HPPSC: हिमाचल में खराब मौसम के कारण एचपी फॉरेस्ट सर्विस प्रारंभिक परीक्षा टली; नौ सितंबर को होना था एग्जाम
HP Forest Service Prelims 2025: हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ने खराब मौसम और आपदा की स्थिति को देखते हुए एचपी फॉरेस्ट सर्विस प्रीलिम्स परीक्षा 2025 को स्थगित कर दिया है। यह परीक्षा अब 5 अक्तूबर को आयोजित की जाएगी, जबकि पहले इसकी तिथि 9 सितंबर तय की गई थी।
विस्तार
HPPSC Exam Postponed 2025: हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग (HPPSC) ने हिमाचल प्रदेश फॉरेस्ट सर्विस (ACF) प्रीलिम्स परीक्षा 2025 को स्थगित कर दिया है। यह परीक्षा अब 5 अक्तूबर 2025 को आयोजित की जाएगी। पहले यह परीक्षा 9 सितंबर को प्रस्तावित थी, लेकिन राज्य में लगातार खराब मौसम और आपदा जैसी स्थिति के कारण इसे टालना पड़ा।
एचपीपीएससी ने अपनी आधिकारिक अधिसूचना में कहा है कि खराब मौसम के चलते उम्मीदवारों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परीक्षा की तारीख आगे बढ़ाई गई है।
छात्रों की मांग पर लिया गया फैसला
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य इस समय प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है और ऐसे हालात में छात्रों के लिए परीक्षा में शामिल होना बेहद कठिन हो रहा था। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से छात्रों ने परीक्षा टालने की अपील की थी।सीएम सुक्खू ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “आपकी कठिनाइयों और भावनाओं का सम्मान करते हुए परीक्षा को स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। अब यह परीक्षा 5 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी। आप सभी मेहनत और तैयारी जारी रखें।”
स्कूल-कॉलेज भी बंद
इस बीच, शिमला के उपायुक्त अनुपम कश्यप ने भारी बारिश को देखते हुए आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत आदेश जारी किए हैं। इसके तहत सभी सरकारी और निजी शैक्षणिक संस्थान जैसे स्कूल, कॉलेज, पॉलिटेक्निक, आईटीआई, कोचिंग सेंटर और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।प्रारंभिक परीक्षा में शामिल विषय
हिमाचल प्रदेश वन सेवा (सहायक वन संरक्षक) की प्रारंभिक परीक्षा दो घंटे की होगी और इसमें कुल 100 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे, प्रत्येक का एक अंक। इसमें हिमाचल प्रदेश का इतिहास, भूगोल और सामाजिक-आर्थिक विकास शामिल होगा। साथ ही, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व की ताजा घटनाओं और रोजमर्रा के जीवन से जुड़े सरल वैज्ञानिक ज्ञान पर भी सवाल होंगे।
इसके अलावा, भारत का आधुनिक इतिहास (1857 के बाद), भारतीय संस्कृति, राजनीति, अर्थव्यवस्था, भूगोल, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण और लैंगिक मुद्दे, साथ ही महात्मा गांधी की शिक्षाओं से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे।