Jobs 2025: फाइनल ऑफर के बाद नहीं मिल रही नौकरी! फ्रेशर्स की बढ़ी परेशानी, कंपनियों में जॉइनिंग लेटर में देरी
Jobs 2025: फ्रेशर्स को नौकरी पाने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कंपनियां ऑफर लेटर देने में देरी कर रही हैं या फाइनल ऑफर के बाद भी जॉइनिंग नहीं दे रही हैं।
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Jobs for Freshers: नए स्नातकों यानी फ्रेशर्स को नौकरी पाने के लिए कठिन संघर्ष से गुजरना पड़ रहा है। हालात यह है कि कंपनियां फाइनल ऑफर देने के बाद भी रोजगार नहीं दे रही हैं। कुछ ने तो उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट कर लिया, फिर भी ऑफर लेटर नहीं दिया। कई ने फाइनल ऑफर देने के बाद भी नौकरी देने से मना कर दिया।
कुछ शीर्ष कॉलेजों में नए स्नातकों को अब तक के सबसे कठिन प्लेसमेंट वर्षों में से एक का सामना करना पड़ रहा है। कॉलेज सूत्रों और शीर्ष कंपनी अधिकारियों के अनुसार, प्रमुख संगठनों द्वारा प्रवेश में आधे से अधिक की गिरावट आई है। देशों के बीच तनाव और उथल-पुथल के साथ आर्थिक चुनौतियों के बीच लोगों की कम जरूरत के कारण भारतीय कंपनियां नए लोगों की नियुक्ति को लेकर सतर्क हो गई हैं। करीब आधा दर्जन अंडरग्रेजुएट संस्थानों के अधिकारियों के मुताबिक, कई उम्मीदवार अपने फाइनल इंटरव्यू का इंतजार कर रहे हैं। कुछ उम्मीदवारों को कई चरण के इंटरव्यू के बाद भी अधर में लटकाए रखा गया है।
कैंपस साक्षात्कार के लिए दोगुनी कंपनियां आईं
मुंबई के प्रमुख सेंट जेवियर्स, जय हिंद, फादर एग्नेल और सेंट फ्रांसिस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी जैसे कॉलेजों में प्लेसमेंट प्रतिशत में पिछले वर्ष की तुलना में गिरावट आई है। अग्रणी यूजी कॉलेजों में से एक सेंट जेवियर्स में इस वर्ष प्लेसमेंट संख्या पिछले वर्षों की तुलना में कम रही। हालांकि कैंपस साक्षात्कार के लिए दोगुनी संख्या में कंपनियां आईं।
70% तक रहा भर्ती का अनुपात
सेंट जेवियर्स कॉलेज में प्लेसमेंट के लिए इस साल करीब 89 कंपनियां आईं। पिछले साल 40-42 कंपनियां आईं थीं। बड़ी कंपनियों की भर्ती की संख्या पिछले साल की तुलना में 50-70 फीसदी रही। शीर्ष भर्तीकर्ताओं में एसेंचर, आईडीएफसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, ईवाई, आईसीआईसीआई, एचएसबीसी और डेलॉय शामिल थीं।