UPPCS Mains 2024: यूपीपीसीएस मेंस परीक्षा में हिंदी और निबंध से पाएं बेहतर रैंक, एक्सपर्ट से जानें टिप्स
UPPCS Mains 2024: आयोग के परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार मुख्य परीक्षा 29 जून, 2025 से शुरू होगी। अगर आप भी पीसीएस की मुख्य परीक्षा में शामिल होने वाले हैं, तो कुछ बातों को ध्यान में रखकर इन प्रश्न-पत्रों में मनचाहे अंक पा सकते हैं।
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UPPCS Mains Preparation: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा, जिसे आम बोलचाल की भाषा में यूपीपीसीएस भी कहा जाता है, के प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए हैं। आयोग के परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार मुख्य परीक्षा 29 जून, 2025 से शुरू होगी। इसमें शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी को आखिरी रूप देने का समय आ गया है।
मुख्य परीक्षा में हिंदी और निबंध के प्रश्न-पत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनमें थोड़ी-सी मेहनत करके अच्छे-खासे अंक हासिल किए जा सकते हैं। इससे न सिर्फ साक्षात्कार तक पहुंचने में मदद मिलती है, बल्कि अच्छी रैंक पाने की संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं। हालांकि, इसके लिए सही रणनीति और नियमित अभ्यास की जरूरत होती है।
अगर आप भी पीसीएस की मुख्य परीक्षा में शामिल होने वाले हैं, तो कुछ बातों को ध्यान में रखकर इन प्रश्न-पत्रों में मनचाहे अंक पा सकते हैं।
गद्यांश के सवालों के लिए
हिंदी समाचार पत्रों और महत्वपूर्ण पुस्तकों से गद्यांश पढ़ें और उनका सारांश बनाने की कोशिश करें। प्रश्न की प्रकृति को समझने के लिए पिछले वर्षों के प्रश्नों को देखें और उन्हें हल करें। इस खंड को समय से पूरा करने के लिए तेजी से पढ़ना व विश्लेषणात्मक कौशल विकसित करना बेहद जरूरी है। गद्यांश का सारांश 100-150 शब्दों में लिखने की आदत बनाएं। ऐसा तभी संभव है, जब आप अधिक से अधिक गद्यांश को हल करेंगे।
निबंध लिखने का सही तरीका
पीसीएस की परीक्षा में निबंध तीन खंडों में विभाजित होता है। हर भाग से एक-एक निबंध लिखना होता है। ऐसे में सही निबंध का चुनाव करना जरूरी हो जाता है। सही विषय चुन लेने के बाद उससे संबंधित विचारों को सोचने में कुछ समय बिताएं। मुख्य बिंदु, तर्क, उदाहरण और प्रासंगिक डाटा को नोट करते चलें। इसका फायदा आपको परीक्षा के दौरान मिलेगा। रोजाना एक या समकालीन विषयों पर सप्ताह में दो से तीन निबंध जरूर लिखें और सरल, लेकिन प्रभावी भाषा का उपयोग करें।
हिंदी व्याकरण और वर्तनी
कई छात्र व्याकरण पर कम ध्यान देते हैं, जबकि यह हिंदी के सभी खंडों में उपयोगी है। संधि, समास, उपसर्ग, प्रत्यय, रस, अलंकार, छंद को अच्छी तरह से समझें। इसके लिए पूर्व की परीक्षाओं में पूछे जाने वाले शब्दों पर ज्यादा ध्यान दें। हिंदी में मात्रात्मक गलतियां बिल्कुल भी क्षम्य नहीं हैं। इसलिए उत्तर लिखते समय वर्तनी और मात्राओं पर खास ध्यान दें।
नियमों को दोहराएं
आपको अपने हिंदी भाषा कौशल को बेहतर बनाने की कोशिश करनी चाहिए। अच्छी अध्ययन सामग्री और प्रामाणिक किताबों को तरजीह दें। बुनियादी गलतियों से बचने के लिए रोजाना व्याकरण के नियमों को दोहराएं, अपनी शब्दावली का विस्तार करें और नियमित रूप से हिंदी में लिखने का अभ्यास करें।