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UP Police: यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती में नहीं हुआ जातिगत भेदभाव; बोर्ड ने अफवाहों को किया खारिज

Sun, 16 Mar 2025 07:14 PM IST
आकाश कुमार जॉब्स डेस्क, अमर उजाला
जॉब्स डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Sun, 16 Mar 2025 07:14 PM IST
सार

UP Police: यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड ने सोशल मीडिया पर फैल रही जातिगत भेदभाव की अफवाहों को खारिज किया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि चयन केवल जाति प्रमाण पत्र के सत्यापन के आधार पर होगा, उपनाम के आधार पर नहीं। अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है।
 

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UP Police Recruitment Board Denies Caste Bias Claims, Selection Based on Certificate Verification
up police - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

UPPRPB UP Police: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने सोशल मीडिया पर फैल रही जातिगत भेदभाव की अफवाहों का खंडन किया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि चयन प्रक्रिया में उम्मीदवारों की जाति का निर्धारण केवल जाति प्रमाण पत्र के सत्यापन के आधार पर किया जाएगा, न कि उनके उपनाम के आधार पर।

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यह बयान बोर्ड द्वारा 13 मार्च को परिणाम जारी करने के कुछ दिन बाद आया है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 60,244 कांस्टेबल पदों को भरा जाएगा। यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा 23 से 31 अगस्त के बीच आयोजित हुई थी और अंतिम परिणाम आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in पर प्रकाशित किए गए थे। लिखित परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों को दस्तावेज़ सत्यापन (DV) और शारीरिक परीक्षण (PST) के लिए बुलाया गया था।

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भ्रामक टिप्पणियों का खंडन

बोर्ड ने प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट जारी कर कहा, "कुछ उम्मीदवारों के उपनाम और पद के आधार पर उनकी जाति को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक बातें फैलाई जा रही हैं। बोर्ड यह स्पष्ट करता है कि किसी भी उम्मीदवार को उपनाम या पद के आधार पर सफल या असफल घोषित नहीं किया जाता।"

सत्यापन प्रक्रिया का स्पष्टीकरण

पोस्ट में आगे बताया गया कि चयन केवल सक्षम अधिकारियों द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्रों के सत्यापन के बाद ही किया जाता है। अभिलेखों की जांच के लिए गठित डीवी बोर्ड, जिसमें उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (SDM) और पुलिस उपाधीक्षक (DSP) स्तर के अधिकारी शामिल होते हैं, मूल जाति प्रमाण पत्र का सत्यापन करते हैं। पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही उम्मीदवारों को सफल घोषित किया जाता है।

बोर्ड ने उम्मीदवारों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें।

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