फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Lifestyle ›   Health & Fitness ›   How samosa came to india know history

कहां से भारत आया समोसा और कैसे बना तिकोना?

Sat, 22 Jun 2019 06:52 AM IST
ललित फुलारा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला Published by: ललित फुलारा Updated Sat, 22 Jun 2019 06:52 AM IST
विज्ञापन
How samosa came to india know history
समोसा - फोटो : अमर उजाला

42 साल के हरिशंकर दूबे, नोएडा में समोसे बेचते हैं। समोसे से होने वाली कमाई से ही परिवार का भरण-पोषण होता है। बस्ती के रहने वाले हैं। खोड़ा में कमरा किराये पर लेकर रहते हैं। उन्हेें नहीं पता कि समोसा कहां से भारत आया जबकि पिछले चार सालों से समोसा बनाने और बेचना ही उनका व्यवसाय है। हरिशंकर को यह भी नहीं पता कि समोसा आखिर तिकोना ही क्यों बनता है, बचपन से ही समोसे को तिकोना देखा, और जब समोसा बनाने शुरू किए तो तिकोना ही बनाया। हरिशंकर दूबे की ही तरह कई समोसे बेचने, बनाने और समोसे खाने वालों को नहीं पता कि समोसा कहां से भारत आया और कैसे हमारे स्वाद में मिलकर बच्चों से लेकर बड़ों तक का पसंदीदा बन गया। 

विज्ञापन


कहां से भारत आया समोसा?
समोसा, ईरान से भारत आया और भारतीय स्वाद में घुल-मिल गया। रेहड़ी एवं फुटपाथ से लेकर बड़े-बड़े होटलों की दहलीज पर इतराने लगा। हर भारतीय घर के स्वाद में चटखारे मारने लगा। बच्चों से लेकर बूढ़ों तक के दिल का अजीज पकवान बन गया। छुट्टी हो या पिकनिक, मेहमान आए हों या दोस्त, समोसे के स्वाद के बिना कोई भी पार्टी पूरी नहीं होती। सभा हो या संगोष्ठी चाय के साथ समोसा ही भाता है।
विज्ञापन



अपने आस-पास देख लीजिए कोई ऐसा बाजार नहीं जहां आपको मुस्कराता समोसा न दिखें।गर्मागर्म तेल में तलता समोसा अपनी तरफ न खींचे। लेकिन आपका यह समोसा भारतीय नहीं है बल्कि दूर देश से भारत आया हुआ है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


लेखन में समोसे का जिक्र?
लेखन में समोसे का जिक्र कई सौ साल पहले से मिलता है। बताया जाता है कि सबसे पहले समोसे का जिक्र ईरान के इतिहासकार अबुल फाजी बेहकी (995-1077 ई.) ने किया। उन्होंने समोसे का वर्णन 'समबुश्क' एवं 'समबुस्ज' नाम से किया। मुस्लिम व्यापारी समोसे को भारत लाए। यह 13वीं एवं 14वीं शताब्दी का दौर था जब समोसा व्यंजन भारत आया और इस डिश को मुस्लिम राजवंशों का सरंक्षण मिला। यह उनके प्रिय पकवान में शामिल हो गया।

 

How samosa came to india know history
समोसा - फोटो : अमर उजाला

अरब यात्री इब्न बतूता ने भारत में चखा समोसा
प्रसिद्ध सूफी संत अमीर खुसरो ने भी अपनी रचनाओं में समोसे को लेकर दिल्ली के सुल्तान के प्यार का जिक्र किया है। अरब यात्री इब्न बतूता ने भी सबसे पहले समोसा भारत में ही चखा और इसके स्वाद से मुरीद होकर अपनी यात्रा संस्मरण में समोसे का जिक्र ही कर डाला।

इब्न बतूता 14वीं शताब्दी में भारत आए और उन्होंने मोहम्मद बिन तुगलक के दरबार में समोसे का स्वाद चखा। उन्होंने इस पकवान का जिक्र समबुश्क नाम से किया। उन्होंने लिखा कि कैसे कीमा के साथ बादाम, पिस्ता और अखरोट वाला समोसा उन्हें परोसा गया। अमीर खुसरो ने तो एक कहावत ही कह डाली- समोसा क्यों नहीं खाया? जूता क्यों न पहना। अंग्रेज जब भारत आए तो उन्होंने भी इस पकवान का स्वाद यहीं चखा। हालांकि ऐसा नहीं है कि समोसा सिर्फ भारत में ही बनता है लेकिन पाकिस्तान को छोड़कर, भारत की तरह समोसा शायद ही विश्व के किसी दूसरे देश में बनता हो। पुर्तगाल, ब्राजील और मोजाम्बिक में 'समोसा' पेस्ट्री की तरह बनता है।

ईरान से भारत आने वाला समोसा 20वीं शताब्दी तक कई तरह से बदल चुका है। अब आपको बाजार में कई तरह के समोसे मिल जाएंगे। पहले अरब में बनने वाले समोसे में मांस, प्याज, पालक और पनीर पड़ता है। भारत में भी यह इसी रूप में आया लेकिन कालांतर में भारत में समोसे के भीतर आलू और मटर भरा जाने लगा। और इसके बाद समोसा इसी रूप में गांव, कस्बों और शहरों में प्रसिद्ध हो गया। समोसा कैसे तिकोना हुआ, इस बात का जिक्र कहीं नहीं मिलता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed