जानिये कैसे इस IPS ऑफिसर ने कॉल सेंटर में काम करने के बाद UPSC क्रैक किया: Safalta Talks
सफलता का रास्ता मुश्किलों ढेरों चुनौतियों होता है, और इस रास्ते पर चलने के लिए जरूरत होती है तो कभी न हार मानने वाले जज्बे की। कुछ ऐसा ही किया है Safalta Talks का हिस्सा बन चुके IPS सूरज सिंह परिहार ने।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सफलता का रास्ता मुश्किलों ढेरों चुनौतियों होता है, और इस रास्ते पर चलने के लिए जरूरत होती है तो कभी न हार मानने वाले जज्बे की। कुछ ऐसा ही किया है Safalta Talks का हिस्सा बन चुके IPS सूरज सिंह परिहार ने। इनका सफर हर युवा के लिए प्रेरणा का स्रोत है। शुरू से ही पढ़ाई व स्पोर्ट दोनों में अच्छे सूरज सिंह की प्रारम्भिक शिक्षा एक हिंदी मीडियम स्कूल में हुई। बचपन में इन्हें इनके दादा द्वारा देश व मानवता की कहानियां सुनाई गईं, जिन्होंने इनके अंदर देशप्रेम की भावना की ज्योति प्रज्वलित की, जो आगे चलकर एक मशाल बनी।
अपनी स्कूलिंग के दौरान ही इन्होंने अपने लिखने के कौशल को सिद्ध किया। साल 2000 में इन्हें क्रिएटिव राइटिंग के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति द्वारा नेशनल बालश्री अवार्ड द्वारा सम्मानित किया गया। साल 2001 में बारहवीं में 81% अंक प्राप्त करने के बाद अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए सूरज सिंह ने ग्रेजुएशन में दाखिला लिया और साथ ही एक इंग्लिश स्पीकिंग कोचिंग इंस्टीट्यूट भी चलाने लगे। हालांकि कुछ ही दिनों में यह कोचिंग इंस्टीट्यूट बंद हो गया। जिसके बाद सूरज सिंह ने कई अन्य नौकरियों में भी हाथ आजमाया और आखिर में नोएडा के एक बीपीओ को ज्वाइन किया।
प्राइवेट नौकरी में भी बेहतरीन प्रदर्शन करने के बाद अपने IPS बनने के सपने को पूरा करने के लिए सूरज सिंह ने बीपीओ की नौकरी छोड़ दी, जिसके बाद इन्होंने दिल्ली में कोचिंग ज्वाइन किया। तैयारी करते हुए सूरज सिंह ने सबसे पहले बैंक पीओ की परीक्षा क्रैक की, फिर SSC CGL और बाद में IPS बने। इनका एक कॉल सेंटर से IPS बनने का सफर युवाओं के लिए बेहद खास है। अगर आप भी सूरज सिंह के इस सफर से जुड़ना चाहते हैं तो आज ही देखें ये वीडियो। अभी क्लिक करें