ISRO: इसरो में कैसे मिलती है नौकरी? जानें कौन सा कोर्स करके इस क्षेत्र में बन सकता है करियर
Career in ISRO: बहुत सारे युवाओं का सपना होता है इसरो जैसी प्रतिष्ठित स्पेस एजेंसी में नौकरी करना। हालांकि, इसके लिए एकेडमिक्स में बहुत प्रदर्शन करना जरूरी है। यहां बताया गया है कि इसरो में नौकरी पाने का तरीका क्या है। किन तरीकों से आपकों यहां नौकरी मिल सकती है।
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How to get job in ISRO: दुनिया की सबसे बड़ी स्पेस कंपनियों में शुमार इसरो में नौकरी करना बहुत सारे युवाओं का सपना होता है। स्पेस में रुचि रखने वालों और इस क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वालों को मैथ्स की पढ़ाई करना बहुत जरूरी है। साथ ही, इस क्षेत्र में नौकरी पाने के लिए एकेडमिक्स में बहुत प्रदर्शन करना जरूरी है।
बढ़िया स्कोर करके ही आप यहां के लिए सेलेक्ट हो सकते हैं और एंट्रेंस एग्जाम पास करने के बावजूद इंटरव्यू में आपके एकेडमिक रिकॉर्ड को देखा जाता है।
कैसे होती है शुरुआत?
इसरो ज्वॉइन करने के कई तरीके हैं। इनमें पहला तरीका यह है कि आपको संबंधित विषय से ग्रेजुएशन करनी होगी और फिर इसरो प्लेसमेंट के समय आपको सेलेक्ट कर सकता है। इसके अलावा, आपके पास 11वीं-12वीं में मैथ्स, फिजिक्स विषय होने चाहिए और कम से कम 75 प्रतिशत या इससे अधिक मार्क्स स्कोर करना जरूरी है।
यहां से करें ग्रेजुएशन
ग्रेजुएशन भी आपको देश के प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे आईआईएससी, आईआईटी या एनआआईटी से करनी होगी। सबसे जरूरी है कि ग्रेजुएशन बीटेक फिजिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन, एयरोस्पेस इंजीनियरिंग जैसे विषयों से करें। सबसे तेज तरीका यह है कि आप इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस टेक्नोलॉजी में सिलेक्ट हो जाएं। इसरो हर साल अपनी जरूरत के हिसाब से यहां से छात्रों का चयन करता रहता है।
इसरो का टेस्ट पास करें और चयन पूरा हो जाएगा
इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन सेंट्रलाइज्ड रिक्रूटमेंट बोर्ड द्वारा इसरो में भर्ती के लिए साल में एक बार टेस्ट आयोजित किया जाता है। ग्रेजुएशन के बाद इस परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा, यहां बताए गए कोर्स करने से भी इसरो जाने की राह आसान हो जाती है:
- बीटेक इन एयरोस्पेस इंजीनियरिंग
- बीटेक इन एवियॉनिक्स इंजीनियरिंग
- बैचलर्स और मास्टर्स इन फिजिक्स
- पीएचडी इन फिजिक्स
- एमटेक इन इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल, मैकेनेकिल और कंप्यूटर साइंस
- पीएचडी इन एयरोस्पेस इंजीनियरिंग
- मास्टर इन एस्ट्रोनॉमी
- पीएचडी इन एस्ट्रोनॉमी
इन संस्थानों से कर सकते हैं कोर्स
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बैंगलुरु
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, बॉम्बे
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस एंड टेक्नोलॉजी, तिरुवनंतपुरम
- आईआईटी, खड़गपुर
- आईआईटी, कानपुर
12वीं के बाद कौन सा कोर्स करें?
जेईई एडवांस्ड परीक्षा के बाद बीई/बीटेक करके इस फील्ड में जान सकते हैं। इसके अलावा, किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना या स्टेट और सेंटर के बोर्ड बेस्ड एप्टीट्यूड टेस्ट पास करके भी इस फील्ड में जा सकते हैं।