 लोग एचआईवी नेगेटिव थे और 11 हजार लोगों को एचआईवी संक्रमण था। मरने वाले रोगियों में से बहुत लोगों को टीबी का सही इलाज नहीं मिला और कुछ को समय पर इलाज नहीं मिल पाया। यह रिपोर्ट टीबी निदान और उपचार सेवाओं के पैमाने में एक महत्वपूर्ण विश्वव्यापी सुधार को रेखांकित करती है। कोविड-19 के हानिकारक प्रभावों को दूर करने के लिए एक उत्साहजनक प्रवृत्ति को दर्शाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


डब्ल्यूएचओ के डायरेक्टर जनरल टेड्रोस अदनोम कहते हैं हमारे पूर्वज टीबी से पीड़ित थे और इस बीमारी के कारण और बचाव के बारे में बिना जानकारी मर गए। हालांकि आ हम इस रोग के बारे में सबकुछ जानते हैं। हमारे पास वह अवसर है जो हमसे पहले की पीढ़ी के पास नहीं था।


टीबी और कोविड

2020 से 2022 के बीच कोविड 19 के प्रभाव के परिणामस्वरूप करीब हजारों लोगों की मौत टीबी से हो गई, जो सामान्य दर्ज आंकड़ों से अधिक थी। एचआईवी पीड़ितों के लिए टीबी मौत का सामान्य कारक भी है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed