Covid-19: कई देशों में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच एक नई वैक्सीन को मंजूरी, ये वैरिएंट बढ़ा रहा है चिंता
दक्षिण-पूर्व एशिया के कई हिस्सों में कोविड-19 की नई लहर को देखते हुए लोगों के मन में कई तरह का डर देखा जा रहा है। क्या ये वायरस एक बार फिर से तबाही मचाने जा रहा है? इस बीच एफडीए ने एक और नए वैक्सीन को मंजूरी दे दी है।
विस्तार
दुनिया के कई हिस्सों विशेषकर एशियाई देशों (जैसे हांगकांग और सिंगापुर) में एक बार फिर से बढ़ते कोरोना के मामलों ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता बढ़ा दी है। हालिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि पिछले कुछ हफ्तों से यहां कोरोना के मामलों में तेज से वृद्धि हुई है। न सिर्फ कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं साथ ही कई स्थानों पर अस्पतालों में भर्ती रोगियों की संख्या में भी इजाफा हुआ है।
फिलहाल इन बढ़ते मामलों के लिए किसी नए वैरिएंट को जिम्मेदार नहीं बताया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय के साथ लोगों में वैक्सीन से बनी प्रतिरक्षा में कमी आ रही है जिसके कारण वायरस का एक बार फिर से प्रभाव देखा जा रहा है।
एहतियाती तौर पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने प्रभावित हिस्सों में उच्च जोखिम वाले लोगों को कोरोना की बूस्टर वैक्सीन लेने की सलाह दी है, जिससे शरीर में अतिरिक्त सुरक्षा विकसित की जा सके। इससे पहले कई स्वास्थ्य संगठन भी 65 से अधिक उम्र के लोगों को फ्लू की ही तरह से सालाना कोविड वैक्सीन लेने की सलाह देते रहे हैं।
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दक्षिण-पूर्व एशिया में बढ़ता कोरोना का संक्रमण
दक्षिण-पूर्व एशिया के कई हिस्सों में कोविड-19 की नई लहर को देखते हुए लोगों के मन में कई तरह का डर देखा जा रहा है। क्या ये वायरस एक बार फिर से तबाही मचाने जा रहा है? क्या हम सभी को फिर से कोविड-19 से बचाव के लिए पहले की ही तरह से उपाय करने शुरू कर देने चाहिए?
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, हांगकांग और सिंगापुर जैसे शहरों में कोरोना के मामलों के साथ अस्पताल में भर्ती होने वालों और यहां तक कि मौतों के मामलों में भी वृद्धि देखी जा रही है। ये लगभग एक साल में पहली बड़ी वृद्धि है।
कई देशों में बढ़ते खतरों को देखते हुए स्वास्थ्य संगठनों ने सभी लोगों को अलर्ट किया है।
एफडीए ने एक और नए वैक्सीन को दी मंजूरी
कोरोना के बढ़ते जोखिमों के बीच अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने नोवावैक्स के एक नए टीके को मंजूरी दे दी, हालांकि इसके साथ कुछ शर्तें भी रखी गई हैं। ये टीके सिर्फ उन्हीं लोगों को दिए जा सकेंगे जो इसके लिए उपयुक्त होंगे।
अनुमोदन पत्र के अनुसार, नुवैक्सोविड नामक वैक्सीन का उपयोग 65 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों और 12 से 64 वर्ष के बीच के उन लोगों के लिए किया जा सकेगा जिनमें कम से कम एक अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्या (कोमोरबिडीटी) है। ये स्थितियां कोविड संक्रमण के कारण गंभीर बीमारी विकसित होने के जोखिम को बढ़ाती है।
LP.8.1 वैरिएंट के कारण बढ़ रहा है संक्रमण
यूएस स्थित नेबरास्क मेडिसिन में संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ मार्क.ई.रप बताते हैं, वर्तमान में अमेरिका सहित दुनिया के कई हिस्सों में सबसे प्रमुख वैरिएंट LP.8.1 है, जिसके 70% मामले हैं। इसके बाद XFC है जिसके 9% मामले हैं। ओमिक्रॉन का मूल वैरिएंट अब लगभग खत्म हो चुका है और फिलहाल इसके सब-वैरिएंट्स के ही मामले देखे जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ये वैरिएंट वैसे तो ज्यादा खतरनाक नहीं हैं पर लोगों की समय के साथ कमजोर होती प्रतिरक्षा के कारण वायरस अधिक आसानी से फैल रहा है।
अप्रैल में इसी वैरिएंट के कारण बढ़ा था संक्रमण
इससे पहले अप्रैल के महीने में भी दुनिया के कई हिस्सों में LP.8.1 वैरिएंट के कारण संक्रमण के मामले बढ़ते हुए देखे गए थे। यूके-ऑस्ट्रेलिया के कई शहरों में कोरोना के इस वैरिएंट के कारण संक्रमण बढ़ने की खबरें सामने आई थीं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने जनवरी में एलपी.8.1 की वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण वृद्धि को देखते हुए इसे 'वैरिएंट अंडर मॉनिटरिंग' के रूप में वर्गीकृत किया था। हालांकि वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी ने माना था कि ये ज्यादा खतरनाक या चिंताजनक नहीं है। चूंकि ये ओमिक्रॉन के ही एक वैरिएंट का अपडेटेड वर्जन है इसलिए इसके कारण गंभीर स्तर के संक्रमण होने का जोखिम कम है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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