कैथोलिक ईसाई समुदाय के धर्मगुरु पोप लियो 14वें को हाल ही में एक जांच के दौरान फेफड़े में एक छोटी गांठ (नोड्यूल) का पता चला था। खबरों के मुताबिक इसकी सर्जरी के लिए पोप मंगलवार को अस्पताल में भर्ती होंगे।
पोप लियो: क्या होता है लंग नोड्यूल और ये कितना खतरनाक? सर्जरी के लिए आज भर्ती होंगे पोप
Pope Leo XIV Lung Nodule Surgery : पोप लियो 14वें के फेफड़ों में एक छोटी गांठ का पता चला है। 71 वर्षीय पोप की इस सप्ताह रोम के जेमेली अस्पताल में सर्जरी होगी और उन्हें करीब एक सप्ताह तक अस्पताल में रहना पड़ सकता है। अब सवाल ये है कि फेफड़ों में गांठ की समस्या कितनी खतरनाक होती है?
मंगलवार को होंगे भर्ती, इसी हफ्ते होगी सर्जरी
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि सर्जरी के बाद ठीक होने और स्वास्थ्य लाभ के लिए उन्हें लगभग एक हफ्ते तक अस्पताल में रहना पड़ सकता है।
फेफड़ों में गांठ होने का मतलब हमेशा कैंसर होना नहीं होता है। इसे मेडिकल भाषा में लंग नोड्यूल कहते हैं। यह फेफड़ों में दिखाई देने वाला एक छोटा असामान्य धब्बा होता है, जिसका आकार आमतौर पर 3 सेंटीमीटर से कम होता है।
अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के अनुसार, कई बार ऐसी गांठ का पता सीटी स्कैन के दौरान अचानक चलता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, फेफड़ों में मिली गांठ दो तरह की हो सकती है।
- बिनाइन: ऐसी गांठ जो कैंसर वाली नहीं होती।
- मैलिग्नेंट: जिसमें कैंसर की कोशिकाएं हो सकती हैं।
जॉर्जटाउन के लोम्बार्डी कॉम्प्रिहेंसिव कैंसर सेंटर में लंग्स कैंसर विशेषज्ञ डॉ. स्टीफन लियू बताते हैं, यदि गांठ कैंसर वाली हो और शुरुआती अवस्था में ही उसे निकाल दिया जाए, तो मरीज के ठीक होने की संभावना बहुत अच्छी हो सकती है। ऐसी स्थिति में कई बार केवल सर्जरी से ही स्थिति को ठीक किया जा सकता है।
पोप को मंगलवार को अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। इसी सप्ताह के शुरुआती दिनों में उनकी सर्जरी की जाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की सर्जरी के बाद मरीजों को कुछ ही दिनों में अस्पताल से छुट्टी मिल जाती है। इसके बाद वे घर पर रहकर धीरे-धीरे स्वस्थ हो सकते हैं।
पहले लंग नोड्यूल के बारे में जान लीजिए
लंग नोड्यूल फेफड़ों में बनने वाला एक छोटा, गोल या अंडाकार धब्बे जैसा उभार होता है, जिसे आमतौर पर एक्स-रे या सीटी स्कैन की मदद से पहचाना जाता है। इसे पल्मोनरी नोड्यूल भी कहा जाता है। आमतौर पर इसका आकार 3 सेंटीमीटर तक होता है। इससे बड़ा उभार होने पर उसे लंग मास कहा जा सकता है, जिसमें कैंसर की आशंका अधिक हो सकती है।
- फेफड़ों में नोड्यूल दिखने का मतलब यह नहीं है कि मरीज को कैंसर है। ज्यादातर छोटे लंग नोड्यूल बिना कैंसर वाले होते हैं।
- ये अक्सर किसी दूसरे कारण से होने वाले जांच में सामने आते हैं। कई मामलों में इनमें कोई लक्षण भी नहीं होते।
- डॉक्टर नोड्यूल का आकार, बढ़ने की गति और मरीज की उम्र व धूम्रपान की आदत जैसे जोखिम कारकों को देखकर तय करते हैं कि ये कितना खतरनाक है और इसके आगे की प्रक्रिया क्या होगी?
क्यों होती है ये समस्या?
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि लंग नोड्यूल बनने के कई कारण हो सकते हैं। फेफड़ों में संक्रमण या सूजन के कारण फेफड़ों के ऊतकों में होने वाले बदलाव के कारण ये समस्या सबसे ज्यादा देखी जाती रही है।
- ट्यूबरकुलोसिस, फंगल संक्रमण और कुछ अन्य श्वसन संक्रमणों के बाद भी फेफड़ों में छोटे नोड्यूल बन सकते हैं।
- रूमेटाइड आर्थराइटिस जैसी कुछ ऑटोइम्यून बीमारियां और फेफड़ों में लंबे समय तक रहने वाली सूजन इसका खतरा बढ़ाने वाली हो सकती हैं।
उम्र बढ़ने, लंबे समय तक धूम्रपान या तंबाकू के सेवन और पहले कैंसर होने की स्थिति में खतरा और बढ़ सकता है। वायु प्रदूषण और कुछ हानिकारक पदार्थों के लंबे समय तक संपर्क में रहने से भी फेफड़ों के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
लंग नोड्यूल कब खतरनाक हो सकता है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर लंग नोड्यूल का आकार बड़ा हो, ये समय के साथ तेजी से बढ़ रहा हो या फिर इसकी बनावट अनियमित हो तो इसे खतरे का संकेत माना जाता है।
- वैसे तो केवल नोड्यूल के आकार या एक लक्षण के आधार पर कैंसर की पुष्टि नहीं की जा सकती।
- अधिकांश छोटे, कैंसर रहित नोड्यूल जानलेवा नहीं होते। वहीं, यदि नोड्यूल से फेफड़ों के कैंसर का खतरा हो रहा है तो सर्जरी और दूसरे उपाय किए जाते हैं।
- डॉक्टर बताते हैं, यदि खांसी में खून, सांस लेने में परेशानी या लगातार लक्षण बिगड़ रहे हैं तो समय रहते इसकी जांच और इलाज जरूर करा लें। सीटी स्कैन और जरूरत पड़ने पर बायोप्सी की मदद से इस समस्या की पहचान की जा सकती है।
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स्रोत:
Pope Leo XIV is set to enter a Rome hospital for removal of a lung nodule
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