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केंद्र सरकार में मिलेंगी बंपर नौकरियां: मंत्रालयों और विभागों को नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश

Tue, 08 Jun 2021 06:34 PM IST
Harendra Chaudhary जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Tue, 08 Jun 2021 06:34 PM IST
सार

केंद्र सरकार के 73 मंत्रालयों और विभागों की स्थिति ऐसी थी कि उनमें जितने पद स्वीकृत हैं, वे भी पूरी तरह नहीं भरे जा सके। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को छोड़कर एक भी ऐसा मंत्रालय या विभाग नहीं था, जहां पर स्वीकृत पदों की संख्या के बराबर भर्ती कर ली गई हो...

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Department of Personnel and Training has issued guidelines to all the ministries and departments regarding vacancies
सरकारी नौकरी - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

केंद्र सरकार में नौकरियों का पिटारा खुलने जा रहा है। काबिल युवाओं को बंपर नौकरियां मिलेंगी। कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग 'डीओपीटी' ने इसे लेकर सभी मंत्रालयों और विभागों को दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। भर्ती प्रक्रिया एक तय समय सीमा के अंतर्गत पूरी होगी। सभी केंद्रीय मंत्रालय एवं विभाग, समय-समय पर डीओपीटी को लिखित में बताएंगे कि उनके यहां पर कितने खाली पद पड़े हैं। कितने भरे गए हैं और जो खाली रह गए हैं, उनकी क्या वजह है। वे पद कब तक भरे जाएंगे, ये सब बताना होगा। इन पदों में ग्रुप ए, ग्रुप बी और ग्रुप सी की नौकरियां शामिल हैं। पदोन्नति के द्वारा कितने पद भरे गए हैं, सीधी भर्ती का ब्यौरा और अन्य तरीके से हुई भर्ती, ये जानकारी भी डीओपीटी के पास भेजी जाएगी।

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बता दें कि केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में भर्तियों को लेकर आए दिन प्रदर्शन होना आम बात है। विभिन्न केंद्रीय कर्मचारी संगठन, खाली पड़े पदों को भरने के लिए सरकार पर दबाव डालते रहते हैं। रिक्त पड़े पदों के कारण मंत्रालयों और विभागों का कामकाज प्रभावित होता है। कोरोनाकाल में अनेक पदों को रिटायर्ड कार्मिकों को नियुक्ति पत्र देकर भरा गया है। ऐसे में कई तरह के मापदंडों का उल्लंघन भी हुआ है। हाल ही में सीवीसी ने इस तरह की भर्ती पर ऐतराज जताया था। सीवीसी का कहना था कि रिटायर्ड लोगों को भर्ती करने से पहले विजिलेंस की मंजूरी नहीं ली जा रही। यह एक गलत परंपरा है। मनमर्जी से पदों का विज्ञापन जारी कर दिया जाता है। इससे भर्ती के मौलिक नियमों और संगठन के सिद्धांतों का उल्लंघन होता है।

पिछले संसद सत्र के दौरान लोकसभा में पूछे एक सवाल का जवाब देते हुए कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन मंत्रालय तथा प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने केंद्रीय स्तर पर खाली पड़े पदों के बारे में जानकारी दी थी। केंद्र सरकार के 73 मंत्रालयों और विभागों की स्थिति ऐसी थी कि उनमें जितने पद स्वीकृत हैं, वे भी पूरी तरह नहीं भरे जा सके। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को छोड़कर एक भी ऐसा मंत्रालय या विभाग नहीं था, जहां पर स्वीकृत पदों की संख्या के बराबर भर्ती कर ली गई हो। कैबिनेट सचिवालय, गृह मंत्रालय, परमाणु ऊर्जा, रक्षा (सिविल), व्यय, रेलवे, ग्रामीण विकास, अंतरिक्ष और संसदीय कार्य सहित सभी मंत्रालयों एवं विभागों में 3802779 पद स्वीकृत हैं, जबकि यहां पदस्थ कार्मिकों की संख्या 3118956 बताई गई है।

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यह सवाल भी पूछा गया था, क्या फरवरी 2021 की स्थिति के अनुसार, केंद्र सरकार के मंत्रालयों, विभागों और पीएसयू में विभिन्न समूहों के लगभग सात लाख पद खाली पड़े हैं। इसके जवाब में डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया, फरवरी 2021 तक पीएसयू की रिक्तियों का विवरण उपलब्ध नहीं है। मार्च 2016 और मार्च 2018 की स्थिति के मुताबिक, सरकारी कार्मिकों का डाटा मौजूद है। साल 2016 में स्वीकृत पदों की संख्या 3633935 के मुकाबले पदस्थ कर्मियों का आंकड़ा 3221183 रहा था। 2018 में 38 लाख स्वीकृत पदों की तुलना में 31 लाख कार्मिक पदस्थ थे।

डीओपीटी ने गत सप्ताह जारी अपने निर्देशों में कहा है, सभी मंत्रालय यह भी बताएंगे कि वे कितने समय के भीतर इन पदों को भरेंगे। इसके लिए उन्हें यूपीएससी या एसएससी से जो समन्वय करना है, वह समय रहते कर लें। भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद उसे किन्हीं कारणों से टाला नहीं जाएगा। उसकी तिथि आगे भी नहीं बढ़ेगी। वजह, इसका नुकसान उन लाखों उम्मीदवारों को होता है जो अपनी शिक्षा व आयु के मुताबिक इन पदों के लिए आवेदन करते हैं। सभी मंत्रालय व विभाग यह जानकारी देंगे कि उन्होंने फलां अवधि में इतने पदों पर स्थायी नियुक्ति, पदोन्नति के जरिए पद भरना या किसी अन्य तरीके से नियुक्ति की है। खाली पदों को भरने के लिए क्या तरीका अपनाया गया है। नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद अगर पद खाली पड़े रहते हैं तो उसका क्या कारण है। वे पद दोबारा से कब तक भरे जाएंगे, यह जानकारी देनी पड़ेगी। मंत्रालयों को भर्ती से संबंधित एक्शन टेकन रिपोर्ट भेजनी होगी।

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