हार्ट अटैक के बाद अपने दिल का इस तरह रखें ख्याल, बेहद कारगर हो सकते हैं ये उपाय
एम्स के कार्डियोलोजिस्ट के मुताबिक सबसे पहले यह समझ लेना चाहिए कि अभी तक दुनिया में कोई भी ऐसी तकनीकी विकसित नहीं हो सकी है, जिससे हार्ट अटैक आने के बाद दिल को हुए नुकसान की पूरी भरपाई की जा सके...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
एम्स में कार्डियोलोजिस्ट (हृदय रोग विशेषज्ञ) डॉ. संदीप मिश्रा के मुताबिक सबसे पहले यह समझ लेना चाहिए कि अभी तक दुनिया में कोई भी ऐसी तकनीकी विकसित नहीं हो सकी है, जिससे हार्ट अटैक आने के बाद दिल को हुए नुकसान की पूरी भरपाई की जा सके। इलाज के माध्यम से आप केवल दुबारा आने वाली समस्या को टाल सकते हैं। ऐसे में यही बेहतर है कि आप अपने दिल की बेहतर देखभाल करें और बीमारी को अपने पास ही न आने दें, और अगर पहले हार्ट अटैक आ चुका है तो इसे दोबारा आने से रोक सकें।
डॉक्टर संदीप मिश्रा के मुताबिक जीवनशैली में बदलाव हार्ट अटैक से बचाने में सबसे कारगर हो सकता है। शारीरिक गतिविधियों को बढ़ाना और प्रतिदिन व्यायाम करना हार्ट अटैक रोकने में सबसे कारगर भूमिका निभाता है। इसके अलावा खानपान में भी सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि हाई कैलोरी और वसा से भरपूर खाद्य पदार्थ लोगों को इस बीमारी के प्रति तेजी से धकेलते हैं।
अगर पहले आ चुका है हार्ट अटैक
जिन लोगों को पहले हार्ट अटैक आ चुका है, उन्हें अटैक आने से अगले दो-तीन दिन तक कोई भारी कामकाज नहीं करना चाहिए। लेकिन डॉक्टर की सलाह के बाद धीरे-धीरे शारीरिक गतिविधियां बढ़ानी चाहिए। हल्की सुबह की सैर से शुरू कर 30 मिनट तक टहलना काफी फायदेमंद रहता है। इसके अलावा जरूरत की कोई सामग्री खरीदने के लिए आसपास टहलते हुए जाना, सीढ़ियों पर धीरे-धीरे चढ़ना या उतरना भी ऐसे लोगों के लिए फायदेमंद रहता है।
दवा भूलना हार्ट अटैक को दुबारा न्यौता देने जैसा
एक बार हार्ट अटैक आ जाने के बाद डॉक्टर जिन दवाओं को शुरू करते हैं, उन्हें डॉक्टर की सलाह के बिना बंद नहीं करना चाहिए। दवा खाने में किसी तरह की लापरवाही हार्ट अटैक को दोबारा न्यौता देने जैसा है, इसलिए दवा खाने में किसी तरह की चूक नहीं होनी चाहिए।