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गांवो की समस्याएं सुलझांने पर शिक्षकों को मिलेगा प्रमोशन, तैयारी में जुटी केंद्र सरकार
Sun, 03 Nov 2019 07:13 PM IST
Mohit Mudgal
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Mohit Mudgal
Updated Sun, 03 Nov 2019 07:13 PM IST
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रमेश पोखरियाल निशंक
- फोटो : file photo
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मानव संसाधन विकास मंत्रालय उन्नत भारत अभियान से जुड़े संस्थानों द्वारा गांव की समस्याओं के निवारण के लिए पहल कर सकता है। डॉक्टरों की तर्ज पर अब उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को भी गांव या इससे जुड़े प्रोजेक्ट पर काम करना पड़ेगा। ऐसा करने वाले शिक्षकों को पदोन्नति में तवज्जो भी दी जा सकती है। इसमें पढ़ाने के अलावा गांव की समस्याओं के निवारण पर भी काम करना शामिल होगा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय यह कदम उठाने पर अभी विचार कर रहा है।
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अगले शिक्षा सत्र से पहले इसे लागू किया जा सकता है। यह उन्नत भारत अभियान मानव संसाधन विकास मंत्रालय का कार्यक्रम है, जिसे ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बनाया गया है। इसमें आईआईटी, ट्रिपलआईटी, एनआईटी, एआईसीटीई और यूजीसी से संबंधित कॉलेजाें के छात्रों को गांव की समस्याओं पर काम करना होता है। अभी छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए इंटर्नशिप में कुछ क्रेडिट अंक देने का प्रावधान है।
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उन्नत भारत अभियान से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि इसके लागू होने से संस्था की फैकल्टी गांव में काम करने के लिए प्रोत्साहित हाेगी। उन्नत भारत अभियान के नेशनल काेऑर्डिनेटर और आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर वीरेन्द्र कुमार विजय ने बताया कि अभी 2214 संस्थाओं ने करीब 11 हजार गांवाें को गोद लिया है। लेकिन इसके ठोस परिणाम नहीं मिल पा रहे थे। कई बार छात्र पढ़ाई और परीक्षा की बात कहकर गांव से जुड़े प्रोजेक्ट को बीच में रोक दे रहे थे।
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ऐसे में उन्हें शिक्षक ही प्रोत्साहित कर सकता है। इसलिए अब शिक्षकों को इससे जोड़ने की तैयारी की गई है। उन्हें पदोन्नत कर इसके लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। अगले दो साल में इस अभियान के जरिए पांच हजार संस्थाओं से 25 हजार गांवों को जोड़ने की योजना बनाई जा रही है।