फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Lifestyle ›   Health & Fitness ›   historic medical breakthrough India discovers worlds rarest blood group CRIB know details

कामयाबी: भारत में दुनिया के सबसे अनोखे ब्लड ग्रुप CRIB की खोज, जानिए क्यों माना जा रहा है इसे बहुत खास

Mon, 04 Aug 2025 07:43 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Mon, 04 Aug 2025 07:43 PM IST
सार

  • वैज्ञानिकों की टीम ने एक नए प्रकार के ब्लड ग्रुप की खोज की है, जिसे CRIB (सीआरआईबी) नाम दिया गया है। भारत में एक 38 वर्षीय महिला की सर्जरी के दौरान इस नए रक्त समूह का पता चला है। ये अब तक ज्ञात ब्लड ग्रुप्स से कई मायनों में अलग है।

विज्ञापन
historic medical breakthrough India discovers worlds rarest blood group CRIB know details
नए ब्लड ग्रुप की खोज - फोटो : amarujala.com

विस्तार

New Blood Group: हमारे शरीर के सभी अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने और उनको सही तरीके से काम करते रहने में मदद के लिए रक्त की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। हर इंसान का ब्लड ग्रुप अलग-अलग हो सकता है और यह उसकी जैविक 'आईडी' की तरह होता है। दूसरे भाषा में ऐसे समझा जा सकता है कि ब्लड ग्रुप एक ऐसा कोड है जो तय करता है कि जरूरत पड़ने पर कौन सा खून उसे जिंदगी दे सकता है और कौन सा जानलेवा हो सकता है?

विज्ञापन


अब तक मुख्यरूप से चार ब्लड ग्रुप सबसे ज्यादा चर्चित रहे हैं वह हैं- ब्लड ग्रुप ए, बी, एबी और ओ। साल था 1901 जब पहली बार कार्ल लैंडस्टीनर नामक ऑस्ट्रियाई वैज्ञानिक ने ब्लड ग्रुप्स की खोज की थी। इससे पहले, डॉक्टर्स को भी लगता था कि सभी रक्त एक समान होते हैं। 
विज्ञापन


इसी क्रम में अब वैज्ञानिकों की टीम ने एक नए प्रकार के ब्लड ग्रुप की खोज की है, जिसे CRIB (सीआरआईबी) नाम दिया गया है। भारत में एक 38 वर्षीय महिला की सर्जरी के दौरान इस नए रक्त समूह का पता चला। 

विज्ञापन
विज्ञापन

historic medical breakthrough India discovers worlds rarest blood group CRIB know details
एक नए प्रकार के ब्लड ग्रुप की खोज - फोटो : Freepik.com

भारतीय वैज्ञानिकों ने खोजा एक नया ब्लड ग्रुप

रक्ताधान चिकित्सा की दुनिया में विशेषज्ञों की टीम इसे अभूतपूर्व प्रगति के रूप में देखती है। भारत और ब्रिटेन के वैज्ञानिकों की टीम द्वारा की गई इस खोज का दुनियाभर में इंटेंसिव केयर, प्रसवपूर्व निदान और रक्तदान प्रोटोकॉल पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह दुनिया का सबसे दुर्लभ रक्त समूह हो सकता है, क्योंकि अब तक केवल एक ही व्यक्ति में इसकी पहचान की गई है। 

बेंगलुरु स्थित रोटरी-टीटीके ब्लड सेंटर के चिकित्सा निदेशक डॉ. अंकित माथुर बताते हैं, अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती महिला को ब्लड चढ़ाने की जरूरत थी। हालांकि उसका ब्लड ग्रुप किसी भी अन्य ब्लड ग्रुप से मेल नहीं खाता था। हमने इसे अन्य ब्लड ग्रुप के साथ मिलाकर परीक्षण किया, लेकिन हर बार यह प्रतिक्रिया दे रहा था। जिसके बाद जांच में पाया गया कि महिला के ब्लड का सैंपल एकदम से नया और अज्ञात था।

historic medical breakthrough India discovers worlds rarest blood group CRIB know details
सीआरआईबी ब्लड ग्रुप कितना अलग - फोटो : Adobe

क्या है इस ब्लड ग्रुप की खासियत?

विशेषज्ञों ने बताया CRIB (क्रिब) ब्लड ग्रुप का अर्थ है- क्रोमोसोम रीजन आइडेंटिफाइड एज ब्लड ग्रुप। यह INRA (इंडियन रेयर एंटीजन) रक्त समूह प्रणाली से संबंधित है, जिसे 2022 में अंतर्राष्ट्रीय रक्त आधान सोसायटी (ISBT) द्वारा आधिकारिक रूप से मान्यता दी गई थी।

क्रिब की विशेषता यह है कि इसमें अधिकांश लोगों में पाए जाने वाले 'हाई प्रिवलेंस एंटीजन' अनुपस्थिति है। ये इंसानों की लाल रक्त कोशिकाओं में पाए जाते हैं। ये एंटीजन रक्त आधान में महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि इनका दाता और प्राप्तकर्ता दोनों में मौजूद होना आवश्यक होता है। क्रिब ब्लड ग्रुप में इसी एंटीजन की अनुपस्थिति देखी गई है।


इस ब्लड ग्रुप की खोज के बाद आगे की चरणों में शोधकर्ता CRIB-विशिष्ट एंटीबॉडी पैनल और स्क्रीनिंग परीक्षणों के विकास की दिशा में प्रयास कर रहे हैं जो वाहकों की शीघ्र पहचान करने में मदद कर सकें। विशेषज्ञ कहते हैं, क्रिब रक्त समूह की खोज इस बात की भी याद दिलाती है कि हमारे अपने जीव विज्ञान के बारे में अभी भी कितना कुछ अज्ञात है और ये रहस्य जीवन को सीधे तौर पर प्रभावित कर सकते हैं।

historic medical breakthrough India discovers worlds rarest blood group CRIB know details
खून और इसके प्रकार - फोटो : Freepik.com

एमएएल ब्लड ग्रुप के बारे में भी जानिए

इससे पहले पिछले साल सितंबर में  इंग्लैंड की ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी और एनएचएस ब्लड एंड ट्रांसप्लांट (NHSBT) के शोधकर्ताओं एक और प्रकार के ब्लड ग्रुप की खोज की थी, जिसे एमएएल (MAL) नाम दिया गया था। इंसानों में एक नए ब्लड ग्रुप की खोज इन दिनों दुनियाभर में चर्चा का विषय बनी हुई थी। इस ब्लड ग्रुप में क्या खास था और इस खोज की क्या आवश्कता थी, इस बारे में जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें


--------------
स्रोत और संदर्भ
Scientists Identify New Blood Group After a 50 Year Mystery

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed