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Karnataka PSI Scam: क्या है कर्नाटक पीएसआई स्कैम, जिसे लेकर विपक्ष के निशाने पर है राज्य की भाजपा सरकार

Sat, 07 May 2022 04:47 PM IST
सुभाष कुमार जॉब डेस्क, अमर उजाला
जॉब डेस्क, अमर उजाला Published by: सुभाष कुमार Updated Sat, 07 May 2022 04:47 PM IST
सार

गृहमंत्री कहा कि सीआईडी कथित अनियमितताओं के मामले की जांच कर रही है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि योग्य उम्मीदवारों को न्याय मिले। मामले में कोई भी आरोपी हो उसे बख्शा नहीं जाएगा।

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Karnataka PSI Scam - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

कर्नाटक में इस समय पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती में कथित अनियमितता को लेकर सरकार पर विपक्ष बुरी तरह से हमलावर है। मामले में राज्य की भाजपा महिला ईकाई की पूर्व अध्यक्ष दिव्या हागरागी समेत कई अन्य को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, आगे जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी तो अन्य कई के गिरफ्तार होने की भी संभावना है। राज्य में विपक्षी दल सरकार पर जमकर निशाना साध रहे हैं तो वहीं, भाजपा सरकार मामले की निष्पक्ष जांच और सभी को न्याय दिलाने की बात कह रही है। ऐसे में अमर उजाला आपको बता रहा है कि क्या है पीएसआई भर्ती में कथित स्कैम और कैसे हुआ इसका खुलासा।

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क्या है यह घोटाला?
बाते साल अक्तूबर, 2021 में कर्नाटक पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा का आयोजन हुआ था। परीक्षा के माध्यम से कुल 545 सब इंस्पेक्टर की भर्ती होनी है। इस परीक्षा में कुल 54,041 उम्मीदवार शामिल हुए थे। लेकिन जनवरी, 2022 में परिणाम की घोषणा के बाद से ही कई उम्मीदवारों ने परीक्षा में अनियमितता के आरोप लगाने शुरू कर दिए। उम्मीदवारों का कहना था कि कई ने भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा में खराब प्रदर्शन किया था, लेकिन उन्हें बंपर अंक प्राप्त हुए थे। इसे लेकर राज्य के डीजीपी को पत्र भी लिखे गए। हालांकि, ऐसे किसी भी आरोप को नकार दिया गया। राज्य के गृहमंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने भी विधानसभा में इस भर्ती में किसी भी अनियमितता को लेकर इंकार किया था। 

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आरटीआई से हुआ खुलासा

मामले पर पहले सबूतों की मांग के बाद भर्ती में शामिल एक उम्मीदवार ने आरटीआई का सहारा लिया और परीक्षा की ओएमआर शीट को सार्वजनिक करने की मांग की। हालांकि, इसे राज्य पुलिस की भर्ती ईकाई ने ठुकरा दिया। कुछ समय बाद भर्ती में अनियमितता के एक आरोपी उम्मीदवार की ओएमआर शीट सार्वजनिक हुई और मामले का खुलासा हुआ। जानकारी के मुताबिक शुरुआती जांच के अनुसार वीरेश नाम के उम्मीदवार ने पेपर-2 में केवल 21 प्रश्नों को अटेम्प्ट किया था। लेकिन उसे 100 अंक मिले और 7वां स्थान भी प्राप्त हुआ। जबकि एक प्रश्न केवल 1.5 अंक का था।  
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गृहमंत्री ने सीआीईडी को सौंपी जांच

इस भर्ती में कथित अनियमितता को लेकर राज्य के गृहमंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने मामले की जांच को सीआईडी को सौंपने की बात कही। उन्होंने कहा कि सीआईडी कथित अनियमितताओं के मामले की जांच कर रही है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि योग्य उम्मीदवारों को न्याय मिले। मामले में कोई भी आरोपी हो उसे बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, राज्य के सीएम बसवराज बोम्मई ने भी राज्य की भाजपा सरकार मामले की जांच करवा रही है और सभी को न्याय मिलेगा। 

विपक्ष ने किया बड़ा हमला

पीएसआई भर्ती में कथित अनियमितता पर कर्नाटक में विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा है। कांग्रेस विधायक प्रिंयांक खड़्गे ने आरोप लगाया कि 300 से ज्यादा उम्मीदवारों ने इस भर्ती के लिए 70-80 लाख रुपये तक खर्च किए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने भी बड़ा दावा करते हुए पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती घोटाले में मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की सरकार के एक बड़े कैबिनेट मंत्री की संलिप्तता का आरोप लगाया है। 

जांच और कार्रवाई का दौर जारी

पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में अनियमितता के आरोप में अब तक 30 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है जबकि 10 आरोपियों के अब भी फरार होने की बात सामने आ रही है। आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) ने भाजपा कार्यकर्ता दिव्या हागरागी को गिरफ्तार किया है। वहीं,  कांग्रेस नेता रुद्रगौड़ा पाटिल और उनके छोटे भाई महंतेश पाटिल और दो पुलिस जवानों को भी गिरफ्तार किया गया है। सीआईडी ने परीक्षा में 125 से अंक लाने वाले 18 उम्मीदवारों की जांच भी शुरू की है। 

रद्द की गई परीक्षा

पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती में अनियमितता की उजागर होने के बाद राज्य सरकार ने परीक्षा को रद्द कर दिया है। गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने बेंगलुरु में संवाददाताओं से कहा कि पीएसआई (PSI) भर्ती परीक्षा में कथित कदाचार का मामला सामने आया है। इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। इसलिए, नवंबर 2021 में आयोजित की गई परीक्षा रद्द कर दी गई है और एक और परीक्षा जल्द आयोजित की जाएगी।
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