UPSC: यूपीएससी ने सिविल सेवा के लिए पेश किया नया पंजीकरण और ऑनलाइन आवेदन मॉड्यूल; DAF-I और DAF-II को हटाया
UPSC: यूपीएससी ने सिविल सेवा परीक्षा के लिए एक नया पंजीकरण और ऑनलाइन आवेदन मॉड्यूल पेश किया है। इसका उद्देश्य आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाना, परीक्षा प्रणाली को सुव्यवस्थित करना और संपूर्ण परीक्षा चक्र को अधिक प्रभावी बनाना है।
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UPSC: संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 के लिए एक नया पंजीकरण और ऑनलाइन आवेदन मॉड्यूल पेश किया है, जिससे विस्तृत आवेदन पत्र DAF-I और DAF-II को हटाया गया है। यह घोषणा केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने की।
मंत्री ने बताया कि इस नए मॉड्यूल का उद्देश्य उम्मीदवारों के लिए आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाना, परीक्षा प्रणाली को सुव्यवस्थित करना और संपूर्ण परीक्षा चक्र को अधिक प्रभावी बनाना है।
कार्मिक राज्य मंत्री सिंह ने कहा कि सिविल सेवा परीक्षा (CSE) UPSC द्वारा कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के अधिसूचित नियमों के तहत हर वर्ष आयोजित की जाती है।
राज्यसभा में दिया जवाब
राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में उन्होंने स्पष्ट किया, "UPSC ने CSE-2025 के लिए DAF-I और DAF-II को हटाकर नया पंजीकरण और ऑनलाइन आवेदन मॉड्यूल लागू किया है।"
मंत्री ने उन अधिसूचित नियमों का भी उल्लेख किया, जिनके अनुसार उम्मीदवारों को आवेदन पत्र भरते समय जन्म तिथि, आरक्षण श्रेणी और शैक्षणिक योग्यता से संबंधित आवश्यक जानकारी और दस्तावेज जमा करने होंगे।
नियमों में कहा गया है कि यदि कोई उम्मीदवार पंजीकरण और ऑनलाइन आवेदन पत्र में आवश्यक जानकारी या दस्तावेज जमा करने में विफल रहता है, तो उसकी उम्मीदवारी रद्द कर दी जाएगी।
UPSC हर साल भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय विदेश सेवा (IFS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों की भर्ती के लिए सिविल सेवा परीक्षा तीन चरणों - प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार में आयोजित करता है।
नए वैकल्पिक विषय शामिल करने के प्रस्ताव पर भी हुई समीक्षा
एक अन्य उत्तर में, मंत्री ने बताया कि वर्तमान में चिकित्सा विज्ञान सिविल सेवा (मुख्य) परीक्षा के लिए उपलब्ध वैकल्पिक विषयों में से एक है। उन्होंने यह भी कहा कि सिविल सेवा परीक्षा में नए वैकल्पिक विषयों को शामिल करने के प्रस्ताव की समीक्षा की गई थी, लेकिन इसे व्यावहारिक नहीं पाया गया।
सिंह यह उत्तर उस प्रश्न के संदर्भ में दे रहे थे, जिसमें यह पूछा गया था कि सिविल सेवा परीक्षाओं में फार्मेसी को वैकल्पिक विषय के रूप में क्यों नहीं जोड़ा गया है।