स्टडी के मुताबिक खराब डायट के वजह से भारत में हर साल होती है 100 से अधिक मौत
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भारत के कई हिस्सों से आए दिन भूख से मौत की खबरें आती रहती हैं। इसके अलावा और भी कई देश हैं जहां भूख से मौत का आकड़ा सामने आया है। द लैंसेट जर्नल में प्रकाशित स्टडी के लिए 195 देशों का आंकलन किया गया है। आंकलन करने से पता चला है कि दुनिया भर में हर पांच में से एक व्यक्ति की मौत का यह आकड़ा लगभग एक करोड़ दस लाख मौतों के बराबर है। खराब और संतुलित भोजन न करने से भारत में हर साल 100 से भी ज्यादा मौतें होती हैं। इस स्टडी के दौरान शोधकर्ताओं ने ऐसा दावा किया है। शोधकर्ताओं के मुताबिक साबुत अनाज और फलों के कम सेवन करने के कारण ये मौत होती है।
स्टडी के दौरान पता चला है कि भारत, अमेरिका, ब्राजील, पाकिस्तान नाइजीरिया, रूस, मिस्त्र, जर्मनी, ईरान और तुर्की में प्रतिदिन 125 ग्राम से कम साबुत अनाज के सेवन के कारण मौत और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। बांग्लादेश में यह डायटरी रिस्क सही मात्रा में फलों का सेवन न करने की वजह से देखा गया है। वहां लोग प्रतिदिन 250 ग्राम से भी कम फलों का सेवन कर रहे थे।
साल 2017 में जिन देशों में भूख के चलते सबसे ज्यादा मौत हुई है उनमें इजरायल, फ्रांस, जापान, स्पेन और एंडोरा जैसे देशों का नाम शामिल था। भारत प्रति एक लाख लोगों में से 310 मौतों के साथ 118वें स्थान पर था। अमेरिका स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ वॉशिंग्टन के डायरेक्टर क्रिस्टोफर मूरे के मुताबिक इस स्टडी से यह वह बात पुख्ता हो गई है कि अन्य कारणों के मुकाबले हर साल खराब डायट की वजह से अधिक मौतें होती हैं।
साल 2017 में खराब डायट की वजह से लगभग 11 लाख मौतें हुईं। इस संख्या में पांच लाख से अधिक मौतें ऐसे डायट की वजह से हुई जिसमें सोडियम की मात्रा अधिक थी और साबुत अनाज व फलों की मात्रा कम थी। स्टडी के मुताबिक 1990 में खराब डायट के कारण आठ लाख मौतें हुई थीं।