चाहिए मां-बाप का लंबा साथ तो इस काम को करना ना भूलें
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अगर आप अपने माता-पिता या दूसरे बुजुर्गों को नियमित व्यायाम के लिए प्रेरित करते हैं तो मान लीजिए कि आपने उनकी लंबी उम्र का फॉर्मूला खोज लिया है।
एक शोध से जाहिर हुआ है कि बढ़ती उम्र में नियमित कसरत करने से ज़िंदगी बढ़ जाती है। ये रिपोर्ट ब्रिटिश जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन में प्रकाशित की गई है।
नार्वे में 5700 बुजुर्गों पर हुए एक अध्ययन से जाहिर हुआ कि जो बुजुर्ग हफ्ते में तीन घंटे व्यायाम करते हैं, वो कसरत न करने वालों की तुलना में पांच साल ज्यादा जीते हैं।
व्यायाम के फायदे
शोधकर्ताओं का कहना है कि मौत का खतरा कम करने के मामले में कसरत सिगरेट छोड़ने के बराबर फायदेमंद है।
ओस्लो यूनिर्वर्सिटी हॉस्पिटल की ओर से कराए गए अध्ययन से पता चला कि मामूली या फिर ज्यादा कसरत करने से लंबी जिंदगी की उम्मीद बढ़ जाती है।
बढ़ गई उम्र
रिपोर्ट तैयार करने वालों ने बुजुर्गों को कसरत करने के लिए प्रेरित करने को कैंपन चलाने की सलाह दी है।
एक दशक से ज्यादा वक्त तक चले अध्ययन के बाद तैयार रिपोर्ट के मुताबिक, "अध्ययन की शुरुआत के वक्त जिन बुजुर्गों की उम्र 73 साल थी, उनमें से नियमित कसरत करने वालों की जिंदगी व्यायाम ना करने वालों की तुलना में पांच साल लंबी रही।"
ब्रिटेन में पैंसठ साल से ज्यादा उम्र के लोगों को आधिकारिक तौर पर हफ्ते में 150 मिनट सामान्य कसरत करने की सलाह दी जाती है। ये रिपोर्ट इस बारे में जानकारी नहीं देती कि जिन बुजुर्गों पर शोध किया गया वो अपनी पहले की ज़िंदगी में किस कदर सक्रिय थे।
कसरत से दूरी
ये रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जबकि एक चैरिटी ने लोगों में कसरत के लिए घटते रुझान पर चिंता जाहिर की है।
ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की है, जिसमें कसरत न करने वाले वयस्कों की तादात की जानकारी दी गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक़, कसरत ना करने वाले वयस्कों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है।
चैरिटी से जुड़ी जूलिया वार्ड कहती हैं कि किसी भी उम्र में नियमित शारीरिक सक्रियता दिल के लिए अच्छी होती है और लंबी जिंदगी का सूत्र बन सकती है।