क्या सचमुच किराने के बैग को डिसइन्फेक्ट करना जरूरी है? जानें ऐसे ही जरूरी सात सवालों के जवाब
- क्या किराने के बैग को तीन दिन तक बाहर रखें?
यह केवल मूर्खता होगी। क्या दूध, आइसक्रीम, फल-सब्जी या मांस को तीन दिन तक बाहर रखा जा सकता है। कतई नहीं, इससे तो खाद्य पदार्थ खाने लायक ही नहीं रह जाएंगे। हालांकि इस तरह की सलाहों के पीछे कुछ तथ्यात्मक आशंकाएं जरूर हैं। दरअसल, वायरस कमरे के तापमान में धीरे-धीरे निष्क्रिय होता है, आठ घंटे में आधे से ज्यादा निस्तेज हो चुका होता है। दरअसल, यह मानकर यह सुझाव दिया गया कि किराने का सामान वायरस से दूषित हो सकता है और उसे छूने से बीमारी जकड़ लेगी, लेकिन यह एकदम गलत है।
- क्या सारे शापिंग बॉक्स और बैगों से खतरा है?
इस सुझाव का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। अगर बाहर से आने वाले खाद्य पैकेट के संक्रमित होने की आशंका है तो भी सिर्फ यही सलाह होगी कि किसी भी खाद्य सामग्री को खाने से पहले अपने हाथों को अच्छी तरह से धो लें, क्योंकि खाने में किसी तरह का संक्रमण आपके खुद के हाथ ही दे सकते हैं।
- साबुन नहीं, सिर्फ ठंडे पानी से धोएं फल-सब्जी?
साबुन से ताजी खाद्य सामग्री को धोने की बात तो सोचिए भी नहीं। क्योंकि साबुन का अंश पेट में जाने पर मतली, उल्टी या डायरिया भी हो सकता है। साबुन आदि को खाद्य सामग्री की सफाई के लिए बनाया ही नहीं गया है। एफडीए समेत सभी विशेषज्ञों की सिफारिश है कि ताजे फल-सब्जी को ठंडे पानी से ही धोना चाहिए।
- क्या बार-बार इस्तेमाल होने वाले थैलों से खतरा है?
पुनः इस्तेमाल लायक थैले एक अच्छी पंसद हैं। हां, इन्हें महामारी ही नहीं, आम दिनों में भी नियमित रूप से धोते रहना बेहतर होगा। सैद्धांतिक रूप से किराना स्टोर में ले जाते समय इन थैलों में भी रोगाणु आ सकते हैं। ऐसा स्टोर में आपके आसपास मौजूद किसी संक्रमित व्यक्ति के जरिए संभव है। मेरा सुझाव है ऐसे बैगों को गाड़ी में या घर के एकांत जगह में ही रखना सुरक्षित होगा। डर हो तो तत्काल उन्हें धो लीजिए। इसके अलावा किराने के सामान को दराज में रखते समय और उसके बाद हाथ अच्छे से धोना जरूरी है।