World Hindi Day 2020: विश्व और राष्ट्रीय हिंदी दिवस में क्या है अंतर, जानें दोनों में क्या खास
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आज के समय में अंग्रेजी भाषा को ज्यादा महत्व दिया जाता है। इसके बढ़ते चलन और हिंदी की अनदेखी को रोकने के लिए हर साल 14 सितंबर को देशभर में हिंदी दिवस और 10 जनवरी को दुनियाभर में विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है। यह दिवस हिंदी प्रेमियों के लिए बेहद खास है, क्योंकि हिंदी दुनिया की सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाओं में शुमार है। यहां हम बता रहे हैं कि विश्व हिंदी दिवस और राष्ट्रीय हिंदी दिवस मनाने की प्रथा कब और कैसे शुरू हुई? दोनों में क्या अंतर है? पढ़ते हैं आगे...
विश्व हिंदी दिवस -
10 जनवरी को हर साल विश्व हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। साल 2006 से इसे हर साल मनाए जाने की शुरुआत हुई थी। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए हिंदी दिवस मनाने की घोषणा की थी। हालांकि इतिहास में पहली बार में 10 जनवरी 1975 को नागपुर में विश्व हिंदी दिवस के लिए सम्मेलन का आयोजन किया गया था। लेकिन उस वक्त इसे लेकर कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं की गई थी।
हिंदी दिवस -
हिंदी को सबसे पहले 14 सितंबर, 1949 के दिन राजभाषा का दर्जा मिला था। देश जब साल 1947 में अंग्रेजों की हुकूमत से आजाद हुआ था, तो भाषा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया था। सवाल यह था कि भारत की राष्ट्रभाषा कौन सी होगी। ये सवाल बेहद अहम था इसलिए काफी विचार करने के बाद हिंदी को नए राष्ट्र की भाषा के रूप में चुना गया। संविधान सभा ने देवनागरी लिपी में लिखी हिंदी को राष्ट्र की आधिकारिक भाषा के तौर पर स्वीकार किया। 14 सितंबर, 1949 के दिन हिंदी को राजभाषा का दर्जा मिला। देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने कहा था कि इस दिन के महत्व को देखते हुए हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाएगा।