Kerala PSC Exam: अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर, पेपर गड़बड़ी के कारण केरल पीएससी की भर्ती परीक्षा हुई रद्द
Kerala PSC Exam Cancelled: केरल लोक सेवा आयोग को उस समय बड़ा झटका लगा जब एक परीक्षा केंद्र पर प्रश्नपत्र में गड़बड़ी सामने आने के बाद राज्यव्यापी भर्ती परीक्षा रद्द करनी पड़ी। यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब आयोग पहले से ही भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर जांच के दायरे में है।
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Kerala PSC Exam: केरल लोक सेवा आयोग (PSC) को शनिवार को बड़ा झटका लगा, जब अलाप्पुझा के एक परीक्षा केंद्र पर प्रश्नपत्र में गड़बड़ी पाए जाने के बाद राज्यभर में आयोजित होने वाली भर्ती परीक्षा रद्द करनी पड़ी। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब आयोग पहले से ही भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर जांच का सामना कर रहा है।
रद्द की गई परीक्षाएं लास्ट ग्रेड सर्वेंट्स (LGS) और स्टोरमैन पदों के लिए आयोजित की जानी थीं। ये परीक्षाएं शनिवार दोपहर 2 बजे शुरू होनी थीं और इनके लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता एसएसएलसी (10वीं पास) निर्धारित थी। पीएससी ने तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए परीक्षा रद्द करने की घोषणा की है।
कैसे हुई गड़बड़ी और अभ्यर्थियों पर क्या पड़ा असर?
अलाप्पुझा के लाजनाथ स्कूल परीक्षा केंद्र पर अधिकारियों से बड़ी चूक हो गई। उन्होंने गलती से दोपहर की परीक्षा के लिए निर्धारित प्रश्नपत्र सुबह के सत्र में शामिल अभ्यर्थियों को बांट दिया। बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के कारण प्रारंभिक परीक्षा को सुबह और दोपहर, दो सत्रों में आयोजित किया जाना था।
यह गलती सुबह की परीक्षा समाप्त होने के बाद सामने आई। इसके बाद केरल लोक सेवा आयोग (PSC) के पास राज्यभर में दोपहर के सत्र की परीक्षा रद्द करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा। आयोग ने कहा है कि परीक्षा की नई तारीख बाद में घोषित की जाएगी। इस फैसले से हजारों अभ्यर्थियों को परेशानी हुई, क्योंकि वे महीनों से परीक्षा की तैयारी कर रहे थे और परीक्षा केंद्रों तक पहुंच चुके थे।
पीएससी पर पहले से भी चल रही है जांच
इस घटना के बाद परीक्षा संचालन में हुई प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी लापरवाही की जांच की मांग तेज हो गई है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब केरल लोक सेवा आयोग (PSC) पहले से ही एक अन्य भर्ती विवाद को लेकर जांच के दायरे में है। क्राइम ब्रांच फिलहाल केरल राज्य योजना बोर्ड में हुई एक विवादित भर्ती से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है।
विवाद तब शुरू हुआ था, जब आरोप लगे कि रैंक सूची तैयार करने से पहले 10 उत्तरों का मूल्यांकन नहीं किया गया था। इसी भर्ती में एक वामपंथी संगठन के नेता ने पहला स्थान हासिल किया था, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। हाल ही में राज्य सूचना आयोग ने पीएससी को भर्ती से जुड़े वे सभी दस्तावेज सात दिनों के भीतर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, जिन्हें सूचना के अधिकार (RTI) के तहत उम्मीदवारों से साझा नहीं किया गया था। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने मामले की जांच शुरू कर दी।