जेल से बाहर आने को तैयार नहीं यशवंत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भाजपा के झारखंड राज्य इकाई के नेताओं ने बुधवार को जयप्रकाश नारायण जेल में यशवंत सिन्हा से मुलाकात की।
इस मुलाकात में बीजेपी के नेताओं ने यशवंत सिन्हा को बेल के लिए अर्जी देने की गुजारिश दी। उन्होंने कहा कि वे जेल से बाहर आएं और राज्य में बिजली की समस्या को लेकर जो विरोध प्रदर्शन जारी है उसमें हिस्सा लें और आगे बढ़ाएं।
लेकिन इसके जवाब में यशवंत सिन्हा ने बेल की अर्जी देने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें और उनके कार्यकर्ताओं को गैरकानूनी तरीके से गिरफ्तार किया गया है। वे लोग शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे और उन्होंने किसी तरह का कानून नहीं तोड़ा है।
यशवंत सिन्हा ने कहा कि वे तभी जेल से बाहर आएंगे जब प्रशासन उनके खिलाफ लगाए गए सभी तरह के ये गैरकानूनी मामले वापस ले लेंगे।
क्या था मामला?
यशवंत सिन्हा और भाजपा कार्यकर्ताओं पर आरोप है कि हज़ारीबाग़ में बिजली संकट को लेकर किए गए आंदोलन के दौरान उन्होंने बिजली विभाग के महाप्रबंधक धनेश झा के साथ बदसलूकी की थी।
ये भी आरोप है कि उन्होंने सरकारी काम में बाधा पहुंचाई और साथ ही बिजली अधिकारी को बंधक भी बना लिया बिजली अधिकारी को मौके पर पहुंचे प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने मुक्त कराया।
पुलिस के मुताबिक इस आंदोलन का नेतृत्व यशवंत सिन्हा कर रहे थे लिहाज़ा उन्हें भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक के मुताबिक इस बाबत महाप्रबंधक ने पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई थी।
मामले की जांच शुरू
इधर बीजेपी कार्यकर्ता उमा पाठक समेत कुछ अन्य महिलाओं ने सदर थाने में ही बिजली विभाग के महाप्रबंधक धनेश झा के खिलाफ़ एक प्राथमिकी दर्ज कराई है।
इस प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि वे बिजली की समस्या को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रही थीं तब वहां पर बिजली अधिकारियों ने उनके साथ अभद्रता की उनके साथ धक्का मुक्की भी की गई।
पुलिस का कहना है कि महिलाओं द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी में जांच शुरू कर दी गई है