First Job Tips: पहली नौकरी के दौरान रखें इन बातों का ध्यान, दफ्तर में रहेंगे तनावमुक्त
पहली नौकरी हमारी उड़ान को तेज करने और ऊंची उड़ान भरने में मदद करती है। बस, शर्त यह है कि आप कुछ बातों का ध्यान रखें और पहली नौकरी तनाव मुक्त होकर करें।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दीपा श्रीवास्तव
पढ़ाई के बाद पहली नौकरी में खुद को सिर्फ कार्यकुशल साबित करने की चुनौती नहीं होती, बल्कि व्यवहार कुशलता भी बहुत जरूरी है। पढ़ाई करते वक्त हमारे कितने सपने होते हैं। जॉब मिलेगी तो हम यह करेंगे, यह खाएंगे, यहां जाएंगे और न जाने क्या-क्या! वहीं, पहली नौकरी को लेकर मन में घबराहट भी होती है। पहली नौकरी हमारी उड़ान को तेज करने और ऊंची उड़ान भरने में मदद करती है। बस, शर्त यह है कि आप कुछ बातों का ध्यान रखें और पहली नौकरी तनाव मुक्त होकर करें।
मार्गदर्शन लेना जरूरी
पहली नौकरी में खुद को साबित करने का दबाव रहता है। इसलिए अक्सर महिलाएं अपने काम पर ढेर सारे सवाल उठने और काम की आलोचना होने के भय से इस तरह के सवालों के जवाब ढूंढती रहती हैं। ऐसे में काफी समय बर्बाद होता है, इसलिए जरूरी है कि लोगों की मदद लें। कुछ अस्पष्ट होने पर सवाल पूछें। अपने काम का फीडबैक और मार्गदर्शन मांगने से आपको अधिक विस्तृत दृष्टिकोण मिल सकता है। इसके अलावा यह दूसरों को संकेत देता है कि आप उनके दृष्टिकोण की परवाह करती हैं।
नोटबुक रखें साथ
कार्यालय में आपको अपने पास एक नोटबुक और पैन रखना चाहिए। खासकर तब, जब आप अपने बॉस/टीम लीडर या अपने से अधिक अनुभवी व्यक्ति से बात कर रही हों। इससे आप सारी जरूरी बात नोट कर पाएंगी और जरूरत पड़ने पर दोबारा समझ पाएंगी। कई बार काम के दबाव के कारण दिमाग से जरूरी बातें निकल जाती हैं, ऐसे में यह नोटबुक आपके सबसे ज्यादा काम आएगी। इसके साथ ही इसमें आप अपने प्राथमिक, सामान्य और सबसे कम महत्वपूर्ण कामों की सूची भी बनाकर रख सकती हैं। इस सूची को सुबह ऑफिस पहुंचकर देखें और उसी हिसाब से अपने काम करें। यह आपको सही से काम करने और आगे बढ़ने में मदद करेगा।
समाधान पर विचार
किसी भी चीज का समाधान खोजने का पहला कदम समस्या की पहचान करना है। लेकिन समस्या की पहचान करके उसे दूसरे पर न छोड़ दें। कई बार इस कारण आप अपने साथियों के बीच कामचोर नजर आने लगती हैं। इसलिए खुद ही समाधान खोजने की कोशिश करें और जरूरत पड़ने मदद मांगें।
घबराना क्यों
ऑफिस में जरूरी है समय सीमा के अंदर काम पूरा करना, लेकिन अगर इसमें कोई अड़चन आए तो घबराएं नहीं। कई बार ऐसे में आपको दूसरे सहयोगी की मदद की जरूरत पड़ सकती है। ऐसी स्थिति में मदद मांगने में घबराहट होती है कि वह मदद करेगा या नहीं। इसलिए बिना घबराए उससे मदद मांगें और उसका धन्यवाद करें।
जुड़ने का प्रयास
कड़ी मेहनत करना जरूरी है, साथ ही अपने सहयोगियों और टीम से जुड़ना भी महत्वपूर्ण है। इसलिए ऑफिस में कराई जाने वाली एक्टिविटी में भाग लें। इससे आप अपने सहकर्मियों को जान पाएंगी और उनसे दोस्ती भी कर पाएंगी। वहीं, अगर वे आपसे चाय पीने या साथ में खाना खाने के लिए पूछें तो उनके साथ जाएं, न कि मना करें।
व्यक्तित्व में गंभीरता
करियर काउंसलर सीमा रहमान बताती हैं, काम करना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी यह भी है कि आप अपने लिए किस तरह का करियर चुन रही हैं। आपका कॅरिअर आपके व्यक्तित्व से मेल खाता हुआ होना चाहिए, वर्ना कुछ समय बाद ही आपको काम में परेशानी आनी शुरू हो जाती है और नौकरी आपके ऊपर एक भार बन जाती है। आप अपने काम से तो खुद को साबित कर देंगी, लेकिन यह भी जरूरी है कि आप अपने ऑफिस के वर्क कल्चर को समझें। आप जिस भी संस्थान से जुड़ें, उसके कायदे-कानून को अच्छी तरह समझ लें। काम के समय अपने व्यक्तित्व में गंभीरता लाएं। समझ न आने पर सवाल पूछें और कोशिश करें कि कम से कम गलतियां हों।