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Coronavirus Study: कोरोना पर नई रिसर्च ने चौंकाया, स्वाद संबंधी लक्षण से जुड़ा है मामला

Sun, 16 Aug 2020 04:27 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Sun, 16 Aug 2020 04:27 PM IST
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Coronavirus new study says that COVID 19 does not directly damage taste bud cells
Coronavirus new study - फोटो : Pixabay/Amarujala

कोरोना वायरस के मामले दुनियाभर में लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अब तक पूरी दुनिया में इससे दो करोड़ 13 लाख से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं जबकि सात लाख 68 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इसको लेकर पिछले कई महीनों से वैक्सीन बनाने का काम चल रहा है, साथ ही इससे जुड़े रिसर्च भी जारी हैं। हाल ही में कोरोना पर हुए एक नए शोध ने वैज्ञानिकों को चौंका दिया है। यह नया शोध स्वाद संबंधी लक्षण से जुड़ा हुआ है। आपको बता दें कि कोरोना के कई मरीजों की सूंघने या स्वाद लेने की क्षमता चले जाने का मामला सामने आने के बाद वैज्ञानिकों ने इसे कोरोना के लक्षणों की सूची में शामिल कर लिया था, लेकिन अब वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोना वायरस स्वाद लेने की क्षमता से जुड़ी कोशिकाओं को सीधे तौर पर नुकसान नहीं पहुंचाता है। 

Coronavirus new study says that COVID 19 does not directly damage taste bud cells
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

ताजा शोध के मुताबिक, स्वाद लेने की क्षमता का प्रभावित होना कोरोना वायरस के कारण हुई सूजन के दौरान होने वाली घटनाओं से अप्रत्यक्ष तौर पर जुड़ा हुआ है, जबकि पहले किए गए अध्ययनों में यह सामने आया था कि कोरोना वायरस के कण के कारण स्वाद लेने की क्षमता सीधे तौर पर प्रभावित होती है। 

Coronavirus new study says that COVID 19 does not directly damage taste bud cells
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PTI

यह नया और चौंकाने वाला शोध अमेरिका के जॉर्जिया विश्वविद्यालय में पुनर्योजी बायोसाइंस केंद्र के शोधकर्ताओं ने किया है। इस शोध को एसीएस फार्माकोलॉजी एंड ट्रांसलेशनल साइंस पत्रिका में प्रकाशित किया गया है। यह शोध बताता है कि 20-25 फीसदी कोरोना मरीज स्वाद न आने की समस्या से जूझ रहे हैं। जॉर्जिया विश्वविद्यालय की एसोसिएट प्रोफेसर होंगजियांग लियू कहती हैं, 'वायरस के संपर्क में आने के कुछ समय बाद स्वाद नहीं आने के लक्षण वाले मरीजों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय है। यह ऐसी चीज है जिस पर हमें सावधानीपूर्वक नजर रखने की जरूरत है।' 

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Coronavirus new study says that COVID 19 does not directly damage taste bud cells
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

शोधकर्ताओं के मुताबिक, अध्ययन से यह संकेत मिलता है कि स्वाद लेने की क्षमता से जुड़ी कोशिकाएं कोरोना संक्रमण की चपेट में नहीं आती हैं, क्योंकि उनमें से ज्यादातर एसीई2 (ACE2) व्यक्त नहीं करते हैं। दरअसल, एसीई2 एक प्रकार का एंजाइम है, जो आंत, दिल, धमनियों, कोशिकाओं और गुर्दे की झिल्लियों से जुड़ा होता है। एसीई2 ही वो रास्ता है, जहां से वायरस शरीर में प्रवेश करता है। 

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Coronavirus new study says that COVID 19 does not directly damage taste bud cells
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

प्रोफेसर होंगजियांग लियू के मुताबिक, यह कोई पहला अध्ययन नहीं है, जो मुंह में एसीई2 की मौजूदगी को दिखाता है, लेकिन यह कोरोना वायरस का संक्रमण और खासतौर पर स्वाद लेने की क्षमता से जुड़ी कोशिकाओं के सुरक्षित रहने का संबंध दर्शाने वाला पहला अध्ययन जरूर है।'

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